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सड़क हादसा : सभी मृतकों की हुई शिनाख्त
Thu, 11 Jul 2024 03:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 11 Jul 2024 03:33 AM IST
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बाजारशुकुल (अमेठी)। थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार रात हुए हादसे में मरने वाले पांचों लोगों की पहचान हो गई है। पुलिस ने बुधवार को बाकी दो मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। शिनाख्त के बाद परिजनों के हवाले कर दिया है।
महराजगंज जिले के रहने वाले दोनों युवक भाई थे। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बाजारशुकुल इलाके में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार रात पारा गांव के पास एक स्लीपर बस कंटेनर से टकरा गई थी। हादसे में दिल्ली से बिहार जा रही बस में सवार पांच लोगाें की मौत हो गई थी, और 11 अन्य लोग घायल हुए थे। घायलों में अधिकांश लोगों की इलाज के बाद मंगलवार को छुट्टी हो गई थी। मंगलवार को तीन लोगों की पहचान हो गई थी, लेकिन दो लोगों की शिनाख्त बाकी थी।
बुधवार को महाराजगंज के पुरैना बाजार थाना क्षेत्र के रामपुर तिवारी गांव निवासी जमालुददीन बाजार शुकुल थाने पहुंचे। इसके बाद शव पोस्टमार्टम हाउस गए। उन्होंने दो शवों की पहचान अपने सगे भाइयों के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक दो लोगों की पहचान जमालुददीन ने अपने भाई साहेब अली (35) और शाहिल अली (30) पुत्रगण इस्माइल के रूप में की है।
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बैग में खिलौने व मिठाई देख फफक कर रो पड़े जमालुददीन
भाइयों शवों की पहचान दौरान जब जमालुददीन ने अपने भाई साहेब अली का बैग देखा। बैग की पहचान करने के बाद उन्होंने उसे खोला तो उसमें साहेब अली की बेटी के लिए खिलौने व बेटे के बेल्ट रखी थी। मिठाइयां भी थीं। यह देखकर वह फफक कर रो पड़े।
साहेब अली व शाहिल दिल्ली में रहकर पेंटिंग का काम करते थे। एक माह बाद शाहिल की शादी होनी थी। इसके चलते दोनों भाई घर जा रहे थे। घर में साहेब अली की पत्नी साजरा खातून, ग्यारह वर्षीय बेटी आफरीन व नौ साल का बेटा तस्लीम, पांच साल की छोटी बेटी सना उसका इंतजार कर रहे थे। बच्चों के लिए साहेब अली खिलौने व मिठाई ले जा रहा था। घर पहुंचने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गया।
...तो डेंजर जोन बन गया तीन किमी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का क्षेत्र
बाजार शुकुल (अमेठी)। थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 66 से 79 के बीच हो रहे हादसों से करीब तीन किलो मीटर का क्षेत्र डेंजर जोन साबित हो रहा है। क्षेत्र में हो रहे सड़क हादसों में कई लोगों की जान चली गई, और दर्जनों लोग जख्मी हो चुके हैं।
यहां हाईस्पीड पर मौत के ब्रेक से कई जिंदगियां चली गईं। इंसानी खून से क्षेत्र की सड़क लाल हो रही है। जिम्मेदार हादसों के बाद खानापूरी के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। बस हाईस्पीड को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सोमवार देर रात पारा गांव के पास किमी 68.8 पर गांव के पास हुए हादसे में पांच लोगों की और 11 लोग घायल हुए हैं। यह ऐसे पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी इस इलाके में कई घटनाएं हो चुकी हैं।
छह जुलाई को इसी घटना स्थल के एक किलो मीटर के दायरे में ही किलो मीटर 68 के पास स्लीपर बस पलटने से 38 लोग घायल हो गए थे। यह बस भी ओवर स्पीड व चालक की लापरवाही से पलटी थी। इसके अलावा 17 मई को एक कंटेनर 15 फिट नीचे गिर गया था। जिसमें मैनपुरी निवासी चालक की अश्वनी की मौत हो गई थी और खलासी अरबाज बालबाल बचा था।
नौ अप्रैल को किलो मीटर 67 के पास एक तेज रफ्तार कार टैंकर से टकरा गई थी। गुजरात के एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसके तीन साथी जख्मी हुए थे। यहां 28 नवंबर 23 को सित्थन गांव के पास खड़े ट्रक में शामली से आंबेडकरनगर जा रही बस टकरा गई थी। जिसमें 28 लोग घायल हुए थे।
लोगों ने मानना है कि इन हादसों में ओवर स्पीड और चालक की लापरवाही सबसे बड़ी वजहे हैं। हाइवे पर पहुंच कर लोग जिंदगी का जोखिम भूल कर रफ्तार की उड़ान भरने लगते हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही मौत का कारण बन जाती है।
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महराजगंज जिले के रहने वाले दोनों युवक भाई थे। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बाजारशुकुल इलाके में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार रात पारा गांव के पास एक स्लीपर बस कंटेनर से टकरा गई थी। हादसे में दिल्ली से बिहार जा रही बस में सवार पांच लोगाें की मौत हो गई थी, और 11 अन्य लोग घायल हुए थे। घायलों में अधिकांश लोगों की इलाज के बाद मंगलवार को छुट्टी हो गई थी। मंगलवार को तीन लोगों की पहचान हो गई थी, लेकिन दो लोगों की शिनाख्त बाकी थी।
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बुधवार को महाराजगंज के पुरैना बाजार थाना क्षेत्र के रामपुर तिवारी गांव निवासी जमालुददीन बाजार शुकुल थाने पहुंचे। इसके बाद शव पोस्टमार्टम हाउस गए। उन्होंने दो शवों की पहचान अपने सगे भाइयों के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक दो लोगों की पहचान जमालुददीन ने अपने भाई साहेब अली (35) और शाहिल अली (30) पुत्रगण इस्माइल के रूप में की है।
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बैग में खिलौने व मिठाई देख फफक कर रो पड़े जमालुददीन
भाइयों शवों की पहचान दौरान जब जमालुददीन ने अपने भाई साहेब अली का बैग देखा। बैग की पहचान करने के बाद उन्होंने उसे खोला तो उसमें साहेब अली की बेटी के लिए खिलौने व बेटे के बेल्ट रखी थी। मिठाइयां भी थीं। यह देखकर वह फफक कर रो पड़े।
साहेब अली व शाहिल दिल्ली में रहकर पेंटिंग का काम करते थे। एक माह बाद शाहिल की शादी होनी थी। इसके चलते दोनों भाई घर जा रहे थे। घर में साहेब अली की पत्नी साजरा खातून, ग्यारह वर्षीय बेटी आफरीन व नौ साल का बेटा तस्लीम, पांच साल की छोटी बेटी सना उसका इंतजार कर रहे थे। बच्चों के लिए साहेब अली खिलौने व मिठाई ले जा रहा था। घर पहुंचने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गया।
...तो डेंजर जोन बन गया तीन किमी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का क्षेत्र
बाजार शुकुल (अमेठी)। थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 66 से 79 के बीच हो रहे हादसों से करीब तीन किलो मीटर का क्षेत्र डेंजर जोन साबित हो रहा है। क्षेत्र में हो रहे सड़क हादसों में कई लोगों की जान चली गई, और दर्जनों लोग जख्मी हो चुके हैं।
यहां हाईस्पीड पर मौत के ब्रेक से कई जिंदगियां चली गईं। इंसानी खून से क्षेत्र की सड़क लाल हो रही है। जिम्मेदार हादसों के बाद खानापूरी के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। बस हाईस्पीड को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सोमवार देर रात पारा गांव के पास किमी 68.8 पर गांव के पास हुए हादसे में पांच लोगों की और 11 लोग घायल हुए हैं। यह ऐसे पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी इस इलाके में कई घटनाएं हो चुकी हैं।
छह जुलाई को इसी घटना स्थल के एक किलो मीटर के दायरे में ही किलो मीटर 68 के पास स्लीपर बस पलटने से 38 लोग घायल हो गए थे। यह बस भी ओवर स्पीड व चालक की लापरवाही से पलटी थी। इसके अलावा 17 मई को एक कंटेनर 15 फिट नीचे गिर गया था। जिसमें मैनपुरी निवासी चालक की अश्वनी की मौत हो गई थी और खलासी अरबाज बालबाल बचा था।
नौ अप्रैल को किलो मीटर 67 के पास एक तेज रफ्तार कार टैंकर से टकरा गई थी। गुजरात के एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसके तीन साथी जख्मी हुए थे। यहां 28 नवंबर 23 को सित्थन गांव के पास खड़े ट्रक में शामली से आंबेडकरनगर जा रही बस टकरा गई थी। जिसमें 28 लोग घायल हुए थे।
लोगों ने मानना है कि इन हादसों में ओवर स्पीड और चालक की लापरवाही सबसे बड़ी वजहे हैं। हाइवे पर पहुंच कर लोग जिंदगी का जोखिम भूल कर रफ्तार की उड़ान भरने लगते हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही मौत का कारण बन जाती है।