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धान खरीद के लिए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था खत्म
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गौरीगंज (अमेठी)। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने में किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को शासन ने समाप्त कर दिया है। ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत होगी। अब पंजीयन के बाद क्रय केंद्र पर आवेदन जमा करने वाले किसानों को क्रय केंद्र प्रभारी ऑफलाइन टोकन देंगे।
किसानों को उनकी उपज का निर्धारित समर्थन मूल्य दिलाने के लिए जिले में छह एजेंसी के 69 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्रय केंद्रों पर यूपीएसएस के आठ व लक्ष्मी कार्प के तीन क्रय केंद्र निर्धारित से अधिक खरीद करने पर शासन द्वारा बंद कराए जा चुके हैं। ऐसे में वर्तमान में सिर्फ चार एजेंसी के 58 क्रय केंद्रों पर प्वांइट ऑफ परचेज मशीन से खरीद हो रही है।
खरीद व्यवस्था में बिचौलियों का प्रभाव रोकने के लिए पिछले दिनों शासन ने ऑनलाइन टोकन सिस्टम शुरू किया था। ऑनलाइन टोकन सिस्टम किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया था। सुबह एक मिनट में ही बुकिंग पूरी होने से किसानों को नंबर नहीं मिल पाता था। किसानों की परेशानी को देखते हुए शासन ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त कर किसानों को राहत दी है।
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नई व्यवस्था के तहत किसानों को पंजीकरण कराने के बाद अपना आवेदन संबंधित क्रय केंद्र पर जमा करना होगा। जहां क्रय केंद्र प्रभारी प्रतिदिन क्रय केंद्रों को 200 क्विंटल धान खरीद के लक्ष्य के अनुसार तिथि व समय का निर्धारित कर नंबर जारी करेंगे। जारी तिथि व समय पर किसान क्रय केंद्र अपनी फसल बेच सकेगा।
दिए गए निर्देश
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त करते हुए क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन ऑफलाइन टोकन जारी कर खरीद करने का निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके किसानों से फसल खरीद में क्रय केंद्र प्रभारी हीलाहवाली नहीं कर सकें इसके लिए धान खरीद की निगरानी कराई जा रही है। किसानों से धान खरीद नहीं होने की दशा में क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों को उनकी उपज का निर्धारित समर्थन मूल्य दिलाने के लिए जिले में छह एजेंसी के 69 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्रय केंद्रों पर यूपीएसएस के आठ व लक्ष्मी कार्प के तीन क्रय केंद्र निर्धारित से अधिक खरीद करने पर शासन द्वारा बंद कराए जा चुके हैं। ऐसे में वर्तमान में सिर्फ चार एजेंसी के 58 क्रय केंद्रों पर प्वांइट ऑफ परचेज मशीन से खरीद हो रही है।
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खरीद व्यवस्था में बिचौलियों का प्रभाव रोकने के लिए पिछले दिनों शासन ने ऑनलाइन टोकन सिस्टम शुरू किया था। ऑनलाइन टोकन सिस्टम किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया था। सुबह एक मिनट में ही बुकिंग पूरी होने से किसानों को नंबर नहीं मिल पाता था। किसानों की परेशानी को देखते हुए शासन ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त कर किसानों को राहत दी है।
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नई व्यवस्था के तहत किसानों को पंजीकरण कराने के बाद अपना आवेदन संबंधित क्रय केंद्र पर जमा करना होगा। जहां क्रय केंद्र प्रभारी प्रतिदिन क्रय केंद्रों को 200 क्विंटल धान खरीद के लक्ष्य के अनुसार तिथि व समय का निर्धारित कर नंबर जारी करेंगे। जारी तिथि व समय पर किसान क्रय केंद्र अपनी फसल बेच सकेगा।
दिए गए निर्देश
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त करते हुए क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन ऑफलाइन टोकन जारी कर खरीद करने का निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके किसानों से फसल खरीद में क्रय केंद्र प्रभारी हीलाहवाली नहीं कर सकें इसके लिए धान खरीद की निगरानी कराई जा रही है। किसानों से धान खरीद नहीं होने की दशा में क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।