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Amethi News: कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए
Fri, 09 Oct 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:44 AM IST
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मुसाफिरखाना कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत : स्थानीय
मुसाफिरखाना। गांधी पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को जीवन की कठिन परिस्थितियों से जुड़ी सीख दी गई। उज्जैन के महामृत्युंजय धाम के पीठाधीश्वर प्रणवपुरी महाराज ने कहा कि जीवन में सुख और दुख दोनों आते हैं। मनुष्य को दोनों परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखना चाहिए।
प्रवाचक ने कहा कि कठिन समय देखकर घबराना नहीं चाहिए। धैर्य के साथ रास्ता तलाशना चाहिए। समय कभी एक जैसा नहीं रहता। आज की परेशानी कल की सीख बन सकती है। इसलिए विपरीत परिस्थितियों में भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। प्रवाचक ने कर्म को जीवन का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि परिणाम की चिंता से ज्यादा जरूरी अपने कर्तव्य पर ध्यान देना है। लगातार प्रयास करने वाला व्यक्ति कठिन रास्ते को भी आसान बना सकता है। मनुष्य को परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना चाहिए। परिवार और समाज में प्रेम व सहयोग बनाए रखने की बात कही। कहा कि अकेले संघर्ष करने के बजाय एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए। किसी के कठिन समय में साथ खड़ा होना भी सेवा का ही रूप है। इससे समाज में अपनापन बढ़ता है। कथा में मुख्य यजमान रामचंद्र द्विवेदी, विवेक मिश्रा, दिवाकर द्विवेदी, रामकिंकर मिश्र, बब्बन पांडेय और विजय बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि कठिन समय देखकर घबराना नहीं चाहिए। धैर्य के साथ रास्ता तलाशना चाहिए। समय कभी एक जैसा नहीं रहता। आज की परेशानी कल की सीख बन सकती है। इसलिए विपरीत परिस्थितियों में भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। प्रवाचक ने कर्म को जीवन का आधार बताया।
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उन्होंने कहा कि परिणाम की चिंता से ज्यादा जरूरी अपने कर्तव्य पर ध्यान देना है। लगातार प्रयास करने वाला व्यक्ति कठिन रास्ते को भी आसान बना सकता है। मनुष्य को परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना चाहिए। परिवार और समाज में प्रेम व सहयोग बनाए रखने की बात कही। कहा कि अकेले संघर्ष करने के बजाय एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए। किसी के कठिन समय में साथ खड़ा होना भी सेवा का ही रूप है। इससे समाज में अपनापन बढ़ता है। कथा में मुख्य यजमान रामचंद्र द्विवेदी, विवेक मिश्रा, दिवाकर द्विवेदी, रामकिंकर मिश्र, बब्बन पांडेय और विजय बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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