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Amethi News: बारिश व उमस से त्वचा रोगियों की बढ़ी संख्या
Fri, 23 Aug 2024 04:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 23 Aug 2024 04:53 AM IST
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जिला अस्पताल की ओपीडी में इंतजार करते मरीज
अमेठी सिटी। बारिश के बाद नमी बढ़ने व उमस कायम रहने से लोग त्वचा रोग की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 40 से 50 मरीज त्वचा रोग के पहुंचे।पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन, स्किन एलर्जी, त्वचा पर दाने, चकत्ते, दाद, खाज-खुजली और काले धब्बे पड़ने की समस्या को लेकर मरीज चिकित्सकों के पास आ रहे हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. एनके त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के बाद नमी बढ़ी है। साथ ही उमस भी कायम है। इससे त्वचा रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
बतया कि ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में खुजली की समस्या है। इसके अलावा जलन और फफोले पड़ने जैसे लक्षण भी लोगों में मिल रहे हैं। बताया कि कभी बारिश होने तो कभी तेज धूप होने से ऐसी समस्या हाे रही है। शरीर पर पसीना रुकने वाले स्थानों पर फंगल इंफेक्शन हो जाता है। फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूखे कपड़े पहनें।
करें बचाव
त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि यदि कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे पहनने चाहिए। अगर कोई दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए। रोज साफ पानी से स्नान करें। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
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दवा व क्रीम की नहीं है कमी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि उमस भरी गर्मी से त्वचा रोग मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में त्वचा रोग में दी जाने वाली क्रीम व दवा की कमी नहीं है।
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बतया कि ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में खुजली की समस्या है। इसके अलावा जलन और फफोले पड़ने जैसे लक्षण भी लोगों में मिल रहे हैं। बताया कि कभी बारिश होने तो कभी तेज धूप होने से ऐसी समस्या हाे रही है। शरीर पर पसीना रुकने वाले स्थानों पर फंगल इंफेक्शन हो जाता है। फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूखे कपड़े पहनें।
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करें बचाव
त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि यदि कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे पहनने चाहिए। अगर कोई दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए। रोज साफ पानी से स्नान करें। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
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दवा व क्रीम की नहीं है कमी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि उमस भरी गर्मी से त्वचा रोग मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में त्वचा रोग में दी जाने वाली क्रीम व दवा की कमी नहीं है।