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Amethi News: माइनर की पटरी कटी, 30 बीघा फसल जलमग्न
Fri, 27 Dec 2024 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:44 AM IST
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अमेठी। क्षेत्र से गुजरने वाली संग्रामपुर माइनर की पटरी बुधवार की रात पतऊ का पुरवा गांव के पास पानी के तेज बहाव से दूसरी बार कट गई। पटरी कटने से खेतों में पानी भर गया, जिससे करीब 30 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
संग्रामपुर के बड़गांव में शारदा सहायक खंड-41 से जायस रजबहा में पानी छोड़ा गया था। जायस रजबहा से संग्रामपुर अल्पिका से पानी सहजीपुर गांव की तरफ जा रहा था। पतऊ का पुरवा मजरे संग्रामपुर में 24 घंटे के अंदर एक ही स्थान पर दूसरी बार विभाग की लापरवाही से माइनर की पटरी कटने से लगभग 20 किसानों के 30 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है।
दूसरी बार फसल जलमग्न हो जाने पर किसानों ने नहर विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। ग्रामीण रामेंद्र पांडेय ने बताया कि बुधवार को सुबह माइनर कटी तो ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, मगर अधिकारियों ने समस्या को समाधान नहीं किया। कटी पटरी पर मिट्टी डालकर खानापूर्ति की गई। देर रात करीब तीन बजे माइनर मिट्टी डाले गए स्थान पर फिर से कट गई।
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इनकी फसल हुई जलमग्न
माइनर पटरी कट जाने से गांव के लालजी यादव, दीनानाथ वर्मा, शिवपूजन यादव, मुन्ना शर्मा, झब्बर सिंह, जगत बहादुर, धर्म राज सिंह, देशराज, जगदीश प्रसाद, इसराजी, रमाशंकर, उमाशंकर, सुरेंद्र, कुंवर बहादुर सिंह, दिलीप सिंह, शिव राज पांडेय, विनय पांडेय की फसल जलमग्न हुई है। किसानों ने बताया कि सब नष्ट हो गया, अब साल भर क्या खाएंगे।
नहीं की गई थी सही से सफाई
ग्रामीण महेंद्र पांडेय, पंकज, शिवभान आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइनर की सफाई सही से नहीं की जाती है। बस जेसीबी दौड़ाकर कागज में सफाई की जाती है। यही कारण है कि हर वर्ष किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है। सही से सफाई नहीं होने से आज कई किसानों की फसलें नष्ट होने की कगार पर हैं।
किसान बोले, क्षतिग्रस्त थी पटरी, फिर भी छोड़ दिया पानी
किसान रामेंद्र ने बताया कि आलू की फसल तैयार थी। जल्द आलू खोदने की तैयारी थी, मगर फसल जलमग्न हो गई है, पानी बढ़ता चला गया। अब पूरी फसल नष्ट हो जाएगी। किसान जगदीश ने कहा कि हम किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। कई बार फोन करके अधिकारियों को बताया गया कि माइनर की पटरी क्षतिग्रस्त है, इसमें पानी न छोड़ा जाए, लेकिन अधिकारियों ने पानी छोड़ दिया, यह नहीं देखा कि पटरी का क्या हाल है। चारों तरफ से किसानों को परेशान किया जा रहा है। यह बीतता साल भी लोगों को दुख देकर चला गया। किसान शिवपूजन ने बताया कि इस ठंड में सुबह से लगे हैं। पानी बंद करने के लिए, मगर पानी का बहाव ज्यादा है। अब तो गेहूं की फसलें भी डूब गई हैं। किसान इसराजी ने बताया कि हर बार से अच्छी इस बार आलू व गेहूं की फसल अच्छी तैयार थी, जो नष्ट हो गई।
पटरी की करवाई गई मरम्मत
सूचना पर पहुंचे शारदा सहायक खंड के एई संजय कुमार, जेई रवि कुमार गांव में पटरी को ठीक कराने में लगे थे। संजय कुमार ने बताया कि माइनर की सफाई कराई गई थी। भट्ठे की मिट्टी ढुलाई के चलते एक जगह पटरी क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहीं कई जगह जंगली जानवरों ने भी पटरी क्षतिग्रस्त कर दी थी। पानी बंद कर दिया गया है। जेसीबी लगाई गई है, जल्द ही पटरी सही कराई जाएगी।
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संग्रामपुर के बड़गांव में शारदा सहायक खंड-41 से जायस रजबहा में पानी छोड़ा गया था। जायस रजबहा से संग्रामपुर अल्पिका से पानी सहजीपुर गांव की तरफ जा रहा था। पतऊ का पुरवा मजरे संग्रामपुर में 24 घंटे के अंदर एक ही स्थान पर दूसरी बार विभाग की लापरवाही से माइनर की पटरी कटने से लगभग 20 किसानों के 30 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है।
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दूसरी बार फसल जलमग्न हो जाने पर किसानों ने नहर विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। ग्रामीण रामेंद्र पांडेय ने बताया कि बुधवार को सुबह माइनर कटी तो ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों को सूचना दी, मगर अधिकारियों ने समस्या को समाधान नहीं किया। कटी पटरी पर मिट्टी डालकर खानापूर्ति की गई। देर रात करीब तीन बजे माइनर मिट्टी डाले गए स्थान पर फिर से कट गई।
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इनकी फसल हुई जलमग्न
माइनर पटरी कट जाने से गांव के लालजी यादव, दीनानाथ वर्मा, शिवपूजन यादव, मुन्ना शर्मा, झब्बर सिंह, जगत बहादुर, धर्म राज सिंह, देशराज, जगदीश प्रसाद, इसराजी, रमाशंकर, उमाशंकर, सुरेंद्र, कुंवर बहादुर सिंह, दिलीप सिंह, शिव राज पांडेय, विनय पांडेय की फसल जलमग्न हुई है। किसानों ने बताया कि सब नष्ट हो गया, अब साल भर क्या खाएंगे।
नहीं की गई थी सही से सफाई
ग्रामीण महेंद्र पांडेय, पंकज, शिवभान आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइनर की सफाई सही से नहीं की जाती है। बस जेसीबी दौड़ाकर कागज में सफाई की जाती है। यही कारण है कि हर वर्ष किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है। सही से सफाई नहीं होने से आज कई किसानों की फसलें नष्ट होने की कगार पर हैं।
किसान बोले, क्षतिग्रस्त थी पटरी, फिर भी छोड़ दिया पानी
किसान रामेंद्र ने बताया कि आलू की फसल तैयार थी। जल्द आलू खोदने की तैयारी थी, मगर फसल जलमग्न हो गई है, पानी बढ़ता चला गया। अब पूरी फसल नष्ट हो जाएगी। किसान जगदीश ने कहा कि हम किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। कई बार फोन करके अधिकारियों को बताया गया कि माइनर की पटरी क्षतिग्रस्त है, इसमें पानी न छोड़ा जाए, लेकिन अधिकारियों ने पानी छोड़ दिया, यह नहीं देखा कि पटरी का क्या हाल है। चारों तरफ से किसानों को परेशान किया जा रहा है। यह बीतता साल भी लोगों को दुख देकर चला गया। किसान शिवपूजन ने बताया कि इस ठंड में सुबह से लगे हैं। पानी बंद करने के लिए, मगर पानी का बहाव ज्यादा है। अब तो गेहूं की फसलें भी डूब गई हैं। किसान इसराजी ने बताया कि हर बार से अच्छी इस बार आलू व गेहूं की फसल अच्छी तैयार थी, जो नष्ट हो गई।
पटरी की करवाई गई मरम्मत
सूचना पर पहुंचे शारदा सहायक खंड के एई संजय कुमार, जेई रवि कुमार गांव में पटरी को ठीक कराने में लगे थे। संजय कुमार ने बताया कि माइनर की सफाई कराई गई थी। भट्ठे की मिट्टी ढुलाई के चलते एक जगह पटरी क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहीं कई जगह जंगली जानवरों ने भी पटरी क्षतिग्रस्त कर दी थी। पानी बंद कर दिया गया है। जेसीबी लगाई गई है, जल्द ही पटरी सही कराई जाएगी।