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Amethi News: खरमास कल से, 30 दिनों तक शुभ कार्य रहेंगे वर्जित

Sun, 15 Dec 2024 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sun, 15 Dec 2024 12:08 AM IST
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Kharmas: From tomorrow, auspicious activities will be prohibited for 30 days.
अमेठी। शहनाई की धुन रविवार के बाद थम जाएगी। 16 दिसंबर से खरमास लग रहा है। ऐसे में एक माह तक मांगलिक कार्यक्रम नहीं होंगे। मकर संक्रांति पर फिर से शहनाई गूंजने लगेगी। विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त के लिए अब 14 जनवरी तक इंतजार करना होगा।
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खरमास में पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य आचार्य त्रिवेणी प्रसाद मिश्र ने बताया कि हिंदू पंचांग में सूर्य के धनु और मीन राशियों में प्रवेश के दौरान आने वाला समय खरमास कहा जाता है। खरमास के दौरान सूर्य देव की ऊर्जा कमजोर पड़ जाती है। सूर्य की कमजोरी के कारण बृहस्पति ग्रह का प्रभाव भी कम हो जाता है।
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यह समय आत्म शुद्धि और धर्म-कर्म के लिए उपयुक्त माना गया है। इस महीने में भगवान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और दान-पुण्य कराने से जीवन में शांति और समृद्धि आती है। उन्होंने बताया कि खरमास में शादी, नए प्लाट या फ्लैट की खरीदारी, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार, किसी नए काम की शुरुआत, दुकान के शुभारंभ जैसे कार्य वर्जित रहते हैं। 16 दिसंबर से लेकर 13 जनवरी तक शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। इसके साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
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खरमास के नियम और पूजा विधि
आचार्य त्रिवेणी प्रसाद मिश्र ने बताया कि खरमास के महीने में पूजा-पाठ कीर्तन, तीर्थ यात्रा, मंत्र जाप, भागवत गीता, रामायण पाठ और विष्णु भगवान की पूजा करना बहुत शुभ माना गया है। खरमास के दौरान दान, पुण्य, जप, और भगवान का ध्यान लगाने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस मास में भगवान शिव की आराधना करने से कष्टों का निवारण होता है। खरमास में सूर्यदेव को अर्घ्य देना बहुत फलदायी और शुभ होता है। इस दौरान सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर तांबे के लोटे में जल, रोली या लाल चंदन और लाल पुष्प डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य देना अच्छा माना जाता है।



बाजार पर पड़ेगा असर
खरमास का असर बाजार पर भी पड़ेगा। अभी सहालग का सीजन होने से शहर से लेकर गांव तक की बाजारों में रौनक थी। लोग खूब खरीदारी कर रहे थे। अच्छी खासी बिक्री होने से दुकानदार भी खुश हैं। हालांकि अब खरमास लगने के बाद शुभ कार्यों जुड़ी खरीदारी कम होगी और इससे बाजार पर भी असर पड़ेगा।
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