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बच्चों को निमोनिया से बचाने की पहल
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गौरीगंज (अमेठी)। स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम ‘सोशल एवरनेस एंड एक्शन टू न्यूट्रलाइज निमोनिया सक्सेसफुली’ (सांस) बच्चों को निमोनिया से बचाएगा। इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाकर जिले में पांच साल तक बच्चों की मृत्युदर में कमी लाने के लिए लिए जिले में विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जिले के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के 15 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु निमोनिया की वजह से होती है। निमोनिया की समय से पहचान एवं इलाज कर इनकी मृत्यु को रोका जा सकता है।
इसके लिए सरकार ने ‘सोशल एवरनेस एंड एक्शन टू न्यूट्रलाइज निमोनिया सक्सेसफुली’ कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि शिशुओं को स्तनपान, समुचित अनुपूरक आहार देने के अलावा विटामिन-ए का घोल देने के साथ टीकाकरण पर ध्यान देकर बच्चों की मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
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जिला कार्यक्रम प्रबंधक बसंतराय ने बताया कि इसके अंतर्गत बाल्यावस्था में निमोनिया के दौरान एमाक्सीसीलीन सीरप, डिस्पर्सेबल टैबलेट तथा जेंटामाइसीन के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। निमोनिया के प्रबंधन एवं उपचार के लिए गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य इकाईयों पर निमोनिया के प्रबंधन एवं उपचार के लिए स्टाफ नर्स एवं मेडिकल ऑफिसर को स्किल बेस्ड प्रशिक्षण देने, ऑक्सीजन थेरेपी के साथ साथ दवाओं की उपलब्धता एवं उपयोगिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दौरान लोगों को बताया जाएगा कि स्वच्छता व हाथों की सफाई से परिवार को विभिन्न रोगों से बचाया जा सकता है। जागरूकता के लिए आशा और एएनएम को भी शामिल किया जाएगा।
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जिले के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के 15 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु निमोनिया की वजह से होती है। निमोनिया की समय से पहचान एवं इलाज कर इनकी मृत्यु को रोका जा सकता है।
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इसके लिए सरकार ने ‘सोशल एवरनेस एंड एक्शन टू न्यूट्रलाइज निमोनिया सक्सेसफुली’ कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि शिशुओं को स्तनपान, समुचित अनुपूरक आहार देने के अलावा विटामिन-ए का घोल देने के साथ टीकाकरण पर ध्यान देकर बच्चों की मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
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जिला कार्यक्रम प्रबंधक बसंतराय ने बताया कि इसके अंतर्गत बाल्यावस्था में निमोनिया के दौरान एमाक्सीसीलीन सीरप, डिस्पर्सेबल टैबलेट तथा जेंटामाइसीन के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। निमोनिया के प्रबंधन एवं उपचार के लिए गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य इकाईयों पर निमोनिया के प्रबंधन एवं उपचार के लिए स्टाफ नर्स एवं मेडिकल ऑफिसर को स्किल बेस्ड प्रशिक्षण देने, ऑक्सीजन थेरेपी के साथ साथ दवाओं की उपलब्धता एवं उपयोगिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दौरान लोगों को बताया जाएगा कि स्वच्छता व हाथों की सफाई से परिवार को विभिन्न रोगों से बचाया जा सकता है। जागरूकता के लिए आशा और एएनएम को भी शामिल किया जाएगा।