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बिल भुगतान में विवाद, कर्मियों ने तारमीदार को पीटा
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार देर शाम मरीज की मौत के बाद बिल भुगतान में हुए विवाद पर स्टाफ ने तीमारदारों की जमकर पिटाई करते हुए वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया।
चीख-पुकार पर एकत्र लोगों ने बीच-बचाव करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीमारदारों व अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की।
हलियापुर के कांपा गांव निवासी रामगोपाल तिवारी को ऑक्सीजन लेवल कम होने व सांस लेने में तकलीफ होने के बाद मुसाफिरखाना के जनता हॉस्पिटल में 20 मई को भर्ती कराया गया था।
उपचार के दौरान शनिवार को रामगोपाल तिवारी की मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल कर्मियों की ओर से दिए गए बिल में गड़बड़ी का विरोध उनके पुत्र प्रेमशंकर तिवारी ने किया तो अस्पताल कर्मी भड़क गए।
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शव देने में आनाकानी करने लगे। इसी बीच तीमारदारों की ओर किए गए विवाद से नाराज अस्पताल कर्मियों ने प्रेमशंकर, ब्रह्म प्रकाश तिवारी, हरिशंकर तिवारी और शुभम तिवारी की पिटाई करते हुए कार में तोड़-फोड़ कर दी।
चीख-पुकार सुनकर एकत्र लोगों ने बीच-बचाव करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनो पक्षों का बयान दर्ज करने के बाद थाने ले गई।
जहां खबर लिखे जाने तक किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी थी। प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अभी किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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चीख-पुकार पर एकत्र लोगों ने बीच-बचाव करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीमारदारों व अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की।
हलियापुर के कांपा गांव निवासी रामगोपाल तिवारी को ऑक्सीजन लेवल कम होने व सांस लेने में तकलीफ होने के बाद मुसाफिरखाना के जनता हॉस्पिटल में 20 मई को भर्ती कराया गया था।
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उपचार के दौरान शनिवार को रामगोपाल तिवारी की मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल कर्मियों की ओर से दिए गए बिल में गड़बड़ी का विरोध उनके पुत्र प्रेमशंकर तिवारी ने किया तो अस्पताल कर्मी भड़क गए।
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शव देने में आनाकानी करने लगे। इसी बीच तीमारदारों की ओर किए गए विवाद से नाराज अस्पताल कर्मियों ने प्रेमशंकर, ब्रह्म प्रकाश तिवारी, हरिशंकर तिवारी और शुभम तिवारी की पिटाई करते हुए कार में तोड़-फोड़ कर दी।
चीख-पुकार सुनकर एकत्र लोगों ने बीच-बचाव करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनो पक्षों का बयान दर्ज करने के बाद थाने ले गई।
जहां खबर लिखे जाने तक किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी थी। प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अभी किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।