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Amethi News: महान योद्धा थे हजरत अब्बास इब्न अली
Sun, 06 Jul 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 06 Jul 2025 12:52 AM IST
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जगदीशपुर/कमरौली (अमेठी)। हजरत अब्बास इब्न अली इराक के कर्बला में शहीद होने वाले महान योद्धा और इस्लामी व्यक्तित्व के धनी थे। वे हजरत अली और उम्मुल बनीन बिन्त हिजाम के बेटे और इमाम हुसैन के सौतेले भाई थे। ये बातें मौलाना अनवर खां ने मलावा गांव में शुक्रवार रात बारह रोजा शहीदे आजम कांफ्रेंस के आठवें दिन तकरीर में कहीं।
मौलाना ने कहा कि कर्बला की लड़ाई में हजरत अब्बास ने इमाम हुसैन और उनके परिवार की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह पानी लाने के लिए फरात नदी की ओर गए, लेकिन रास्ते में ही शहीद हो गए। हजरत अब्बास की मजार इराक के कर्बला में है। उन्हें वीरता, निष्ठा और इमाम हुसैन के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाता है।
जगदीशपुर के पालपुर स्थित मदरसे में शहीदे आजम कांफ्रेंस की सदारत हजरत अल्लामा मौलाना मोहम्मद आलम कादरी ने की। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने सजदे में सिर कटाकर यह पैगाम दिया कि जो अल्लाह के सामने झुकता है, उसे फिर किसी और के आगे सिर नहीं झुकाना पड़ता है। रायबरेली के मौलाना नासिर हुसैन, अमेठी के शाकिब रजा, बसखारी से असलम वारसी और शकील आरफी ने भी तकरीर की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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मौलाना ने कहा कि कर्बला की लड़ाई में हजरत अब्बास ने इमाम हुसैन और उनके परिवार की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह पानी लाने के लिए फरात नदी की ओर गए, लेकिन रास्ते में ही शहीद हो गए। हजरत अब्बास की मजार इराक के कर्बला में है। उन्हें वीरता, निष्ठा और इमाम हुसैन के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाता है।
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जगदीशपुर के पालपुर स्थित मदरसे में शहीदे आजम कांफ्रेंस की सदारत हजरत अल्लामा मौलाना मोहम्मद आलम कादरी ने की। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने सजदे में सिर कटाकर यह पैगाम दिया कि जो अल्लाह के सामने झुकता है, उसे फिर किसी और के आगे सिर नहीं झुकाना पड़ता है। रायबरेली के मौलाना नासिर हुसैन, अमेठी के शाकिब रजा, बसखारी से असलम वारसी और शकील आरफी ने भी तकरीर की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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