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भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रहा शासन-प्रशासन
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गौरीगंज (अमेठी)। दो सड़कों को दुरुस्त कराने को लेकर दो वर्ष से संघर्षरत गौरीगंज विधायक ने शुक्रवार को शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि शासन व प्रशासन में बैठे जिम्मेदार लोग उनकी बात अनसुनी कर भ्रष्टाचार करने वालों को संरक्षण दे रहे हैं। कहा कि वे इन सड़कों को लेकर शुरू किया गया संघर्ष जारी रखेंगे।
गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह शुक्रवार को अपने आवास पर मीडिया से मुखातिब हुए। विधायक ने कहा कि जिन दो सड़कों (कादूनाला-थौरी व मुसाफिरखाना-पारा) को लेकर वे दो वर्ष से संघर्ष कर रहे हैं वे वर्ष 2016 में बनी थीं। 14 करोड़ 40 लाख 75 हजार रुपये की लागत से मेसर्स यूनिक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित नौ किलोमीटर लंबे कादूनाला-थौरी की अनुरक्षण अवधि 30 जून 2021 व 10 करोड़ 28 लाख 10 हजार रुपये की लागत से मेसर्सराज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 5.650 किलोमीटर लंबे मुसाफिरखाना मार्ग की अनुरक्षण अवधि 16 अक्तूबर 2021 थी।
विधायक ने कहा कि दोनों सड़कें बनने के कुछ ही वर्ष बाद ही इस कदर जर्जर हो गईं कि उन पर लोगों का आवागमन दूभर हो गया। लोगों की शिकायत पर मैंने पहले इन दोनों सड़कों के जर्जर होने की शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने दोनों सड़कों की जांच के लिए न सिर्फ प्राक्कलन समिति गठित कराई बल्कि पूरे प्रकरण को सदन में भी उठाया। इस पर भी सड़कों को बनाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर उन्होंने गत 31 अक्तूबर को पद से त्यागपत्र देकर धरना व अनशन भी किया।
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इससे भी बात नहीं बनने व लोगों के आह्वान पर उन्होंने गुरुवार को दोनों सड़कों को श्रमदान से बनाने के लिए काम शुरू किया। इस पर भी प्रशासन को आपत्ति हुई। प्रशासन ने काम बंद कराने के साथ उनकी गिरफ्तारी तक करा दी। विधायक ने कहा कि वे शासन प्रशासन के दबाव से डरने वाले नहीं हैं। कहा कि वे 15 नवंबर को एक बार फिर डीएम को ज्ञापन देकर मांग करेंगे कि एक माह के भीतर दोनों सड़कों का पुनर्निर्माण कराएं। ज्ञापन देने के बाद यदि समयावधि में सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं शुरू हुआ तो वे बड़ी संख्या में लोगों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव व प्रदर्शन करेंगे।
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गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह शुक्रवार को अपने आवास पर मीडिया से मुखातिब हुए। विधायक ने कहा कि जिन दो सड़कों (कादूनाला-थौरी व मुसाफिरखाना-पारा) को लेकर वे दो वर्ष से संघर्ष कर रहे हैं वे वर्ष 2016 में बनी थीं। 14 करोड़ 40 लाख 75 हजार रुपये की लागत से मेसर्स यूनिक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित नौ किलोमीटर लंबे कादूनाला-थौरी की अनुरक्षण अवधि 30 जून 2021 व 10 करोड़ 28 लाख 10 हजार रुपये की लागत से मेसर्सराज कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 5.650 किलोमीटर लंबे मुसाफिरखाना मार्ग की अनुरक्षण अवधि 16 अक्तूबर 2021 थी।
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विधायक ने कहा कि दोनों सड़कें बनने के कुछ ही वर्ष बाद ही इस कदर जर्जर हो गईं कि उन पर लोगों का आवागमन दूभर हो गया। लोगों की शिकायत पर मैंने पहले इन दोनों सड़कों के जर्जर होने की शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने दोनों सड़कों की जांच के लिए न सिर्फ प्राक्कलन समिति गठित कराई बल्कि पूरे प्रकरण को सदन में भी उठाया। इस पर भी सड़कों को बनाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर उन्होंने गत 31 अक्तूबर को पद से त्यागपत्र देकर धरना व अनशन भी किया।
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इससे भी बात नहीं बनने व लोगों के आह्वान पर उन्होंने गुरुवार को दोनों सड़कों को श्रमदान से बनाने के लिए काम शुरू किया। इस पर भी प्रशासन को आपत्ति हुई। प्रशासन ने काम बंद कराने के साथ उनकी गिरफ्तारी तक करा दी। विधायक ने कहा कि वे शासन प्रशासन के दबाव से डरने वाले नहीं हैं। कहा कि वे 15 नवंबर को एक बार फिर डीएम को ज्ञापन देकर मांग करेंगे कि एक माह के भीतर दोनों सड़कों का पुनर्निर्माण कराएं। ज्ञापन देने के बाद यदि समयावधि में सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं शुरू हुआ तो वे बड़ी संख्या में लोगों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव व प्रदर्शन करेंगे।