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Amethi News: राशन कार्ड सत्यापन के लिए घर लौट रहे परदेसी
Mon, 05 Aug 2024 01:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 05 Aug 2024 01:38 AM IST
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अमेठी सिटी। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि शहरों में रहकर रोजगार करने वाले परदेसी सावन के महीन में घर लौट रहे हैं। इसकी बड़ी वजह राशन कार्ड से नाम कटने का डर है। कहा गया है कि यदि संबंधित की ई-केवाईसी नहीं हुई तो राशन नहीं दिया जाएगा।
पूर्ति विभाग की ओर से राशन कार्ड व उसमें दर्ज सभी यूनिट का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। जिसमें बायोमैट्रिक तरीके से लाभार्थियों की ई-केवाईसी की जा रही है। पूर्ति विभाग का कहना है कि बहुत से लोग जिले से विस्थापित हो कर दूसरे शहरों में रहने लगे हैं।
उन्हें अब राशन की जरूरत नहीं रह गई है। बड़ी संख्या में लोग मृतक भी हो गए हैं। जिनका नाम अभी तक नहीं कटवाया गया है। राशन कार्ड सत्यापन के जरिये विस्थापित व मृतक लोगों के नाम अपने आप बाहर हो जाएंगे।
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विस्थापितों के लिए हो रहा सत्यापन
जिला पूर्ति अधिकारी नीलेश उत्पल ने बताया कि विस्थापित लोगों को ही अलग करने के लिए सत्यापन का अभियान चलाया गया है। जानकारी मिल रही है कि विस्थापित परदेशी घर आकर ई-केवाईसी भी पूरी कर दे रहे हैं। फिर भी ऐसे ही लोग लौट रहे हैं, जो कि पूरी तरह से विस्थापित नहीं हुए हैं। जिनका घर से अभी तक जुड़ाव बना हुआ है। ई-केवाईसी के बाद बड़ी संख्या में यूनिट अलग भी हो जाएगी।
5.37 लाख का सत्यापन पूर्ण
जिले में करीब 3,45,400 राशन कार्ड जारी किए गए हैं। जिसमें कुल 14,61,539 यूनिट के नाम दर्ज हैं। जिला पूर्ति अधिकारी नीलेश उत्पल ने बताया कि अभी तक 5,37,343 का सत्यापन व ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस तरह कुल यूनिट के सापेक्ष 37 प्रतिशत का कार्य पूरा कर लिया गया है।
प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज
राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक यूनिट के लिए प्रति माह पांच किलो अनाज का वितरण किया जाता है। जिसमें तीन किलो चावल व दो किलोग्राम गेहूं शामिल है। अंत्योदय परिवार को प्रति माह प्रति कार्ड एक किलो चीनी तीन महीने में दी जाती है। तीन महीने का जोड़कर प्रति कार्ड तीन किलो चीनी का वितरण किया जाता है।
कहीं भी कर सकते हैं ई केवाईसी
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि किसी कार्य से बाहर गए लोग उत्तर प्रदेश में कहीं भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। दिल्ली में मौजूद व्यक्ति गाजियाबाद के किसी राशन कोटेदार की दुकान पर पहुंचकर ई-केवाईसी का कार्य करा सकता है। राशन कार्ड का पूरा विवरण होना आवश्यक है। उत्तराखंड में मौजूद व्यक्ति रामपुर या मुरादाबाद में भी अपनी सुविधा के अनुसार ई केवाईसी करा सकता है।
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पूर्ति विभाग की ओर से राशन कार्ड व उसमें दर्ज सभी यूनिट का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। जिसमें बायोमैट्रिक तरीके से लाभार्थियों की ई-केवाईसी की जा रही है। पूर्ति विभाग का कहना है कि बहुत से लोग जिले से विस्थापित हो कर दूसरे शहरों में रहने लगे हैं।
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उन्हें अब राशन की जरूरत नहीं रह गई है। बड़ी संख्या में लोग मृतक भी हो गए हैं। जिनका नाम अभी तक नहीं कटवाया गया है। राशन कार्ड सत्यापन के जरिये विस्थापित व मृतक लोगों के नाम अपने आप बाहर हो जाएंगे।
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विस्थापितों के लिए हो रहा सत्यापन
जिला पूर्ति अधिकारी नीलेश उत्पल ने बताया कि विस्थापित लोगों को ही अलग करने के लिए सत्यापन का अभियान चलाया गया है। जानकारी मिल रही है कि विस्थापित परदेशी घर आकर ई-केवाईसी भी पूरी कर दे रहे हैं। फिर भी ऐसे ही लोग लौट रहे हैं, जो कि पूरी तरह से विस्थापित नहीं हुए हैं। जिनका घर से अभी तक जुड़ाव बना हुआ है। ई-केवाईसी के बाद बड़ी संख्या में यूनिट अलग भी हो जाएगी।
5.37 लाख का सत्यापन पूर्ण
जिले में करीब 3,45,400 राशन कार्ड जारी किए गए हैं। जिसमें कुल 14,61,539 यूनिट के नाम दर्ज हैं। जिला पूर्ति अधिकारी नीलेश उत्पल ने बताया कि अभी तक 5,37,343 का सत्यापन व ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस तरह कुल यूनिट के सापेक्ष 37 प्रतिशत का कार्य पूरा कर लिया गया है।
प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज
राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक यूनिट के लिए प्रति माह पांच किलो अनाज का वितरण किया जाता है। जिसमें तीन किलो चावल व दो किलोग्राम गेहूं शामिल है। अंत्योदय परिवार को प्रति माह प्रति कार्ड एक किलो चीनी तीन महीने में दी जाती है। तीन महीने का जोड़कर प्रति कार्ड तीन किलो चीनी का वितरण किया जाता है।
कहीं भी कर सकते हैं ई केवाईसी
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि किसी कार्य से बाहर गए लोग उत्तर प्रदेश में कहीं भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। दिल्ली में मौजूद व्यक्ति गाजियाबाद के किसी राशन कोटेदार की दुकान पर पहुंचकर ई-केवाईसी का कार्य करा सकता है। राशन कार्ड का पूरा विवरण होना आवश्यक है। उत्तराखंड में मौजूद व्यक्ति रामपुर या मुरादाबाद में भी अपनी सुविधा के अनुसार ई केवाईसी करा सकता है।