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कोरोना पीड़ित को चंडीगढ़ से लाया घर, मौत
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अमेठी। कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव में चंडीगढ़ से लाए गए कोरोना पॉजिटिव युवक की बुधवार को मौत होने का मामला सामने आया है। कोरोना पीड़ित की गांव में मौत व यहीं उसके शव का दाह संस्कार होने से लोगों में हड़कंप मचा है।
गांव निवासी लल्लन का 22 वर्षीय पुत्र बाबूलाल रोजगार के सिलसिले में अरसा पूर्व से चंडीगढ़ में रहता था। पिछले दिनों चंडीगढ़ में ही हुई जांच में उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रिपोर्ट पॉजटिव आने पर पहले उसे लेवल-1 व तबीयत बिगड़ने पर पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया।
बाबूलाल के बीमार होने की जानकारी मिलने पर उसका भाई राम सजीवन अस्पताल गया। राम सजीवन के मुताबिक जब वह अस्पताल में पहुंचा तो बाबूलाल बेहोश था। उसे ऑक्सीजन दी जा रही थी। उसके पहुंचने पर गंभीर हालत में ही बाबूलाल को अस्पताल से रिलीव कर घर ले जाने को कह दिया गया।
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मुसीबत की घड़ी में राम सजीवन ने परिवार के अन्य लोगों से सलाह ली। परिवारीजनों के कहने पर वह 28 हजार रुपये में प्राइवेट एंबुलेंस बुक करके भाई को लेकर 16 सितंबर की सुबह घर पहुंचा। घर पहुंचने पर उसे पता चला कि बाबूलाल की मौत हो गई है।
बाबूलाल के मौत की पुष्टि होने के बाद गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाबूलाल की मौत से जहां परिवारीजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है वहीं कोरोना पीड़ित का अंतिम संस्कार गांव में होने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है।
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गांव निवासी लल्लन का 22 वर्षीय पुत्र बाबूलाल रोजगार के सिलसिले में अरसा पूर्व से चंडीगढ़ में रहता था। पिछले दिनों चंडीगढ़ में ही हुई जांच में उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रिपोर्ट पॉजटिव आने पर पहले उसे लेवल-1 व तबीयत बिगड़ने पर पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया।
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बाबूलाल के बीमार होने की जानकारी मिलने पर उसका भाई राम सजीवन अस्पताल गया। राम सजीवन के मुताबिक जब वह अस्पताल में पहुंचा तो बाबूलाल बेहोश था। उसे ऑक्सीजन दी जा रही थी। उसके पहुंचने पर गंभीर हालत में ही बाबूलाल को अस्पताल से रिलीव कर घर ले जाने को कह दिया गया।
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मुसीबत की घड़ी में राम सजीवन ने परिवार के अन्य लोगों से सलाह ली। परिवारीजनों के कहने पर वह 28 हजार रुपये में प्राइवेट एंबुलेंस बुक करके भाई को लेकर 16 सितंबर की सुबह घर पहुंचा। घर पहुंचने पर उसे पता चला कि बाबूलाल की मौत हो गई है।
बाबूलाल के मौत की पुष्टि होने के बाद गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाबूलाल की मौत से जहां परिवारीजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है वहीं कोरोना पीड़ित का अंतिम संस्कार गांव में होने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है।