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Amethi News: समय प्रबंधन संग खुद से करें स्पर्धा
Sat, 07 Feb 2026 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 07 Feb 2026 01:01 AM IST
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राजकीय हाईस्कूल अमेठी में प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को देखते विद्यार्थी। स्त्र
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अमेठी सिटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का प्रसारण सभी विद्यालयों में किया गया, जिसमें छात्रों को परीक्षा के तनाव से उबरने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के गुर सिखाए गए। यूपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों ने इस सीधा प्रसारण को ध्यानपूर्वक सुना।
संसद भवन से प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने, समय का सही प्रबंधन करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि डर के बजाय जिज्ञासा और आनंद के साथ की गई पढ़ाई बेहतर परिणाम देती है। इस कार्यक्रम का प्रसारण राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में टीवी, प्रोजेक्टर, लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम के बाद छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट छात्रा रागिनी ने बताया कि प्रधानमंत्री की बातों से परीक्षा के प्रति उनका भय काफी हद तक दूर हो गया है। अब वह इसे एक अवसर के रूप में देख रही हैं। सुषमना ने खुद से स्पर्धा वाले विचार को प्रेरणादायक बताया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अन्य छात्रों के अनुसार समय प्रबंधन और नियमित अभ्यास पर दिए गए सुझाव उपयोगी साबित हुए।
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प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों की क्षमताओं और रुचियों को समझने तथा अपनी इच्छाएं उन पर न थोपने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षकों से भी बच्चों को केवल अंकों तक सीमित न रखकर, सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। 12 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं से पहले इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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संसद भवन से प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने, समय का सही प्रबंधन करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि डर के बजाय जिज्ञासा और आनंद के साथ की गई पढ़ाई बेहतर परिणाम देती है। इस कार्यक्रम का प्रसारण राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में टीवी, प्रोजेक्टर, लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से किया गया।
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कार्यक्रम के बाद छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट छात्रा रागिनी ने बताया कि प्रधानमंत्री की बातों से परीक्षा के प्रति उनका भय काफी हद तक दूर हो गया है। अब वह इसे एक अवसर के रूप में देख रही हैं। सुषमना ने खुद से स्पर्धा वाले विचार को प्रेरणादायक बताया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अन्य छात्रों के अनुसार समय प्रबंधन और नियमित अभ्यास पर दिए गए सुझाव उपयोगी साबित हुए।
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प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों की क्षमताओं और रुचियों को समझने तथा अपनी इच्छाएं उन पर न थोपने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षकों से भी बच्चों को केवल अंकों तक सीमित न रखकर, सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। 12 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं से पहले इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।