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Amethi News: नए सर्किल रेट से दिया जाए मुआवजा
Wed, 29 Jan 2025 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 29 Jan 2025 12:44 AM IST
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अमेठी। आठ साल पहले हाईवे के लिए चिह्नित किसानों की भूमि के मुआवजे का भुगतान पुराने सर्किल रेट से होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों के प्रदर्शन के बाद अब पूर्वाचल विकास बोर्ड के सदस्य ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नए सर्किल रेट से मुआवजा भुगतान करने की मांग की।
जिले से गुजरने वाले चिलबिला-मुसाफिरखाना मार्ग को हाईवे का दर्जा मिला है। हाईवे पर बाईपास व ओवरब्रिज निर्माण के लिए सहजीपुर, ठेंगहा व बदलापुर गांव में किसानों की भूमि अधिगृहीत की गई है। अधिगृहीत भूमि के मुआवजे का भुगतान आठ साल पहले के सर्किल रेट पर होने की जानकारी के बाद किसान आक्रोशित हैं। किसान लगातार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंप रहे हैं।
किसानों की परेशानी को देखते हुए बीजेपी नेता और पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य विजय विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। पत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 931 के निर्माण के लिए अधिगृहीत की जाने वाली जमीन का मुआवजा नए सर्किल रेट से देने की बात कही है।
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कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 931 के बाईपास और चौड़ीकरण के लिए किसानों की अधिग्रहित की जा रही जमीन का मुआवजा वर्ष 2017 के सर्किल रेट से किया जा रहा है जो कि बहुत कम है। कुछ किसान अधिग्रहण के कारण भूमिहीन हो जाएंगे। अगर उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिला तो उनके परिवार की आर्थिक बर्बादी हो जाएगी। लिहाजा किसानों की जमीन का सर्किल रेट कम से कम ढाई गुना बढ़ाकर दिया जाना उचित होगा। फिलहाल बीजेपी नेता के पत्र लिखने से किसानों को मुआवजा राशि बढ़ने की उम्मीद जग गई है।
दो जिले और तीन तहसीलों को जोड़ता है हाईवे
चिलबिला-अमेठी-गौरीगंज-मुसाफिरखाना हाईवे (एनएच 931) को अब 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। यह हाईवे प्रतापगढ़ और अमेठी जिले के साथ ही तीन तहसील अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना को जोड़ता है। 68.3 किमी लंबा हाईवे अभी तक सात मीटर चौड़ा है। इस हाईवे पर लखनऊ-वाराणसी रेल खंड स्थित सहजीपुर रेलवे क्राॅसिंग पर एक फ्लाईओवर व ठेंगहा गांव के पास 2.05 किमी लंबे बाईपास का निर्माण होगा। इससे भारी वाहन किनारे से निकल जाएंगे और उन्हें बाजार में नहीं जाना होगा। 68.3 किमी लंबे मार्ग के निर्माण पर 900 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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जिले से गुजरने वाले चिलबिला-मुसाफिरखाना मार्ग को हाईवे का दर्जा मिला है। हाईवे पर बाईपास व ओवरब्रिज निर्माण के लिए सहजीपुर, ठेंगहा व बदलापुर गांव में किसानों की भूमि अधिगृहीत की गई है। अधिगृहीत भूमि के मुआवजे का भुगतान आठ साल पहले के सर्किल रेट पर होने की जानकारी के बाद किसान आक्रोशित हैं। किसान लगातार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंप रहे हैं।
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किसानों की परेशानी को देखते हुए बीजेपी नेता और पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य विजय विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। पत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 931 के निर्माण के लिए अधिगृहीत की जाने वाली जमीन का मुआवजा नए सर्किल रेट से देने की बात कही है।
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कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 931 के बाईपास और चौड़ीकरण के लिए किसानों की अधिग्रहित की जा रही जमीन का मुआवजा वर्ष 2017 के सर्किल रेट से किया जा रहा है जो कि बहुत कम है। कुछ किसान अधिग्रहण के कारण भूमिहीन हो जाएंगे। अगर उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिला तो उनके परिवार की आर्थिक बर्बादी हो जाएगी। लिहाजा किसानों की जमीन का सर्किल रेट कम से कम ढाई गुना बढ़ाकर दिया जाना उचित होगा। फिलहाल बीजेपी नेता के पत्र लिखने से किसानों को मुआवजा राशि बढ़ने की उम्मीद जग गई है।
दो जिले और तीन तहसीलों को जोड़ता है हाईवे
चिलबिला-अमेठी-गौरीगंज-मुसाफिरखाना हाईवे (एनएच 931) को अब 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। यह हाईवे प्रतापगढ़ और अमेठी जिले के साथ ही तीन तहसील अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना को जोड़ता है। 68.3 किमी लंबा हाईवे अभी तक सात मीटर चौड़ा है। इस हाईवे पर लखनऊ-वाराणसी रेल खंड स्थित सहजीपुर रेलवे क्राॅसिंग पर एक फ्लाईओवर व ठेंगहा गांव के पास 2.05 किमी लंबे बाईपास का निर्माण होगा। इससे भारी वाहन किनारे से निकल जाएंगे और उन्हें बाजार में नहीं जाना होगा। 68.3 किमी लंबे मार्ग के निर्माण पर 900 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।