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Amethi News: भाकियू ने जिला मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
Wed, 22 Jul 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:45 AM IST
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कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते किसान। स्रोत: संगठन
अमेठी सिटी। धान की रोपाई के समय खाद की किल्लत, बिजली संकट और सूखी नहरों सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को देकर किसानों और ग्रामीणों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की।
जिलाध्यक्ष नफीस चंदेल ने बताया कि जिले में यूरिया और डीएपी समय से उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं और खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। महोना पश्चिम, कठौरा, जगदीशपुर, बाजारशुकुल और इन्हौना में अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से सिंचाई प्रभावित हो रही है। इन्हौना, सिंदुरवा, कठौरा रजवाहा और जाफरगंज माइनर सहित कई नहरें हेड से टेल तक सूखी पड़ी हैं।
बाबागंज चौराहे से पूरे छीटी होते हुए जाफरगंज मार्ग की जर्जर सड़क की मरम्मत कराए जाने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग के अनुसार एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ने का न्यूनतम 500 रुपये प्रति क्विंटल राज्य परामर्श मूल्य, लंबित भुगतान, किसानों और कृषि मजदूरों की ऋणमाफी, ब्याजमुक्त कृषि ऋण, मुफ्त बिजली, उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता, प्राकृतिक आपदाओं पर पर्याप्त मुआवजा देने की मांगें शामिल रहीं।
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जिलाध्यक्ष नफीस चंदेल ने बताया कि जिले में यूरिया और डीएपी समय से उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं और खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। महोना पश्चिम, कठौरा, जगदीशपुर, बाजारशुकुल और इन्हौना में अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से सिंचाई प्रभावित हो रही है। इन्हौना, सिंदुरवा, कठौरा रजवाहा और जाफरगंज माइनर सहित कई नहरें हेड से टेल तक सूखी पड़ी हैं।
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बाबागंज चौराहे से पूरे छीटी होते हुए जाफरगंज मार्ग की जर्जर सड़क की मरम्मत कराए जाने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग के अनुसार एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ने का न्यूनतम 500 रुपये प्रति क्विंटल राज्य परामर्श मूल्य, लंबित भुगतान, किसानों और कृषि मजदूरों की ऋणमाफी, ब्याजमुक्त कृषि ऋण, मुफ्त बिजली, उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता, प्राकृतिक आपदाओं पर पर्याप्त मुआवजा देने की मांगें शामिल रहीं।
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