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Amethi News: राम को वन जाते देख बिलख पड़े अयोध्यावासी
Sat, 12 Oct 2024 03:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 12 Oct 2024 03:43 AM IST
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जगदीशपुर (अमेठी)। कस्बे में आयोजित रामलीला के चौथे दिन राजा दशरथ ने चारों पुत्रों के विवाह के बाद राम के राज्याभिषेक की घोषणा कर दी। मंथरा के भड़काने पर कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत को राजा बनाने व राम को 14 वर्ष के वनवास का वचन मांग लिया। उसके बाद राम, लक्ष्मण व सीता वन के लिए रवाना होते हैं। उन्हें वन जाते देख अयोध्यावासी बिलख पड़े।
भगवान राम, लक्ष्मण और सीता सरयू के किनारे जाते हैं। वहां केवट से नाव में बैठाकर सरयू पार कराने को कहते हैं। भगवान राम सरयू पार कर चित्रकूट पहुंचते हैं। उधर, अयोध्या में राम के वियोग में राजा दशरथ ने अपने प्राण त्याग दिए। भरत और शत्रुघ्न को राम के वन गमन और दशरथ की मृत्यु का पता चलता है।
भरत माता कैकेयी को भला-बुरा कहते हैं। भरत श्रीराम को वापस लाने के लिए तीनों माताओं, गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत और शत्रुघ्न के साथ चित्रकूट प्रस्थान करते हैं। चित्रकूट में भरत का राम से मिलाप होता है। राम के वापस नहीं लौटने पर भरत उनकी खड़ाऊं लेकर अयोध्या आते हैं। रामलीला में कस्बे के अलावा आसपास के ग्रामीणों की भीड़ रही।
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भगवान राम, लक्ष्मण और सीता सरयू के किनारे जाते हैं। वहां केवट से नाव में बैठाकर सरयू पार कराने को कहते हैं। भगवान राम सरयू पार कर चित्रकूट पहुंचते हैं। उधर, अयोध्या में राम के वियोग में राजा दशरथ ने अपने प्राण त्याग दिए। भरत और शत्रुघ्न को राम के वन गमन और दशरथ की मृत्यु का पता चलता है।
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भरत माता कैकेयी को भला-बुरा कहते हैं। भरत श्रीराम को वापस लाने के लिए तीनों माताओं, गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत और शत्रुघ्न के साथ चित्रकूट प्रस्थान करते हैं। चित्रकूट में भरत का राम से मिलाप होता है। राम के वापस नहीं लौटने पर भरत उनकी खड़ाऊं लेकर अयोध्या आते हैं। रामलीला में कस्बे के अलावा आसपास के ग्रामीणों की भीड़ रही।
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