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नाराज दोस्त ने कर दी थी मां-बेटे की हत्या
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गौरीगंज (अमेठी)। एसपी कार्यालय के पास 24 दिसंबर को मिले मां-बेटे के शव मिलने के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार राजू व उसकी बुजुर्ग मां की हत्या हुई थी। हत्या को राजू के ही एक दोस्त ने अपने एक दोस्त के साथ मिल कर अंजाम दिया था। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।
शहर स्थित रणंजय इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता स्वर्गीय मुकुंद नारायण तिवारी का एसपी ऑफिस के पास मकान है। मकान में उनकी पत्नी सुशीला त्रिपाठी (72) व छोटा पुत्र राजीव उर्फ राजू (27) रहते थे। 24 दिसंबर की शाम दोनों के शव एक कमरे में फर्श पर पड़े मिले थे। पुलिस के अनुसार तथ्य एकत्र करने के बाद मामले की जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि राजू का प्रेम संबंध अपनी ही रिश्ते की भांजी से था।
पिछले दिनों वह युवती को लेकर घर आया था। राजू उसे लेकर शहर के हनुमान तिराहा निवासी अपने मित्र रमन सोनी के घर भी गया था। बाद में भांजी के घर वाले आकर युवती को अपने साथ लेकर चले गए थे। राजू को शक हुआ कि उसकी भांजी के घरवालों को उसके यहां आने की सूचना रमन ने दी थी। इसी बात से नाराज राजू ने रमन के घर जाकर उसकी पत्नी से मारपीट की थी।
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मारपीट की जानकारी रमन को हुई तो वह आपा खो बैठा। 23 दिसंबर को रमन अपने एक साथी विनोद सिंह उर्फ पप्पू के साथ मिलकर राजू के घर गया। यहां वह राजू से मारपीट करने लगा। बीच-बचाव में राजू की मां सुशीला की चोट लगने से मौत हो गई। इसके बाद रमन और विनोद ने राजू की हत्या कर दी और भाग गए। प्रभारी निरीक्षक अजीत विद्यार्थी ने बताया कि रमन ने दोनों की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
पोस्टमॉर्टम में अस्पष्ट था कारण
कोतवाल अजीत विद्यार्थी के अनुसार रमन व विनोद ने राजू की हत्या गला दबाकर की। गौरतलब है कि चिकित्सकों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में राजू की मौत का कारण अस्पष्ट बताया गया था। मौत का कारण स्पष्ट हो सके इसके लिए राजू का विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। सवाल उठता है जब पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं तो पुलिस ने कैसे जान लिया कि उसकी गला दबाकर हत्या हुई। इस पर कोतवाल व सीओ गुरमीत सिंह का कहना था कि गला दबाकर हत्या करने की बात आरोपी ने स्वयं स्वीकार की है।
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शहर स्थित रणंजय इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता स्वर्गीय मुकुंद नारायण तिवारी का एसपी ऑफिस के पास मकान है। मकान में उनकी पत्नी सुशीला त्रिपाठी (72) व छोटा पुत्र राजीव उर्फ राजू (27) रहते थे। 24 दिसंबर की शाम दोनों के शव एक कमरे में फर्श पर पड़े मिले थे। पुलिस के अनुसार तथ्य एकत्र करने के बाद मामले की जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि राजू का प्रेम संबंध अपनी ही रिश्ते की भांजी से था।
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पिछले दिनों वह युवती को लेकर घर आया था। राजू उसे लेकर शहर के हनुमान तिराहा निवासी अपने मित्र रमन सोनी के घर भी गया था। बाद में भांजी के घर वाले आकर युवती को अपने साथ लेकर चले गए थे। राजू को शक हुआ कि उसकी भांजी के घरवालों को उसके यहां आने की सूचना रमन ने दी थी। इसी बात से नाराज राजू ने रमन के घर जाकर उसकी पत्नी से मारपीट की थी।
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मारपीट की जानकारी रमन को हुई तो वह आपा खो बैठा। 23 दिसंबर को रमन अपने एक साथी विनोद सिंह उर्फ पप्पू के साथ मिलकर राजू के घर गया। यहां वह राजू से मारपीट करने लगा। बीच-बचाव में राजू की मां सुशीला की चोट लगने से मौत हो गई। इसके बाद रमन और विनोद ने राजू की हत्या कर दी और भाग गए। प्रभारी निरीक्षक अजीत विद्यार्थी ने बताया कि रमन ने दोनों की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
पोस्टमॉर्टम में अस्पष्ट था कारण
कोतवाल अजीत विद्यार्थी के अनुसार रमन व विनोद ने राजू की हत्या गला दबाकर की। गौरतलब है कि चिकित्सकों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में राजू की मौत का कारण अस्पष्ट बताया गया था। मौत का कारण स्पष्ट हो सके इसके लिए राजू का विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। सवाल उठता है जब पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं तो पुलिस ने कैसे जान लिया कि उसकी गला दबाकर हत्या हुई। इस पर कोतवाल व सीओ गुरमीत सिंह का कहना था कि गला दबाकर हत्या करने की बात आरोपी ने स्वयं स्वीकार की है।