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Amethi News: गोवंश संरक्षण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
Sat, 27 May 2023 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 27 May 2023 12:18 AM IST
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बैठक करते हुए जिलाधिकारी
गौरीगंज (अमेठी)। निराश्रित गोवंश को संरक्षित कर किसानों को सहूलियत देेने के लिए आश्रय केंद्र का संचालन किया जा रहा है। आश्रय केंद्र पर गोवंश को गर्मी व बरसात में परेशानी नहीं हो, इसके लिए नोडल अफसर के निरीक्षण के बाद डीएम ने कलेक्ट्रेट में बैठक की। बैठक में सुविधाओं व कमी की जानकारी हासिल करते हुए समुचित व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश जिम्मेदारों को दिया।
जिले में संचालित तीन वृहद, तीन कांजी हाउस, एक कान्ह आश्रय केंद्र व 100 अस्थाई आश्रय केंद्रों पर वर्तमान में 14,565 गोवंश संरक्षित किए गए है। संरक्षित गोवंश के संरक्षण की हकीकत देखने के लिए नोडल अफसरों से जांच कराने के बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बैठक कर समीक्षा की। बैठक में गौशालाओं में हरा चारा, भूसा, पशु आहार, स्वच्छ पेयजल, शेड, बीमार पशुओं की उचित देखभाल मूलभूत सुविधाओं की जानकारी हासिल की। समीक्षा के बाद डीएम ने गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंशों हेतु पर्याप्त मात्रा में पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा गर्मी व बरसात के दृष्टिगत सभीगोशालाओं में गोवंशों हेतु पीने का पानी व छांव की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया। गोकाष्ट मशीन का क्रय कर गोबर से गोकाष्ट बनाकर बेचने की व्यवस्था का गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की भी बात कही।
आगामी तीन माह का भूसा का स्टॉक के साथ पशुओं के बैठने के लिए पर्याप्त मात्रा में टीन शेड की व्यवस्था करने समुचित ढंग से संरक्षित करने को कहा। भरण-पोषण व उपचार के अभाव में गोवंश की मौत होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी डीएन सिंह, डीडीओ तेजभान सिंह, एसडीएम राकेश कुमार, एसडीएम फाल्गुनी सिंह, सीवीओ डॉ. जेपी सिंह व डीपीआरओ श्रीकांत यादव समेत सभी नोडल व पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
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जिले में संचालित तीन वृहद, तीन कांजी हाउस, एक कान्ह आश्रय केंद्र व 100 अस्थाई आश्रय केंद्रों पर वर्तमान में 14,565 गोवंश संरक्षित किए गए है। संरक्षित गोवंश के संरक्षण की हकीकत देखने के लिए नोडल अफसरों से जांच कराने के बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बैठक कर समीक्षा की। बैठक में गौशालाओं में हरा चारा, भूसा, पशु आहार, स्वच्छ पेयजल, शेड, बीमार पशुओं की उचित देखभाल मूलभूत सुविधाओं की जानकारी हासिल की। समीक्षा के बाद डीएम ने गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंशों हेतु पर्याप्त मात्रा में पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा गर्मी व बरसात के दृष्टिगत सभीगोशालाओं में गोवंशों हेतु पीने का पानी व छांव की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया। गोकाष्ट मशीन का क्रय कर गोबर से गोकाष्ट बनाकर बेचने की व्यवस्था का गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की भी बात कही।
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आगामी तीन माह का भूसा का स्टॉक के साथ पशुओं के बैठने के लिए पर्याप्त मात्रा में टीन शेड की व्यवस्था करने समुचित ढंग से संरक्षित करने को कहा। भरण-पोषण व उपचार के अभाव में गोवंश की मौत होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी डीएन सिंह, डीडीओ तेजभान सिंह, एसडीएम राकेश कुमार, एसडीएम फाल्गुनी सिंह, सीवीओ डॉ. जेपी सिंह व डीपीआरओ श्रीकांत यादव समेत सभी नोडल व पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
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