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जिला अस्पताल पहुंचे 40 फीसदी मरीज बुखार से पीड़ित
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गौरीगंज (अमेठी)। मौसमी बुखार के मरीजों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। बारिश के बाद यह समस्या और भी बढ़ गई है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में आए 1031 मरीजों में से 409 मरीज जुकाम, बुखार व खांसी से पीड़ित पाए गए। जांच के दौरान किसी में भी डेंगू के लक्षण नहीं मिले।
मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच करीब एक माह से मौसमी बीमारियों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से कोई भी मरीज डेंगू से संक्रमित नहीं पाया गया। लेकिन सीजनल बुखार व खांसी पीड़ित मरीजों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बीच मौसम भी ठंडा हो गया है। लेकिन मौसम साफ होने पर दिन में उमस भी रहती है। सरकारी अस्पताल हों या फिर प्राइवेट हर जगह बुखार पीड़ित मरीजों की भरमार है।
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1031 मरीज इलाज कराने आए। इसमें से 409 मरीज सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मिले। चिकित्सकों ने ऐसे सभी मरीजों की पहले पैथोलॉजिकल जांच कराई। जांच में कुछ मरीजों की प्लेटलेट्स कम मिलीं लेकिन किसी में भी डेंगू के लक्षण नहीं पाए गए। मरीजों की अधिकता के चलते मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी दो बजे के बजाए करीब साढ़े तीन बजे तक संचालित हुई।
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सावधानी बरतने की जरूरत
जिला अस्पताल के चिकित्सक फिजीशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि इस समय मौसमी बीमारियां चल रही हैं। ऐसे में लोगों को इलाज कराने के साथ ही सावधानी बरतने की जरूरत है। कहा कि बुखार आने पर देशी नुस्खे अपनाने के बजाए डॉक्टर से परामर्श लेकर इलाज कराएं। यदि लगातार तीन दिन से बुखार हो तो ग्रामीण क्षेत्र के झोलाछाप के फेर में नहीं पड़े।
तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचकर जांच कराते हुए इलाज शुरू करें। नियमित गरम पानी का सेवन करें। फ्रिज में रखी व ठंडी वस्तुओं, मसालेदार व्यंजन का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें। तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें। पूरी बांह का कपड़े पहने, अपने घर पर रखे टूटे पात्र व बर्तनों में पानी न जमा होने दें तथा नियमित रूप से साफ-सफाई करें।
दवाओं की नहीं कमी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है। सभी प्रकार की दवाएं अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाएं अस्पताल से दी जा रही हैं।
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मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच करीब एक माह से मौसमी बीमारियों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से कोई भी मरीज डेंगू से संक्रमित नहीं पाया गया। लेकिन सीजनल बुखार व खांसी पीड़ित मरीजों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बीच मौसम भी ठंडा हो गया है। लेकिन मौसम साफ होने पर दिन में उमस भी रहती है। सरकारी अस्पताल हों या फिर प्राइवेट हर जगह बुखार पीड़ित मरीजों की भरमार है।
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मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1031 मरीज इलाज कराने आए। इसमें से 409 मरीज सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मिले। चिकित्सकों ने ऐसे सभी मरीजों की पहले पैथोलॉजिकल जांच कराई। जांच में कुछ मरीजों की प्लेटलेट्स कम मिलीं लेकिन किसी में भी डेंगू के लक्षण नहीं पाए गए। मरीजों की अधिकता के चलते मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी दो बजे के बजाए करीब साढ़े तीन बजे तक संचालित हुई।
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सावधानी बरतने की जरूरत
जिला अस्पताल के चिकित्सक फिजीशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि इस समय मौसमी बीमारियां चल रही हैं। ऐसे में लोगों को इलाज कराने के साथ ही सावधानी बरतने की जरूरत है। कहा कि बुखार आने पर देशी नुस्खे अपनाने के बजाए डॉक्टर से परामर्श लेकर इलाज कराएं। यदि लगातार तीन दिन से बुखार हो तो ग्रामीण क्षेत्र के झोलाछाप के फेर में नहीं पड़े।
तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचकर जांच कराते हुए इलाज शुरू करें। नियमित गरम पानी का सेवन करें। फ्रिज में रखी व ठंडी वस्तुओं, मसालेदार व्यंजन का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें। तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें। पूरी बांह का कपड़े पहने, अपने घर पर रखे टूटे पात्र व बर्तनों में पानी न जमा होने दें तथा नियमित रूप से साफ-सफाई करें।
दवाओं की नहीं कमी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है। सभी प्रकार की दवाएं अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाएं अस्पताल से दी जा रही हैं।