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महिलाओं की समस्याओं का हो प्राथमिकता पर निस्तारण
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अंबेडकरनगर के विकास भवन सभागार में महिला उत्पीड़न मामले पर सुनवाई करतीं राज्य महिला आयोग की सदस?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। योजनाओं का लाभ महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। उत्पीड़न का शिकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए उन्हें बार बार थाने का चक्कर लगाने को मजबूर न किया जाए। यह निर्देश बुधवार को राज्य महिला आयेाग की सदस्य संगीता तिवारी ने विकास भवन सभागार में जनसुनवाई के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों को दिए। इस दौरान कुल 11 महिलाओं ने पहुंचकर अपनी अपनी शिकायतें दर्ज कराई, जिसके सापेक्ष 7 शिकायतों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया।
बुधवार सुबह राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता तिवारी जनसुनवाई के लिए विकास भवन सभागार पहुंची। यहां कुल 11 महिलाओं ने अपनी अपनी शिकायतें दर्ज कराई। इनमें से 7 शिकायतों का निस्तारण मौके पर कर दिया। आयुष्मान भारत योजना के एक, प्रधानमंत्री आवसीय योजना के एक व घरेलू हिंसा के दो शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रकरण संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया।
जिम्मेदारी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का महिलाओं को अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उन्हें बार बार संबंधित कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर न किया जाए। उत्पीडन की शिकार महिलाओं की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए। इस दौरान सीओ धर्मेंद्र सचान, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके चौरसिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह, महिला थाना प्रभारी प्रियंका मिश्रा, संगीता आदि मौजूद रहे।
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बुधवार सुबह राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता तिवारी जनसुनवाई के लिए विकास भवन सभागार पहुंची। यहां कुल 11 महिलाओं ने अपनी अपनी शिकायतें दर्ज कराई। इनमें से 7 शिकायतों का निस्तारण मौके पर कर दिया। आयुष्मान भारत योजना के एक, प्रधानमंत्री आवसीय योजना के एक व घरेलू हिंसा के दो शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रकरण संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया।
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जिम्मेदारी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का महिलाओं को अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उन्हें बार बार संबंधित कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर न किया जाए। उत्पीडन की शिकार महिलाओं की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए। इस दौरान सीओ धर्मेंद्र सचान, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके चौरसिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह, महिला थाना प्रभारी प्रियंका मिश्रा, संगीता आदि मौजूद रहे।