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हम बिजली ही नहीं बनाते, करते हैं समाज का निर्माण
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अंबेडकरनगर के एनटीपीसी में प्रगति गोष्ठी को संबोधित करते परियोजना प्रमुख संजय कुमार सिंह
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। एनटीपीसी सिर्फ बिजली ही नहीं बनाती बल्कि जनकल्याण का कार्य भी प्राथमिकता से करती है। यह विचार एनटीपीसी टांडा इकाई के परियोजना प्रमुख संजय कुमार सिंह ने एनटीपीसी की प्रगति गोष्ठी में प्रकट किया। कहा कि हम लगातार जनकल्याण के काम करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि फेज वन की चार इकाइयों में बिजली उत्पादन का कार्य अभी बंद है, लेकिन बिजली की आवश्यकता में कमी आने के कारण उससे उत्पादन रोका गया है। जैसे ही जरूरत हुई हम पूरी प्राथमिकता के साथ फिर से फेज वन की सभी चार यूनिटों से बिजली उत्पादन शुरू कर देंगे।
एनटीपीसी टांडा स्थित सप्तरंग क्लब में मीडिया से मुखातिब परियोजना प्रमुख को मीडिया कर्मियों के कोयला संकट से जुड़े तमाम सवालों का सामना करना पड़ा। उनसे सवाल किया गया कि देश भर में कोयला का जो संकट है, उसके चलते ही यहां भी व्यापक असर देखने को मिला है। कहा गया कि तथ्यों को छिपाने की बजाए सच सामने लाना जरूरी होता है। जिसका प्रयास एनटीपीसी की स्थानीय टीम को जरूर करना चाहिए। महाप्रबंधक ने सवालों के जवाब में कहा कि एनटीपीसी की फेज वन से जुड़ी चार इकाइयों में बिजली का उत्पादन बंद जरूर है, लेकिन कोयला संकट नहीं है। अभी बिजली की खपत कम हुई है। फेज वन से उत्पादित होने वाली बिजली महंगी पड़ती है। इसलिए जरूरत के अनुरूप बिजली फेज टू की दो इकाइयों से सुचारु उत्पादन चल रहा है। हमें आठ रैक कोयले की जरूरत प्रतिदिन होती है। इसकी उपलब्धता हो रही है। जैसे ही बिजली की डिमांड बढ़ेगी वैसे ही हम फेज वन की बंद पड़ी इकाइयों से भी बिजली उत्पादन शुरू कर देंगे।
परियोजना प्रमुख ने कहा कि एनटीपीसी टांडा इकाई को व्यापक प्राथमिकता दी है। इसके चलते ही यहां कोयले की स्थिति सामान्य बनी रही। कहा कि हम बिजली उत्पादन के साथ ही जनकल्याण के लिए वचनबद्ध हैं। एनटीपीसी सिर्फ बिजली ही नहीं बनाती बल्कि हम सब जनकल्याण के लिए भी सदैव समर्पित रहते हैं। हमने कोरोना संक्रमण के दौर में मरीजों व तीमारदारों की अथक सेवा की। एनटीपीसी अस्पताल में इलाज करने के अलावा बाहर के क्षेत्रों में जाकर भी जरूरी मदद सुनिश्चित की गई। एनटीपीसी की तरफ से जन सामान्य के लिए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई गई। बड़े पैमाने पर सैनिटाइजर व मास्क का वितरण हमने किया है।
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परियोजना प्रमुख ने कहा कि हम जीवन के साथ रहने के अलावा जीवन के बाद तक भी मदद करते रहने को तत्पर रहते हैं। इसी के चलते हमने बीते दिनों नया शव वाहन स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है। इसका लाभ जरूरतमंद उठा सकेंगे। उन्होंने जन सामान्य को भरोसा दिलाया कि टांडा इकाई मानवता की मदद व सेवा के लिए सभी जरूरी प्रयत्न करती रहेगी। महाप्रबंधक प्रचालन बीसी पोलाई, महाप्रबंधक परियोजना जेएस अहलावत, महाप्रबंधक चिकित्सा डॉ. उदयन तिवारी व अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन एसएन पाणिग्रही ने अलग अलग क्षेत्रों में एनटीपीसी द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। एनटीपीसी की उपलब्धियां गिनाईं। उप महाप्रबंधक मानव संसाधन म़ृणालिनी के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी शिखा प्रसून ने किया। मानव संसाधन से जुड़े विवेक स्वरूप श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले एनटीपीसी प्रगति संकल्प गीत हुआ। एनटीपीसी की प्रगति से जुड़ी तमाम जानकारियां वीडियो क्लिप के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं।
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एनटीपीसी टांडा स्थित सप्तरंग क्लब में मीडिया से मुखातिब परियोजना प्रमुख को मीडिया कर्मियों के कोयला संकट से जुड़े तमाम सवालों का सामना करना पड़ा। उनसे सवाल किया गया कि देश भर में कोयला का जो संकट है, उसके चलते ही यहां भी व्यापक असर देखने को मिला है। कहा गया कि तथ्यों को छिपाने की बजाए सच सामने लाना जरूरी होता है। जिसका प्रयास एनटीपीसी की स्थानीय टीम को जरूर करना चाहिए। महाप्रबंधक ने सवालों के जवाब में कहा कि एनटीपीसी की फेज वन से जुड़ी चार इकाइयों में बिजली का उत्पादन बंद जरूर है, लेकिन कोयला संकट नहीं है। अभी बिजली की खपत कम हुई है। फेज वन से उत्पादित होने वाली बिजली महंगी पड़ती है। इसलिए जरूरत के अनुरूप बिजली फेज टू की दो इकाइयों से सुचारु उत्पादन चल रहा है। हमें आठ रैक कोयले की जरूरत प्रतिदिन होती है। इसकी उपलब्धता हो रही है। जैसे ही बिजली की डिमांड बढ़ेगी वैसे ही हम फेज वन की बंद पड़ी इकाइयों से भी बिजली उत्पादन शुरू कर देंगे।
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परियोजना प्रमुख ने कहा कि एनटीपीसी टांडा इकाई को व्यापक प्राथमिकता दी है। इसके चलते ही यहां कोयले की स्थिति सामान्य बनी रही। कहा कि हम बिजली उत्पादन के साथ ही जनकल्याण के लिए वचनबद्ध हैं। एनटीपीसी सिर्फ बिजली ही नहीं बनाती बल्कि हम सब जनकल्याण के लिए भी सदैव समर्पित रहते हैं। हमने कोरोना संक्रमण के दौर में मरीजों व तीमारदारों की अथक सेवा की। एनटीपीसी अस्पताल में इलाज करने के अलावा बाहर के क्षेत्रों में जाकर भी जरूरी मदद सुनिश्चित की गई। एनटीपीसी की तरफ से जन सामान्य के लिए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई गई। बड़े पैमाने पर सैनिटाइजर व मास्क का वितरण हमने किया है।
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परियोजना प्रमुख ने कहा कि हम जीवन के साथ रहने के अलावा जीवन के बाद तक भी मदद करते रहने को तत्पर रहते हैं। इसी के चलते हमने बीते दिनों नया शव वाहन स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है। इसका लाभ जरूरतमंद उठा सकेंगे। उन्होंने जन सामान्य को भरोसा दिलाया कि टांडा इकाई मानवता की मदद व सेवा के लिए सभी जरूरी प्रयत्न करती रहेगी। महाप्रबंधक प्रचालन बीसी पोलाई, महाप्रबंधक परियोजना जेएस अहलावत, महाप्रबंधक चिकित्सा डॉ. उदयन तिवारी व अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन एसएन पाणिग्रही ने अलग अलग क्षेत्रों में एनटीपीसी द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। एनटीपीसी की उपलब्धियां गिनाईं। उप महाप्रबंधक मानव संसाधन म़ृणालिनी के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी शिखा प्रसून ने किया। मानव संसाधन से जुड़े विवेक स्वरूप श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले एनटीपीसी प्रगति संकल्प गीत हुआ। एनटीपीसी की प्रगति से जुड़ी तमाम जानकारियां वीडियो क्लिप के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं।