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शव रख कर ग्रामीणों ने तीन घंटे लगाया जाम
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अंबेडकरनगर के आलापुर में पिटाई से मौत मामले में सड़क जाम के दौरान एडीएम को मांग पत्र सौंपते ग्रा?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। पिटाई से घायल ग्रामीण की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को अछती गांव के पास बसखारी जहांगीरगंज मार्ग करीब तीन घंटे तक जाम रखा। शव को सड़क पर रखकर परिजनों व ग्रामीणों ने इस मामले में दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की मांग की। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के चलते गांव में पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल के अलावा एडीएम व एएसपी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रख दिया और घटना में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
परिजनों की मांग थी कि दोषियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। परिजनों के नाम शस्त्र लाइसेंस जारी करने सहित लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसी तरह जाम खुल सका। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। बाद में परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार कर दिया।
बीते गुरुवार को आलापुर थाना क्षेत्र के अछती गांव में मामूली विवाद में दो समुदायों में संघर्ष हो गया था। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लामबंद होकर जानलेवा हमला बोल दिया।
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पिटाई से गांव निवासी रामशकल मौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए। केजीएमयू लखनऊ में उपचार के दौरान शनिवार देर शाम उनकी मौत हो गई। यह खबर गांव पहुंची तो ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया। एसपी के निर्देश पर गांव में भारी संख्या में पुलिस व पीएसी की तैनाती कर दी गई। उम्मीद थी कि रविवार को शव गांव पहुंचेगा, परंतु दिन में शव नहीं पहुंच सका। मारपीट मामले में पुलिस ने एक पक्ष से सादिक समेत कुल 13 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है, जबकि दूसरे पक्ष से रणविजय सहित तीन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया। इस बीच रविवार देर रात रामशकल का शव गांव पहुंचा तो फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सोमवार को सुबह ही एडीएम अशोक कुमार कनौजिया, एएसपी संजय कुमार राय व सीओ जगदीशलाल टमटा गांव पहुंच गए। पुलिस व प्रशासनिक टीम परिजनों को समुचित कार्रवाई का भरोसा दिला रही थी। इस बीच सुबह 11 बजे ग्रामीणों व परिजनों ने शव ले जाकर गांव के पास बसखारी जहांगीरगंज मार्ग पर रख कर जाम लगा दिया। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई करते हुए जल्द उन्हें पकड़ा जाए। लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही परिजनों को शस्त्र लाइसेंस मुहैया कराया जाएग।
सात मांगों को लेकर लगभग तीन घंटे तक मान मनौव्वल का दौर चला। इससे बसखारी जहांगीरगंज मार्ग जाम रहा। इससे सड़क के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। बाद में प्रशासन परिजनों की सातों मांगों को मानने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद जाम खुल सका। ग्रामीणों को समझाने में विधायक अनीता कमल, भाजपा नेता दिनेश पांडेय, पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, आनंद जायसवाल ने अहम भूमिका निभाई। एएसपी ने बताया कि मामले में एक नामजद व तीन अज्ञात की गिरफ्तारी अब तक हो चुकी है। जल्द ही अन्य आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
घर पहुंच जताया शोक
ग्रामीण का शव रविवार देर रात घर पहुंचने पर भाजपा विधायक अनीता कमल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी, पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिनेश पांडेय, पूर्व मंडल अध्यक्ष आनंद जायसवाल, मंडल अध्यक्ष भगवान पांडेय, समेत कई नेताओं ने घर पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की। परिजनों को आश्वासन दिलाया कि मामले में समुचित कार्रवाई कराई जाएगी। परिजनों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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परिजनों की मांग थी कि दोषियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। परिजनों के नाम शस्त्र लाइसेंस जारी करने सहित लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसी तरह जाम खुल सका। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। बाद में परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार कर दिया।
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बीते गुरुवार को आलापुर थाना क्षेत्र के अछती गांव में मामूली विवाद में दो समुदायों में संघर्ष हो गया था। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लामबंद होकर जानलेवा हमला बोल दिया।
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पिटाई से गांव निवासी रामशकल मौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए। केजीएमयू लखनऊ में उपचार के दौरान शनिवार देर शाम उनकी मौत हो गई। यह खबर गांव पहुंची तो ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया। एसपी के निर्देश पर गांव में भारी संख्या में पुलिस व पीएसी की तैनाती कर दी गई। उम्मीद थी कि रविवार को शव गांव पहुंचेगा, परंतु दिन में शव नहीं पहुंच सका। मारपीट मामले में पुलिस ने एक पक्ष से सादिक समेत कुल 13 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है, जबकि दूसरे पक्ष से रणविजय सहित तीन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया। इस बीच रविवार देर रात रामशकल का शव गांव पहुंचा तो फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सोमवार को सुबह ही एडीएम अशोक कुमार कनौजिया, एएसपी संजय कुमार राय व सीओ जगदीशलाल टमटा गांव पहुंच गए। पुलिस व प्रशासनिक टीम परिजनों को समुचित कार्रवाई का भरोसा दिला रही थी। इस बीच सुबह 11 बजे ग्रामीणों व परिजनों ने शव ले जाकर गांव के पास बसखारी जहांगीरगंज मार्ग पर रख कर जाम लगा दिया। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई करते हुए जल्द उन्हें पकड़ा जाए। लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही परिजनों को शस्त्र लाइसेंस मुहैया कराया जाएग।
सात मांगों को लेकर लगभग तीन घंटे तक मान मनौव्वल का दौर चला। इससे बसखारी जहांगीरगंज मार्ग जाम रहा। इससे सड़क के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। बाद में प्रशासन परिजनों की सातों मांगों को मानने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद जाम खुल सका। ग्रामीणों को समझाने में विधायक अनीता कमल, भाजपा नेता दिनेश पांडेय, पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, आनंद जायसवाल ने अहम भूमिका निभाई। एएसपी ने बताया कि मामले में एक नामजद व तीन अज्ञात की गिरफ्तारी अब तक हो चुकी है। जल्द ही अन्य आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
घर पहुंच जताया शोक
ग्रामीण का शव रविवार देर रात घर पहुंचने पर भाजपा विधायक अनीता कमल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी, पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिनेश पांडेय, पूर्व मंडल अध्यक्ष आनंद जायसवाल, मंडल अध्यक्ष भगवान पांडेय, समेत कई नेताओं ने घर पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की। परिजनों को आश्वासन दिलाया कि मामले में समुचित कार्रवाई कराई जाएगी। परिजनों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।