फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Uproar over the death of a teenager, road blocked for three hours

Ambedkar Nagar News: किशोर की मौत पर हंगामा, ती घंटे सड़क जाम

Thu, 22 Aug 2024 11:05 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2024 11:05 PM IST
विज्ञापन
Uproar over the death of a teenager, road blocked for three hours
 बिजली की चपेट में आने से युवक की मौत के बाद रामपुर सकरवारी बाजार में मार्ग जाम करते ग्रामीण - 
अंबेडकरनगर। बेवाना थाना क्षेत्र के नौगवां गांव में एक दिन पहले करंट से हुई किशोर की मौत को लेकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। पहले तो बुधवार शाम शव को गांव से नहीं उठने दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार को पोस्टमाॅर्टम के बाद पहले गांव के बाहर शव रखकर जाम लगा दिया। फिर रामपुर सकरवारी बाजार में अकबरपुर दोस्तपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। तीन घंटे से अधिक समय तक लाठी डंडों के साथ उग्र हुए लोगों ने मार्ग को अवरुद्ध किए रखा।
विज्ञापन

डीएम व एसपी ने मौके पर पहुंचकर कई आश्वासन दिए तब जाकर लोगों का आक्रोश शांत हुआ। बाद में मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंचे दो मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह व गिरीश यादव ने नौगवां पहुंचकर परिजनों को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा व कई अन्य तरह की सुविधाएं देने की घोषणा की। इससे पहले पुलिस ने करंट से मौत मामले में छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर तीन को गिरफ्तार भी कर लिया।
विज्ञापन

बेवाना थाना क्षेत्र के नौगवां गांव में बुधवार दोपहर बाद करंट लगने से स्थानीय किशोर अमर निषाद (16) की मौत हो गई थी। परिजनों का कहना था कि गांव निवासी हदीशुल के घर की बिजली खराब हो गई थी। वह उसे ठीक करने के लिए अमर को बुलाने आई। वह जाने को तैयार नहीं था। लेकिन बाद में आए कुछ और लोग उसे जबरन साथ लिवा ले गए। इसी दौरान वहां करंट लगने से किशोर की मौत हो गई। दो अलग अलग वर्ग से जुड़ा मामला होने के कारण ग्रामीणों ने आक्रोश फैल गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी देर शाम तक समझाते रहे। लेकिन परिजन सऊदी अरब में रह रहे किशोर के पिता जयप्रकाश के आने तक शव देने को तैयार नहीं हुए। पूरी रात गांव में पुलिस का पहरा बना रहा। आक्रोश शांत करने के लिए पुलिस ने हदीशुल, बब्लू उनके पिता शुकरुल्लाह व बब्लू की पत्नी के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस बृहस्पतिवार सुबह शव को वहां से निकाल सकी, इसके बाद चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमाॅर्टम कराया गया। दोपहर करीब शव परिजनों को दिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी तथा कुछ अफसर भी शव के साथ गांव की तरफ निकले। परिजनों ने इसके बाद गांव के बाहर पहुंचकर शव को सड़क पर रख दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे सब किशोर का शव जिस घर के सामने मिला था उन लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज करने की मांग शुरू कर दी। पुलिस ने मांग मानते हुए दो अन्य आरोपियों जमील व मोनू के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया।
पुलिस किसी तरह यहां से शव लेकर आगे बढ़ी तो एक बार फिर शव को ग्रामीणों ने रामपुर सकरवारी बाजार के निकट सिसवा मोड़ पर रख दिया। इससे अकबरपुर दोस्तपुर मुख्य मार्ग दिन में दो बजे करीब जाम हो गया। डीएम अविनाश सिंह व एसपी डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बताया कि तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है। सभी जरूरी मदद की जाएगी। इसके बाद मार्ग जाम लगभग तीन घंटे बाद समाप्त हुआ।

---------------------
सीएम के निर्देश पर पहुंचे दो मंत्री
दो अलग-अलग समुदाय से जुड़ा मामला होने के चलते पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में भी पहुंचा। इस मामले को उन्होंने अत्यंत गंभीरता से लिया। डीएम अविनाश सिंह को मौके पर जाने व सभी जरूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी कराने का निर्देश देने के साथ ही कटेहरी उपचुनाव प्रभारी जल शक्तिमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह व जिले के प्रभारी मंत्री गिरीशचंद्र यादव को मौके पर भेजा। जाम समाप्त होने के थोड़ी ही देर बाद दोनों मंत्री नौगवां गांव गए। वहां मंत्रियों ने परिजनों को प्रदेश सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। आयुष्मान योजना में मुफ्त इलाज के लिए कार्ड प्रदान किया। साथ ही सीएम आवास, एक बीघा कृषि भूमि तथा मछली पालन के लिए तालाब का आवंटन कर दिए जाने की घोषणा कर दी। इससे पहले आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने बुझाने में भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी, अयोध्या जिला प्रभारी डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी, पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य रमाशंकर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा व जिला उपाध्यक्ष मोनू सिंह आदि ने भी प्रमुख भूमिका निभाई।

चौबीस घंटे रहा हंगामे का माहौल
नौगवां गांव में किशोर की मौत को लेकर चौबीस घंटे तक हंगामे का माहौल बना रहा। बुधवार शाम चार बजे के बाद से शुरू हुआ हंगामा बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक चलता रहा। एसडीएम सदर सौरभ शुक्ल, सीओ सिटी देवेंद्र मौर्य, प्रशिक्षु सीओ ऐश्वर्य उपाध्याय को लगातार गांव में कैंप करना पड़ा। बुधवार देर शाम ही ग्रामीणों को समझाने बुझाने एडीएम डॉ. सदानंद गुप्त व एएसपी विशाल पांडेय भी पहुंचे। इसके बाद भी ग्रामीण कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। बृहस्पतिवार सुबह माहौल शांत हुआ लेकिन पोस्टमाॅर्टम के बाद शव मिलते ही फिर से हंगामा शुरू हो गया।



होता रहा उपद्रव, लाचार रहा प्रशासन
किशोर की मौत के बाद बुधवार को जहां ग्रामीण शांतिपूर्ण ढंग से मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं बृहस्पतिवार को यहां उपद्रव का महौल नजर आया। हालत यह थी कि मार्ग जाम के दौरान महिलाओं तक ने हाथों में लाठी-डंडे ले रखे थे। वाहन निकलने की कोशिश के दौरान उन्हें दौड़ाए जाने का भी मामला सामने आया। युवकों व अन्य ग्रामीणों ने भी लाठी-डंडे थाम रखे थे। ग्रामीणों ने घंटों उपद्रव किया लेकिन प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पूरी तरह लाचार नजर आए, क्योंकि प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed