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Ambedkar Nagar News: पांच दिन से नहीं मिल रही अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट
Tue, 17 Feb 2026 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:13 PM IST
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अंबेडकरनगर। सम्मनपुर के दुबखर परम रूदाइन की एक गर्भवती महिला कमलेश को जिला अस्पताल से अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट मिलने में हो रही पांच दिन की देरी के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित महिला के पिता रविंद्र कुमार के अनुसार 5 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 7: 30 बजे, जब वह घर पर नहीं थे, तब उनके विपक्षी विक्रम, उनके बेटे विनय, विकास, आकाश, पत्नी तारा और विक्रम उनके घर में घुस आए। एक छोटी सी बात को लेकर हुए विवाद के बाद, उन्होंने घर में घुसकर उनकी गर्भवती बेटी कमलेश को अकेला पाकर बेरहमी से पीटा। इस हमले में कमलेश को गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद डॉक्टर ने उसका अल्ट्रासाउंड किया था, जिसमें भ्रूण की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण महिला को दो सप्ताह बाद दोबारा बुलाया गया था।
12 फरवरी को महिला का जिला अस्पताल में दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें कोई मूवमेंट नहीं मिला। इसके बावजूद, पांच दिन बीत जाने के बाद भी अब तक रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
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सोमवार को रविंद्र कुमार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी पुत्री के गर्भस्थ शिशु ने दम तोड़ दिया है।
g चिकित्सा और कानूनी अड़चनें : सीएमओ की ओर से एसओ को संयुक्त जिला चिकित्सालय के माध्यम से जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह का दावा है कि घटना के दिन दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था और कमलेश का अल्ट्रासाउंड कराया गया था, जिसके प्रारंभिक निष्कर्षों में चिकित्सकों ने सब कुछ ठीक बताया था।
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पीड़ित महिला के पिता रविंद्र कुमार के अनुसार 5 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 7: 30 बजे, जब वह घर पर नहीं थे, तब उनके विपक्षी विक्रम, उनके बेटे विनय, विकास, आकाश, पत्नी तारा और विक्रम उनके घर में घुस आए। एक छोटी सी बात को लेकर हुए विवाद के बाद, उन्होंने घर में घुसकर उनकी गर्भवती बेटी कमलेश को अकेला पाकर बेरहमी से पीटा। इस हमले में कमलेश को गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद डॉक्टर ने उसका अल्ट्रासाउंड किया था, जिसमें भ्रूण की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण महिला को दो सप्ताह बाद दोबारा बुलाया गया था।
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12 फरवरी को महिला का जिला अस्पताल में दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें कोई मूवमेंट नहीं मिला। इसके बावजूद, पांच दिन बीत जाने के बाद भी अब तक रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
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सोमवार को रविंद्र कुमार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी पुत्री के गर्भस्थ शिशु ने दम तोड़ दिया है।
g चिकित्सा और कानूनी अड़चनें : सीएमओ की ओर से एसओ को संयुक्त जिला चिकित्सालय के माध्यम से जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह का दावा है कि घटना के दिन दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था और कमलेश का अल्ट्रासाउंड कराया गया था, जिसके प्रारंभिक निष्कर्षों में चिकित्सकों ने सब कुछ ठीक बताया था।