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घाटों पर दिखी आस्था व विश्वास की त्रिवेणी
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अंबेडकरनगर के अकबरपुर में डाला छठ के मौके पर उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए उमड़ी महिला श
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। ढोल नगाड़ों व आतिशबाजी के बीच घाटों पर गुरुवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाओं ने निर्जला व्रत का पारण किया। साथ ही पुत्र की दीर्घायु की कामना की। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सरयू व तमसा नदी के घाट आतिशबाजी से गूूंज उठे। इसके साथ ही छठ माता के जयकारों से समूचा माहौल भक्तिमय हो गया। महिलाओं ने इस बीच एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इस बीच सेल्फी का भी जमकर दौर चला। न सिर्फ महिलाओं व युवतियों ने सेल्फी ली, बल्कि उसे सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। प्रमुख घाटों पर गोताखोरों की भी तैनाती की गई।
पुत्र की दीर्घायु की कामना के लिए मनाए जाने वाले चार दिवसीय डाला छठ पर्व का गुरुवार को समापन हो गया। बुधवार को महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा था। शाम को सरयू व तमसा नदी के घाट के साथ ही पोखरे के तट पर पहुंचकर महिलाओं ने डूबते सूर्य को विधिविधानपूर्वक मंत्रोच्चार के बाद अर्घ्य दिया था। पर्व के अंतिम दिन गुरुवार को पर्व का उल्लास चरम पर पहुंच चुका था।
जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में नदियों व पोखरों के तट पर देर रात से ही महिलाओं का परिवार के सदस्यों के साथ ढोल नगाड़ों के बीच थिरकते हुए पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अकबरपुर नगर के तमसा नदी के गायत्री मंदिर घाट, पंडाटोला स्थित शिवाला घाट व जौहरडीह घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं सजधज कर एकत्र हो गईं। सभी के चेहरे खुशी से चमक रहे थे। पर्व को लेकर उनमें उल्लास का माहौल था। सभी को इंतजार था कि सूर्य की लालिमा बिखरेे ओर वे उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र की दीर्घायु की कामना करें। इसके बाद व्रत का पारण करें।
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जैसे ही सूर्य निकला, समूचा माहौल छठ माता के जयकारों से गूंज उठा। ढोल नगाड़े बजने लगे। आतिशबाजी शुरू हो गई। चारों तरफ उल्लास का माहौल हो गया। महिलाओं ने विधिविधान पूर्वक टांडा में सरयू नदी के राजघाट समेत कई अन्य घाटों के अलावा आलापुर में सरयू नदी के अलग-अलग घाट के साथ ही श्रवणक्षेत्र व अकबरपुर में पानी में जाकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद निर्जला व्रत का पारण किया।
जमकर की गई आतिशबाजी
गुरुवार को सुबह जब उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा शुरू हुई, तो जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में नदियों व पोखरों के किनारे आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया। काफी देर तक हुई आतिशबाजी से समूचा माहौल गूंज उठा। अकबरपुर नगर के तमसा नदी के गायत्री मंदिर तट, शिवाला घाट व जौहरडीह घाट पर काफी देर तक आतिशबाजी का दौर चला। इसमें महिलाओं के साथ आए परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। आतिशबाजी के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की बधाई भी दी। सुबह 6 बजे तक घाटों पर उल्लास का माहौल होने के बाद महिलाएं अपने-अपने घर गईं और व्रत का पारण किया।
सेल्फी लेने की लगी होड़
सूर्य को अर्घ्य देने के बीच महिलाओं व युवतियों में सेल्फी लेने की होड़ सी मच गई। सभी ने बढ़-चढ़कर सेल्फी ली। कोई अकेले सेल्फी ले रहा था, तो कोई परिवार के सदस्यों के साथ। नीतू पांडेय व ज्योति ने सेल्फी लेने के बाद कहा कि वह इस गौरवशाली पल को अपने मोबाइल में कैद कर लेना चाहती हैं। उन्हें वर्ष भर इंतजार रहता है इस पर्व का। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान जो खुशी होती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। वे ली गई सेल्फी को सोशल मीडिया पर भी शेयर करेंगी। सीमा व रंजना ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि जिस समय वे सूर्य को अर्घ्य दे रही थीं, उस समय उन्हें अत्यंत खुशी हो रही थी। अर्घ्य देने के बाद उन्होंने पहले अकेले सेल्फी ली, इसके बाद परिवार के सदस्य के साथ सेल्फी ली। अब इसे वे सोशल मीडिया पर शेयर करेंगी। युवती रीना व विनीता ने कहा कि वे अपनी मम्मी के साथ यहां आईं हैं। उनकी ओर से अर्घ्य देने के बाद हमने पहले अकेले सेल्फी ली, फिर मम्मी के साथ और इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सेल्फी ली।
जेल में महिला बंदियों ने की पुत्र की दीर्घायु की कामना
डाला छठ पर्व को उल्लास सिर्फ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि जिला कारागार में भी दिखा। एक तरफ जहां विभिन्न घाटों पर आजादी की सांस ले रहीं महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु की कामना की, तो वहीं जिला कारागार में कैद महिला बंदियों ने भी कारागार परिसर में ही खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में घुसकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र की दीर्घायु की कामना की। इसके बाद उन्होंने व्रत का पारण किया। इस पल ने वहां मौजूद अन्य बंदियों को भावुक कर दिया। डाला छठ के मौके पर निर्जला व्रत रखने वाली बंदी महिलाओं को एक खुशनुमा माहौल मिल सके, इसके लिए जेल प्रशासन ने सभी समुचित व्यवस्था की थी। चारों तरफ साज सजावट की गई थी, तो ढोल नगाड़ों की भी व्यवस्था थी।
घाटों पर सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
डाला छठ पर्व के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। अकबरपुर नगर के तीनों घाटों पर महिला पुलिस कर्मियों के साथ ही जगह-जगह पुरुष सिपाहियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। एएसपी संजय राय ने बताया कि सभी घाटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इसके अलावा गहराई वाले घाटों पर गोताखोरों की भी तैनाती की गई थी। हालांकि कहीं से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
महिला जनप्रतिनिधियों ने की भागीदारी
डाला छठ पर्व पर महिला जनप्रतिनिधियों ने भी प्रमुखता से भागीदारी की। टांडा विधायक संजू देवी ने टांडा नगर के हनुमान गढ़ी घाट पर आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम में शिरकत करते हुए महिलाओं का मनोबल बढ़ाया। विधायक ने यहां अपने प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्त व सभासद जयप्रकाश यादव के साथ हनुमानगढ़ी घाट पर सफाई अभियान भी चलाया। आलापुर विधायक अनीता कमल ने राजेसुल्तानपुर के बुढ़िया माई स्थान पर आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम में भागीदारी की। यहां भूमि विकास बैंक के निदेशक यमुना प्रसाद चतुर्वेदी, पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, अभिषेक त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, रामशरीक सिंह, रामकरन चतुर्वेदी व शाहिद अंसारी मौजूद रहे। अकबरपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्त ने तमसा नदी के गायत्री मंदिर घाट पर आयोजित छठ पूजा में शिरकत करते हुए नगर परिषद की तरफ से महिलाओं के लिए सभी जरूरी प्रबंध सुनिश्चित किया।
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पुत्र की दीर्घायु की कामना के लिए मनाए जाने वाले चार दिवसीय डाला छठ पर्व का गुरुवार को समापन हो गया। बुधवार को महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा था। शाम को सरयू व तमसा नदी के घाट के साथ ही पोखरे के तट पर पहुंचकर महिलाओं ने डूबते सूर्य को विधिविधानपूर्वक मंत्रोच्चार के बाद अर्घ्य दिया था। पर्व के अंतिम दिन गुरुवार को पर्व का उल्लास चरम पर पहुंच चुका था।
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जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में नदियों व पोखरों के तट पर देर रात से ही महिलाओं का परिवार के सदस्यों के साथ ढोल नगाड़ों के बीच थिरकते हुए पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अकबरपुर नगर के तमसा नदी के गायत्री मंदिर घाट, पंडाटोला स्थित शिवाला घाट व जौहरडीह घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं सजधज कर एकत्र हो गईं। सभी के चेहरे खुशी से चमक रहे थे। पर्व को लेकर उनमें उल्लास का माहौल था। सभी को इंतजार था कि सूर्य की लालिमा बिखरेे ओर वे उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र की दीर्घायु की कामना करें। इसके बाद व्रत का पारण करें।
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जैसे ही सूर्य निकला, समूचा माहौल छठ माता के जयकारों से गूंज उठा। ढोल नगाड़े बजने लगे। आतिशबाजी शुरू हो गई। चारों तरफ उल्लास का माहौल हो गया। महिलाओं ने विधिविधान पूर्वक टांडा में सरयू नदी के राजघाट समेत कई अन्य घाटों के अलावा आलापुर में सरयू नदी के अलग-अलग घाट के साथ ही श्रवणक्षेत्र व अकबरपुर में पानी में जाकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद निर्जला व्रत का पारण किया।
जमकर की गई आतिशबाजी
गुरुवार को सुबह जब उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा शुरू हुई, तो जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में नदियों व पोखरों के किनारे आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया। काफी देर तक हुई आतिशबाजी से समूचा माहौल गूंज उठा। अकबरपुर नगर के तमसा नदी के गायत्री मंदिर तट, शिवाला घाट व जौहरडीह घाट पर काफी देर तक आतिशबाजी का दौर चला। इसमें महिलाओं के साथ आए परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। आतिशबाजी के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की बधाई भी दी। सुबह 6 बजे तक घाटों पर उल्लास का माहौल होने के बाद महिलाएं अपने-अपने घर गईं और व्रत का पारण किया।
सेल्फी लेने की लगी होड़
सूर्य को अर्घ्य देने के बीच महिलाओं व युवतियों में सेल्फी लेने की होड़ सी मच गई। सभी ने बढ़-चढ़कर सेल्फी ली। कोई अकेले सेल्फी ले रहा था, तो कोई परिवार के सदस्यों के साथ। नीतू पांडेय व ज्योति ने सेल्फी लेने के बाद कहा कि वह इस गौरवशाली पल को अपने मोबाइल में कैद कर लेना चाहती हैं। उन्हें वर्ष भर इंतजार रहता है इस पर्व का। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान जो खुशी होती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। वे ली गई सेल्फी को सोशल मीडिया पर भी शेयर करेंगी। सीमा व रंजना ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि जिस समय वे सूर्य को अर्घ्य दे रही थीं, उस समय उन्हें अत्यंत खुशी हो रही थी। अर्घ्य देने के बाद उन्होंने पहले अकेले सेल्फी ली, इसके बाद परिवार के सदस्य के साथ सेल्फी ली। अब इसे वे सोशल मीडिया पर शेयर करेंगी। युवती रीना व विनीता ने कहा कि वे अपनी मम्मी के साथ यहां आईं हैं। उनकी ओर से अर्घ्य देने के बाद हमने पहले अकेले सेल्फी ली, फिर मम्मी के साथ और इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सेल्फी ली।
जेल में महिला बंदियों ने की पुत्र की दीर्घायु की कामना
डाला छठ पर्व को उल्लास सिर्फ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि जिला कारागार में भी दिखा। एक तरफ जहां विभिन्न घाटों पर आजादी की सांस ले रहीं महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु की कामना की, तो वहीं जिला कारागार में कैद महिला बंदियों ने भी कारागार परिसर में ही खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में घुसकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र की दीर्घायु की कामना की। इसके बाद उन्होंने व्रत का पारण किया। इस पल ने वहां मौजूद अन्य बंदियों को भावुक कर दिया। डाला छठ के मौके पर निर्जला व्रत रखने वाली बंदी महिलाओं को एक खुशनुमा माहौल मिल सके, इसके लिए जेल प्रशासन ने सभी समुचित व्यवस्था की थी। चारों तरफ साज सजावट की गई थी, तो ढोल नगाड़ों की भी व्यवस्था थी।
घाटों पर सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
डाला छठ पर्व के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। अकबरपुर नगर के तीनों घाटों पर महिला पुलिस कर्मियों के साथ ही जगह-जगह पुरुष सिपाहियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। एएसपी संजय राय ने बताया कि सभी घाटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इसके अलावा गहराई वाले घाटों पर गोताखोरों की भी तैनाती की गई थी। हालांकि कहीं से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
महिला जनप्रतिनिधियों ने की भागीदारी
डाला छठ पर्व पर महिला जनप्रतिनिधियों ने भी प्रमुखता से भागीदारी की। टांडा विधायक संजू देवी ने टांडा नगर के हनुमान गढ़ी घाट पर आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम में शिरकत करते हुए महिलाओं का मनोबल बढ़ाया। विधायक ने यहां अपने प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्त व सभासद जयप्रकाश यादव के साथ हनुमानगढ़ी घाट पर सफाई अभियान भी चलाया। आलापुर विधायक अनीता कमल ने राजेसुल्तानपुर के बुढ़िया माई स्थान पर आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम में भागीदारी की। यहां भूमि विकास बैंक के निदेशक यमुना प्रसाद चतुर्वेदी, पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, अभिषेक त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, रामशरीक सिंह, रामकरन चतुर्वेदी व शाहिद अंसारी मौजूद रहे। अकबरपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्त ने तमसा नदी के गायत्री मंदिर घाट पर आयोजित छठ पूजा में शिरकत करते हुए नगर परिषद की तरफ से महिलाओं के लिए सभी जरूरी प्रबंध सुनिश्चित किया।