फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   ... then 36 reserved posts of wards and president will become norma

Ambedkar Nagar News: वार्डों व अध्यक्ष के 36 आरक्षित पद हो जाएंगे सामान्य

Tue, 27 Dec 2022 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Dec 2022 10:51 PM IST
विज्ञापन
... then 36 reserved posts of wards and president will become norma
अंबेडकरनगर। निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के फैसले ने सरगर्मी बढ़ा दी है। अगर हाईकोर्ट के फैसले पर चुनाव हुआ तो वार्डों में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित 34 पद के साथ ही अध्यक्ष के दो पद भी सामान्य श्रेणी के हो जाएंगे।
विज्ञापन

अध्यक्ष तथा वार्डों में सरकार द्वारा आरक्षण लागू किए जाने के चलते चुनावी दौड़ से बाहर हुए 200 से अधिक दावेदारों तथा उनके समर्थकों के चेहरे मंगलवार को कोर्ट का फैसला आने के बाद खिले दिखे। घर बैठ गए दावेदार व उनके समर्थक भी एक बार फिर से नए जोश के साथ मैदान में उतरने की तैयारियों में दिखे।
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी पिछड़ा वर्ग आरक्षण की अधिसूचना को ही रद्द कर दिया है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि पिछड़ा वर्ग का आरक्षण जारी रखने के लिए आयोग का गठन करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प खुला भी हुआ है। इसके बावजूद हाईकोर्ट के फैसले ने निकाय क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारों की माने तो हाईकोर्ट के फैसले पर यदि चुनाव होता है तो अकबरपुर नगर पालिका में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद तथा राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद सामान्य श्रेणी में तब्दील हो जाएगा।
इसी तरह अकबरपुर नगर पालिका में छह वार्ड , टांडा नगर पालिका में छह तथा जलालपुर नगर पालिका में छह वार्ड पिछड़ा वर्ग व पिछड़ा वर्ग महिला की बजाए सामान्य श्रेणी में तब्दील हो सकते हैं। इल्तिफातगंज, जहांगीरंगंज, राजेसुल्तानपुर व अशरफपुर किछौछा नगर पंचायत के चार चार वार्ड भी पिछड़ा वर्ग की बजाए सामान्य श्रेणी के हो जाएंगे।
मंगलवार को नगर निकाय से जुड़े वार्डों में कहीं खुशी कहीं गम देखने को मिला। कोर्ट के फैसले से उन दावेदारों को सबसे ज्यादा खुशी हुई जो आरक्षण के चलते चुनाव लड़ने की उम्मींद छोड़ चुके थे।

इससे अध्यक्ष पद से लेकर सभासद पद के लगभग दो सौ दावेदारों तथा उनके समर्थकों में खुशी दिखी। कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव लड़ने से किनार कसने वाले प्रत्याशी अब एक बार फिर से मुकाबले में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कवायद में जुटने की तैयारी में लग गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed