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Ambedkar Nagar News: फिर खुली भीटी में हिरण पार्क की राह मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट
Mon, 08 Sep 2025 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:09 AM IST
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अंबेडकरनगर। भीटी तहसील क्षेत्र में वर्षों से लंबित हिरण पार्क परियोजना एक बार फिर गति पकड़ती दिख रही है। जैतपुर खास ग्राम पंचायत के पास बिसुही नदी किनारे प्रस्तावित इस योजना पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए ताजा रिपोर्ट तलब की है। इससे न केवल पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले को पर्यटन की नई पहचान मिलने की संभावना भी प्रबल हो गई है।
चार मई 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था। उन्होंने ग्राम पंचायत जैतपुर खास में हिरण पार्क के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया था। उद्देश्य था कि जिले में एक वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र विकसित करना, जो पर्यावरण और पर्यटन दोनों दृष्टियों से अहम हो। हालांकि कुछ माह बाद जब लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया, तो उन्होंने वातावरण को हिरणों के लिए अनुपयुक्त बताया।
उनकी रिपोर्ट के आधार पर परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय की पहल से दोबारा मिली सांस हाल ही में विधान परिषद सदस्य डॉ. हरिओम पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस योजना को पुनर्जीवित करने की मांग की। उन्होंने बिसुही नदी के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और उपलब्ध खाली भूमि को आधार बनाकर परियोजना के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही बताया कि पार्क बनने से स्थानीय युवाओं को रोजगार छोटे व्यापारियों को बाजार और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
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चार मई 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था। उन्होंने ग्राम पंचायत जैतपुर खास में हिरण पार्क के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया था। उद्देश्य था कि जिले में एक वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र विकसित करना, जो पर्यावरण और पर्यटन दोनों दृष्टियों से अहम हो। हालांकि कुछ माह बाद जब लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया, तो उन्होंने वातावरण को हिरणों के लिए अनुपयुक्त बताया।
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उनकी रिपोर्ट के आधार पर परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय की पहल से दोबारा मिली सांस हाल ही में विधान परिषद सदस्य डॉ. हरिओम पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस योजना को पुनर्जीवित करने की मांग की। उन्होंने बिसुही नदी के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और उपलब्ध खाली भूमि को आधार बनाकर परियोजना के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही बताया कि पार्क बनने से स्थानीय युवाओं को रोजगार छोटे व्यापारियों को बाजार और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
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