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Flood in Ambedkarnagar: रौद्र रूप दिखाने के बाद घटने लगा सरयू का जलस्तर, लोगों ने ली राहत की सांस
Sat, 15 Oct 2022 04:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 04:05 PM IST
सार
अंबेडकरनगर जिले में सरयू नदी में आई बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई थीं पर अब लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, अभी 50 से ज्यादा गांवों में पानी भरा है।
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हंसू का पुरवा गांव में बच्चों के साथ पानी के बीच बैठी महिला।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सरयू नदी के जलस्तर में अब कमी होने लगी है। बीते 24 घंटे में नदी का पानी 22 सेंटीमीटर कम हुआ है। हालांकि अभी भी खतरे के निशान से 103 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। अभी भी एक दर्जन मोहल्लों तथा 50 से अधिक गांवों में पानी भरा होने से ग्रामीणों को आवागमन संबंधी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई दिनों तक सरयू नदी का कहर जारी रहने के बाद अब राहत की खबर सामने आयी है। चार दिनों से लगातार पानी अत्यंत तेज गति से बढ़ने का दौर जारी था। गुरुवार को पानी स्थिर हो जाने से इसमें कमी आने के संकेत मिलने लगे थे। शुक्रवार से जलस्तर में कमी होनी भी शुरू हो गई। इससे प्रभावित सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के वाशिंदों ने राहत की सांस लेनी शुरू कर दी है।
टांडा नगर के घसियारी टोला मोहल्ले में कमर तक पानी आ जाने से मुश्किलें बढ़ गई थीं। शुक्रवार को यहां तेजी से पानी घटता दिखा। मोहल्ले के जयराम, रामकृपाल, कुसुम, रामजीत यादव, रणविजय, बेचनराम, रामकेवल व छोटेलाल आदि के घरों में पानी भर जाने से भोजन से लेकर सामान के रखरखाव का संकट खड़ा हो गया। 40 से अधिक पशुओं को खुले मैदान में ले जाना पड़ा था।
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मेहनिया व नेहरुनगर मोहल्ले में पानी का असर भी कम होना शुरू हो गया है। हनुमानगढ़ी घाट पर पहुंचे लोगों ने भी शुक्रवार को बताया कि पानी में कमी दर्ज हो रही है। अलीगंज-अयोध्या मार्ग अभी भी मदीना कोल्ड स्टोरेज के पास बंद है। राजघाट के अलावा मदीना कोल्ड स्टोरेज के निकटवर्ती क्षेत्रों में करंट से लोगों को बचाने के लिए आपूर्ति बंद है।
वहीं, माझा उल्टहवा के ग्रामीणों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। अवसानपुर बाढ़ चौकी पर पहुंचे ग्रामीण बाढ़ को लेकर अभी भी परेशान हैं। बाढ़ के चलते इल्तिफातगंज का शहजौरा घाट प्रभावित हुआ है। यहां शव के अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को आगे मुश्किलें होंगी।
उधर आलापुर तहसील क्षेत्र की माझा कम्हरिया व आराजी देवारा ग्राम पंचायतों के लोगों की मुश्किलें जस की तस हैं। तहसील क्षेत्र में पानी भरा होने के चलते कई स्कूल बंद रहे। अधिकारियों ने भी निर्देशित किया है कि जहां स्कूल परिसर में पानी भरा है, वहां पर विद्यालय न खोले जाएं।
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कई दिनों तक सरयू नदी का कहर जारी रहने के बाद अब राहत की खबर सामने आयी है। चार दिनों से लगातार पानी अत्यंत तेज गति से बढ़ने का दौर जारी था। गुरुवार को पानी स्थिर हो जाने से इसमें कमी आने के संकेत मिलने लगे थे। शुक्रवार से जलस्तर में कमी होनी भी शुरू हो गई। इससे प्रभावित सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के वाशिंदों ने राहत की सांस लेनी शुरू कर दी है।
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टांडा नगर के घसियारी टोला मोहल्ले में कमर तक पानी आ जाने से मुश्किलें बढ़ गई थीं। शुक्रवार को यहां तेजी से पानी घटता दिखा। मोहल्ले के जयराम, रामकृपाल, कुसुम, रामजीत यादव, रणविजय, बेचनराम, रामकेवल व छोटेलाल आदि के घरों में पानी भर जाने से भोजन से लेकर सामान के रखरखाव का संकट खड़ा हो गया। 40 से अधिक पशुओं को खुले मैदान में ले जाना पड़ा था।
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मेहनिया व नेहरुनगर मोहल्ले में पानी का असर भी कम होना शुरू हो गया है। हनुमानगढ़ी घाट पर पहुंचे लोगों ने भी शुक्रवार को बताया कि पानी में कमी दर्ज हो रही है। अलीगंज-अयोध्या मार्ग अभी भी मदीना कोल्ड स्टोरेज के पास बंद है। राजघाट के अलावा मदीना कोल्ड स्टोरेज के निकटवर्ती क्षेत्रों में करंट से लोगों को बचाने के लिए आपूर्ति बंद है।
वहीं, माझा उल्टहवा के ग्रामीणों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। अवसानपुर बाढ़ चौकी पर पहुंचे ग्रामीण बाढ़ को लेकर अभी भी परेशान हैं। बाढ़ के चलते इल्तिफातगंज का शहजौरा घाट प्रभावित हुआ है। यहां शव के अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को आगे मुश्किलें होंगी।
उधर आलापुर तहसील क्षेत्र की माझा कम्हरिया व आराजी देवारा ग्राम पंचायतों के लोगों की मुश्किलें जस की तस हैं। तहसील क्षेत्र में पानी भरा होने के चलते कई स्कूल बंद रहे। अधिकारियों ने भी निर्देशित किया है कि जहां स्कूल परिसर में पानी भरा है, वहां पर विद्यालय न खोले जाएं।