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Ambedkar Nagar News: टेलीमेडिसिन में आधी रह गई मरीजों की संख्या
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अंबेडकरनगर। टेली मेडिसिन की सुविधा जिले के लोगों को बेहतर ढंग से नहीं मिल पा रही है। जानकारी और स्टाफ की कमी इसमें बाधा बन रही है। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर पहुंचने वाले मरीजों को परामर्श देने के लिए जिला अस्पताल के टेलीमेडिसिन कक्ष में पहले तीन डॉक्टरों की तैनाती थी तो वहीं अब यहां दो डॉक्टर ही तैनात हैं। पहले 125 मरीजों का से अधिक का इलाज होता था तो अब यह संख्या घटकर करीब आधी रह गई है।
जिले के दूरदराज के क्षेत्र के मरीजों को उनके घर के आसपास ही इलाज की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए फरवरी 2023 में टेली मेडिसिन सेवा का संचालन प्रारंभ हुआ था। इसके लिए जिला अस्पताल के कक्ष संख्या 18 में सभी समुचित व्यवस्थाएं की गईं। यहां तीन कंप्यूटर की उपलब्धता के साथ ही मरीजों के इलाज के लिए तीन चिकित्सकों की तैनाती भी की गई।
टेली मेडिसिन सेवा के तहत मरीज किसी भी हेल्थ वेलनेस सेंटर पर पहुंचकर वहां मौजूद सीएचओ के माध्यम से वीडियो कॉल के जरिए जिला अस्पताल स्थित टेली मेडिसिन कक्ष में मौजूद चिकित्सक से संपर्क करते हैं। मरीज बीमारी के बारे में जानकारी देता है। इस पर टेली मेडिसिन कक्ष में मौजूद चिकित्सक उन्हें परामर्श और दवा बताता है। लेकिन जानकारी के अभाव में यह सेवा जिले में प्रभावी नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन सिर्फ 75 मरीज ही जिला अस्पताल के चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं।
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इस व्यवस्था के बेहतर संचालन में स्टाफ की कमीं बाधा बन रही है। दरअसल शुरुआती दौर में इस कक्ष में मरीजों के इलाज के लिए जिन तीन चिकित्सक डॉ. आयुष त्रिपाठी, डॉ. रंजीत व डॉ. मुकेश की तैनाती की गई थी, उसमें से डॉ. मुकेश ने लगभग पांच माह पूर्व इस्तीफा दे दिया था। इससे पूर्व में जहां लगभग प्रतिदिन 125 से अधिक मरीजों का इलाज होता था तो वहीं दो चिकित्सक के रहने से प्रतिदिन औसतन लगभग 75 मरीजों का इलाज हो रहा है। रिक्त चल रहे पद पर अब तक नए चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है।
निदेशालय को भेजा गया पत्र
रिक्त चल रहे चिकित्सक के पद पर तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही तैनाती हो जाएगी। हालांकि मौके पर मौजूद दो चिकित्सक द्वारा मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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जिले के दूरदराज के क्षेत्र के मरीजों को उनके घर के आसपास ही इलाज की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए फरवरी 2023 में टेली मेडिसिन सेवा का संचालन प्रारंभ हुआ था। इसके लिए जिला अस्पताल के कक्ष संख्या 18 में सभी समुचित व्यवस्थाएं की गईं। यहां तीन कंप्यूटर की उपलब्धता के साथ ही मरीजों के इलाज के लिए तीन चिकित्सकों की तैनाती भी की गई।
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टेली मेडिसिन सेवा के तहत मरीज किसी भी हेल्थ वेलनेस सेंटर पर पहुंचकर वहां मौजूद सीएचओ के माध्यम से वीडियो कॉल के जरिए जिला अस्पताल स्थित टेली मेडिसिन कक्ष में मौजूद चिकित्सक से संपर्क करते हैं। मरीज बीमारी के बारे में जानकारी देता है। इस पर टेली मेडिसिन कक्ष में मौजूद चिकित्सक उन्हें परामर्श और दवा बताता है। लेकिन जानकारी के अभाव में यह सेवा जिले में प्रभावी नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन सिर्फ 75 मरीज ही जिला अस्पताल के चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं।
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इस व्यवस्था के बेहतर संचालन में स्टाफ की कमीं बाधा बन रही है। दरअसल शुरुआती दौर में इस कक्ष में मरीजों के इलाज के लिए जिन तीन चिकित्सक डॉ. आयुष त्रिपाठी, डॉ. रंजीत व डॉ. मुकेश की तैनाती की गई थी, उसमें से डॉ. मुकेश ने लगभग पांच माह पूर्व इस्तीफा दे दिया था। इससे पूर्व में जहां लगभग प्रतिदिन 125 से अधिक मरीजों का इलाज होता था तो वहीं दो चिकित्सक के रहने से प्रतिदिन औसतन लगभग 75 मरीजों का इलाज हो रहा है। रिक्त चल रहे पद पर अब तक नए चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है।
निदेशालय को भेजा गया पत्र
रिक्त चल रहे चिकित्सक के पद पर तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही तैनाती हो जाएगी। हालांकि मौके पर मौजूद दो चिकित्सक द्वारा मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस