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कमलेश की मौत से बुझ गया घर का चिराग
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बसखारी (अंबेडकरनगर)। थाना क्षेत्र के बुढ़नापुर के पास बाइकों की भिड़ंत में जहां दो युवाओं की मौत हो गई, वहीं कटया गंजन निवासी कमलेश के घर का चिराग ही बुझ गया। कमलेश की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिजनों के साथ पूरे गांव में मातम पसर गया। दो वर्ष में अलग-अलग हुए सड़क हादसों में उसके बड़े भाई व छोटे भाई की जान जा चुकी है। बुधवार को गांव में जब यह मनहूस खबर आयी तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंचे सुरेश अवाक से दिखे तो परिवार में छोटे-छोटे बच्चों के करुण विलाप ने हर किसी को द्रवित कर दिया।
कटया गंजन गांव निवासी कमलेश की मौत ने बुधवार को सभी को गमगीन कर दिया। यह मनहूस खबर गांव पहुंची तो परिजनों में जहां चीत्कार मच गई, वहीं गांव के लोग शोक में डूब गए। कमलेश की मौत से सुरेश के परिवार का चिराग ही बुझ गया। बताया जाता है कि उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंचे सुरेश के तीन पुत्र थे।
करीब दो वर्ष पहले बड़े पुत्र की मौत हो गई थी। वहीं एक वर्ष पहले सुरेश के सबसे छोटे पुत्र राजेश की हादसे में हो गई। वर्ष वर्ष के अंदर हादसे में दो पुत्रों की मौत ने परिवार को हिला कर रख दिया था। बुढ़ापे में मां-बाप व परिवार की सारी जिम्मेदारी कमलेश पर आ गई थी। इस बीच बुढ़नापुर के पास बाइकों की भिड़ंत में उसकी मौत ने पूरे परिवार के साथ ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।
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कटया गंजन गांव निवासी कमलेश की मौत ने बुधवार को सभी को गमगीन कर दिया। यह मनहूस खबर गांव पहुंची तो परिजनों में जहां चीत्कार मच गई, वहीं गांव के लोग शोक में डूब गए। कमलेश की मौत से सुरेश के परिवार का चिराग ही बुझ गया। बताया जाता है कि उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंचे सुरेश के तीन पुत्र थे।
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करीब दो वर्ष पहले बड़े पुत्र की मौत हो गई थी। वहीं एक वर्ष पहले सुरेश के सबसे छोटे पुत्र राजेश की हादसे में हो गई। वर्ष वर्ष के अंदर हादसे में दो पुत्रों की मौत ने परिवार को हिला कर रख दिया था। बुढ़ापे में मां-बाप व परिवार की सारी जिम्मेदारी कमलेश पर आ गई थी। इस बीच बुढ़नापुर के पास बाइकों की भिड़ंत में उसकी मौत ने पूरे परिवार के साथ ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।
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