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कोर्ट ने खारिज की फाइनल रिपोर्ट
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2015 11:57 PM IST
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- हिंदू युवा वाहिनी के जिला संयोजक रहे रामबाबू गुप्त की गोली मारकर की गई हत्या के बाद 4 दिसंबर 2013 को उनके भतीजे राममोहन गुप्त की भी टांडा नगर के अलीगंज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसे लेकर लोगों में आक्रोश पनप उठा था।
- परिवारीजनों के अलावा नागरिकों ने अलीगंज में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। देर रात शव को पुलिस ने जबरन मौके से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। परिवारीजनों का आरोप था कि पुलिस ने शव को जमीन पर घसीटा और इसके बाद उसे निर्ममतापूर्वक वाहन पर रखकर भेज दिया।
- इससे सड़क पर काफी दूर तक खून भी फैला। परिवारीजनों ने इस सबकी वीडियो रिकार्डिग भी की थी। मामले में तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा, तत्कालीन सीओ नरेंद्र सिंह व तत्कालीन अलीगंज एसओ रमेशचंद्र पांडेय पर शव के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पुलिस प्रशासन से केस दर्ज करने की मांग की। सुनवाई न होने पर न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया गया।
- साक्ष्यों को देखते हुए सीजेएम न्यायालय ने फरवरी 2014 में केस दर्ज करने का निर्देश दिया। तब तक तीनों पुलिस अधिकारियों का जिले से स्थानांतरण हो चुका था। अलीगंज पुलिस ने बाद में इस मामले में विवेचना करते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दिया।
- परिवार के ही वेदप्रकाश गुप्त ने इसे सीजेएम न्यायालय में चुनौती दी और फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करने की मांग की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन टकरते हुए सीजेएम राजेशनरायनमणि त्रिपाठी ने पाया कि पुलिस ने वादी वेदप्रकाश द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को विवेचना में सम्मलित ही नहीं किया।
- वादी के मुताबिक घटना के चोटहिलों हीरामनी, लालमनी, कुसुम, शिवम व आलोक से न तो दौरान विवेचना कोई बयान लिया गया और न ही उनकी चिकित्सीय आख्या प्राप्त की गई। वादी के मुताबिक यह मुकदमा कायम होने के तत्काल बाद दबाव बनाने के लिए फर्जी ढंग से एक अन्य मुकदमा भी कायम कर दिया गया।
- सीजेएम ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे में मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों के साथ ही अपराध की गंभीरता को देखते हुए मामले में पुन: विवेचना किए जाने की जरूरत है। सीजेएम ने पुलिस ने 10 जून 2014 को भेजी गई अंतिम रिपोर्ट को निरस्त कर दिया।
- अलीगंज थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि मामले की पुन: विवेचना कर रिपोर्ट एक माह के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। बताते चलें कि राजीव मल्होत्रा मौजूदा समय में लखनऊ पूर्वी में एएसपी के पद पर तैनात हैं।
- नोट-एएसपी का लखनऊ में मौजूदा पद कृपया कन्फर्म कर लिया जाए
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