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Ambedkar Nagar News: भाजपा के सामने इतिहास रचने की चुनौती
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अंबेडकरनगर। निकाय चुनाव में भाजपा के सामने सफलता का इतिहास रचने की चुनौती है। बीते चुनाव में भाजपा के कब्जे में सिर्फ अकबरपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष की कुर्सी थी। अब सात निकायों के अध्यक्षों के लिए हो रहे चुनाव में भाजपा को ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए ताकत लगाना पड़ रहा है। खुलकर कोई भी यह कहने को तैयार नहीं है कि पार्टी शानदार प्रदर्शन कर भी पाएगी या नहीं। हालांकि टिकट वितरण में पार्टी ने जातीय समीकरणों पर पूरा ध्यान दिया है।
लोकसभा व विधानसभा चुनाव में करारी पराजय का सामना जिले में करने वाली भारतीय जनता पार्टी के सामने निकाय चुनाव एक बड़ी चुनौती बनकर सामने है। बीते दिनों हुए सहकारिता चुनाव में सफलता मिलने से कार्यकर्ता उत्साहित जरूर हैं। लेकिन निकाय चुनाव को लेकर बहुत ज्यादा आश्वस्त होने की स्थिति सभी सीटों पर नहीं बन पा रही है। पिछले निकाय चुनाव में अकबरपुर सीट से भाजपा के टिकट पर सरिता गुप्ता विजयी रही थीं। पार्टी ने उन्हें ही फिर से प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर भाजपा से एक दर्जन से अधिक अन्य दावेदार थे, लेकिन तीन अन्य दावेदारों ने पूरी ताकत लगा रखी थी। इन दावेदारों को पूरी तरह से पार्टी प्रत्याशी के साथ लाने की कोशिशें वरिष्ठ नेताओं द्वारा की जा रही है।
भाजपा की एक और बड़ी उम्मीद जहांगीरगंज सीट से है। यहां से पूर्व विधायक अनीता कमल खुद प्रत्याशी हैं। वे आलापुर सीट से वर्ष 2017 में विधायक चुनी गई थीं। इसी विस. क्षेत्र में जहांगीरगंज नगर पंचायत शामिल है। अनीता के कार्यकाल में ही नगर पंचायत का गठन हुआ है। पार्टी ने अन्य सीटों पर भी प्रत्याशी खड़े किए हैं। अकबरपुर व जहांगीरगंज में भी भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है। जलालपुर, इल्तिफातगंज, टांडा, राजेसुल्तानपुर व किछौछा सीट पर भी भाजपा ने जीत के लिए ताकत लगा रखी है। नतीजा चाहे जो हों, लेकिन फिलहाल निकाय चुनाव में भाजपा सम्मानजनक स्थिति हासिल करने के लिए जूझती दिख रही है।
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लोकसभा व विधानसभा चुनाव में करारी पराजय का सामना जिले में करने वाली भारतीय जनता पार्टी के सामने निकाय चुनाव एक बड़ी चुनौती बनकर सामने है। बीते दिनों हुए सहकारिता चुनाव में सफलता मिलने से कार्यकर्ता उत्साहित जरूर हैं। लेकिन निकाय चुनाव को लेकर बहुत ज्यादा आश्वस्त होने की स्थिति सभी सीटों पर नहीं बन पा रही है। पिछले निकाय चुनाव में अकबरपुर सीट से भाजपा के टिकट पर सरिता गुप्ता विजयी रही थीं। पार्टी ने उन्हें ही फिर से प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर भाजपा से एक दर्जन से अधिक अन्य दावेदार थे, लेकिन तीन अन्य दावेदारों ने पूरी ताकत लगा रखी थी। इन दावेदारों को पूरी तरह से पार्टी प्रत्याशी के साथ लाने की कोशिशें वरिष्ठ नेताओं द्वारा की जा रही है।
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भाजपा की एक और बड़ी उम्मीद जहांगीरगंज सीट से है। यहां से पूर्व विधायक अनीता कमल खुद प्रत्याशी हैं। वे आलापुर सीट से वर्ष 2017 में विधायक चुनी गई थीं। इसी विस. क्षेत्र में जहांगीरगंज नगर पंचायत शामिल है। अनीता के कार्यकाल में ही नगर पंचायत का गठन हुआ है। पार्टी ने अन्य सीटों पर भी प्रत्याशी खड़े किए हैं। अकबरपुर व जहांगीरगंज में भी भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है। जलालपुर, इल्तिफातगंज, टांडा, राजेसुल्तानपुर व किछौछा सीट पर भी भाजपा ने जीत के लिए ताकत लगा रखी है। नतीजा चाहे जो हों, लेकिन फिलहाल निकाय चुनाव में भाजपा सम्मानजनक स्थिति हासिल करने के लिए जूझती दिख रही है।
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