फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Tenders were done in the name of the work done earlier

पहले हो चुके कार्यों के नाम पर ही कर दिए टेंडर

Sat, 06 Feb 2021 10:58 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 10:58 PM IST
विज्ञापन
Tenders were done in the name of the work done earlier
अंबेडकरनगर। जिला पंचायत में पहले से ही कराए जा चुके कामों के नाम पर टेंडर कर दिए गए। आधा दर्जन से अधिक ऐसे काम बताए जा रहे हैं, जिनके नाम पर फिर से टेंडर निकाल कर काम दिखा दिया गया। ऐसे में उच्च स्तरीय जांच हुई तो इसमें कई अधिकारियोें की गर्दन नपेंगी। उधर, टेंडर के दौरान एफडी जमा करने के नाम पर भी फर्जीवाड़े की खबर है। बताया जाता है कि मूल एफडी लगाने व इससे जुड़े अन्य नियम का पालन करने की बजाय दूसरें कामों की बनी एफडी की छायाप्रति लगाकर काम चला लिया गया।
विज्ञापन

जिला पंचायत में अब एक नए तरह की गड़बड़ी सामने आ रही है। खबर यह है कि जिला पंचायत में बीते दिनों कई ऐसे कार्यों का टेंडर कर दिया, जो पहले से ही हो चुके थे। चहेतों को काम देने के लिए कई स्तर पर न सिर्फ मनमानी की गई, वरन शासन के निर्देशों व मानकों को भी ताक पर रख दिया गया। पिछले कई दिन से लगातार गड़बड़ी के मामले निकल रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा गंभीर मामला ई-टेंडरिंग कराए बगैर कार्यों का आवंटन कर देना है।
विज्ञापन

जानकारों के अनुसार यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। ई-टेंडरिंग कराए बगैर कार्यों का आवंटन कर देने तक ही जिला पंचायत में गड़बड़ी सीमित नहीं है। अब नई खबर यह है कि ऐसे तमाम कार्यों के टेंडर बीते दिनों कर दिए गए जो पहले से ही कराए जा चुके थे। आधा दर्जन से अधिक ऐसे टेंडर शामिल हैं, जो पहले हुए कामों के बाद निकाले गए हैं। जाहिर तौर पर यह भी बड़े गड़बड़झाले की तरफ इशारा कर रहा है। जो टेंडर काम हो जाने के बाद निकाले गए हैं, उसमें अकबरपुर टांडा मार्ग के निकट जुड़ा एक काम शामिल है। इसके अलावा भियांव, टांडा व भीटी के अलावा रामनगर विकास खंड के भी काम शामिल हैं। पहले से हो चुके कामों के बाद आननफानन में टेंडर कर उसे पूरा दिखाने का प्रयास किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इसकी उच्च स्तरीय जांच हुई तो कई अफसरों की गर्दन का नपनी तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एफडी लगाने में भी मनमानी
टेंडर लेते समय नियमानुसार कार्य की लागत की दो प्रतिशत एफडी जमा करनी होती है। जिस फर्म को काम मिल जाता है, उसे बाद में आठ प्रतिशत अतिरिक्त धरोहर राशि बंधक के रूप में जमा करनी पड़ती है। किसी भी कार्य के आवंटन के लिए कम से कम तीन फर्म का टेंडर होना अनिवार्य होता है। जिन मामलों में टेंडर का बंटवारा नियमों को ताक पर रखकर किया जाता है, उनमें एक ही ठेकेदार पर यह जिम्मेदारी होती है कि वह दो अन्य सपोर्टिंग ठेकेदार के कागजात व एफडी उपलब्ध कराएगा। जानकारी यह है कि बीते दिनों हुए ठेके में जिन फर्मों व ठेकेदारों को काम मिला है, उनमें से कई कार्यों में जिन सपोर्टिंग फर्मों व ठेकेदारों के कागजात लगे हैं, उनमें एफडी की फोटोकॉपी लगा दी गई है। खेल यह कि मूल एफडी या उसकी कॉपी किसी अन्य कार्य में पहले ही प्रयोग की जा चुकी है। इसके बाद उसी एफडी की छाया प्रति को अन्य कार्यों के सापेक्ष लगाकर कार्य का आवंटन करा लिया गया। ऐसे में यह आवाज भी उठ रही कि यदि बीते कुछ दिनों में हुए टेंडर में लगी एफडी या उसकी छाया प्रति की जांच करा ली जाए तो भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।

दिखवाए जाएंगे जरूरी तथ्य
कार्यों को लेकर कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं, इसे लेकर जरूरी तथ्य दिखवाए जाएंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी पायी गई या फिर नियमों की अनदेखी मिली तो जो भी कार्रवाई बनती होगी, वह अवश्य सुनिश्चित करायी जाएगी।
- राकेश कुमार मिश्र, प्रशासक/डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed