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चौकीदार कर रहे छात्राओं की सुरक्षा
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:10 PM IST
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समस्या न हो, इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न विकास खंडों में
कस्तूरबा गांधी विद्यालय की स्थापना की गई है।
योजना के तहत जिले के बसखारी विकास खंड को छोड़कर अन्य सभी विकास खंडों अकबरपुर, कटेहरी, भीटी, जलालपुर, भियांव, रामनगर, जहांगीरगंज व टांडा में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों में छात्राओं को कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा देने के साथ-साथ रहने एवं भोजन आदि की भी व्यवस्था है।
यह अलग बात है कि इन विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा देने एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सभी विद्यालयों में कुल 120 पद के सापेक्ष 82 पद पर ही कर्मचारियों की तैनाती की जा सकी है। लंबे समय से रिक्त चल रहे 38 पद पर तैनाती अब तक नहीं की जा सकी है। इतना ही नहीं, छात्राओं की सुरक्षा भी रामभरोसे है।
प्रत्येक विद्यालय में अध्ययनरत 100-100 छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक-एक चौकीदार की तैनाती की गई है। जिससे इन विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था का संकट लगातार बना रहता है। चौकीदारों के पास कोई लाइसेंसी असलहा जैसा हथियार भी नहीं रहता। इन विद्यालयों में बाउंड्रीवाल का निर्माण तो है, लेकिन बीते दिनों आई आंधी में बेवाना स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बाउंड्रीवाल ढह गई थी।
इसे दुरुस्त कराने की सुध संबंधित अधिकारी को नहीं है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने बताया कि बीते दिनों संबंधित थानों को निर्देश दिए गए हैं कि रात्रिकालीन भ्रमण के दौरान कस्तूरबा विद्यालयों के निकट गश्त अवश्य करें। इससे रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकेगी।
योजना के तहत जिले के बसखारी विकास खंड को छोड़कर अन्य सभी विकास खंडों अकबरपुर, कटेहरी, भीटी, जलालपुर, भियांव, रामनगर, जहांगीरगंज व टांडा में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों में छात्राओं को कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा देने के साथ-साथ रहने एवं भोजन आदि की भी व्यवस्था है।
यह अलग बात है कि इन विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा देने एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सभी विद्यालयों में कुल 120 पद के सापेक्ष 82 पद पर ही कर्मचारियों की तैनाती की जा सकी है। लंबे समय से रिक्त चल रहे 38 पद पर तैनाती अब तक नहीं की जा सकी है। इतना ही नहीं, छात्राओं की सुरक्षा भी रामभरोसे है।
प्रत्येक विद्यालय में अध्ययनरत 100-100 छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक-एक चौकीदार की तैनाती की गई है। जिससे इन विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था का संकट लगातार बना रहता है। चौकीदारों के पास कोई लाइसेंसी असलहा जैसा हथियार भी नहीं रहता। इन विद्यालयों में बाउंड्रीवाल का निर्माण तो है, लेकिन बीते दिनों आई आंधी में बेवाना स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बाउंड्रीवाल ढह गई थी।
इसे दुरुस्त कराने की सुध संबंधित अधिकारी को नहीं है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने बताया कि बीते दिनों संबंधित थानों को निर्देश दिए गए हैं कि रात्रिकालीन भ्रमण के दौरान कस्तूरबा विद्यालयों के निकट गश्त अवश्य करें। इससे रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकेगी।