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Ambedkar Nagar News: तेज धूप और बढ़ते तापमान ने किसानों की बढ़ाई चिंता
Wed, 05 Feb 2025 10:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 05 Feb 2025 10:42 PM IST
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क्रासर-
- फरवरी में ही लू की आहट, गेहूं की फसल पर संकट के बादल
- कृषि वैज्ञानिक बोले, असमय गर्मी से घटेगी फसल की पैदावार
फोटो- 31
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। शीतलहर के खत्म होते ही मौसम ने अप्रत्याशित करवट ले ली है। फरवरी के शुरुआती दिनों में ही तापमान में असामान्य वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे गेहूं की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो फसल उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
रबी सीजन की फसलों के लिए कोहरा, शीतलहर और सर्दी बहुत ही जरूरी होती है। इस वर्ष सर्दी का असर सिर्फ जनवरी में ही रहा। कोहरा और पाला भी गिरा। हालांकि यह काफी कम समय के लिए रहा। पिछले वर्षों में फरवरी मध्य के बाद तक ठंड का असर रहता था। इस बार अभी से तापमान में तेजी से उछाल है। दिन में धूप इतनी तेज होती है कि 10 मिनट भी बैठना मुश्किल हो रहा है। सुबह आठ बजे से ही तेज धूप खिल जा रही है। वहीं, मौसम के बदलाव का असर गेहूं के उत्पादन पर भी पड़ा है। यदि ऐसा ही मौसम रहा तो गेहूं की फसल को अधिक नुकसान होगा।
इनसेट-
कृषि वैज्ञानिक ने दी चेतावनी
कृषि वैज्ञानिक डॉ. शशांक शेखर सिंह कहते हैं कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो हीट स्ट्रेस के कारण गेहूं की बालियों में दाना पूरी तरह नहीं भर पाएगा। अत्यधिक गर्मी से फसल की वृद्धि प्रभावित होती है। इससे उत्पादन क्षमता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
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इनसेट-
हल्का और कमजोर हो सकता है दाना
जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि तेज धूप और गर्म हवा गेहूं की पुष्पन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। यदि फरवरी में ही तापमान सामान्य से अधिक रहा तो दाना हल्का और कमजोर हो सकता है। उत्पादन बचाने के लिए किसानों को विशेष सावधानियां बरतनी होंगी।
इनसेट-
किसानों की बढ़ी धड़कन
किसान रामनरेश यादव का कहना है कि मौसम का यह बदलाव बहुत चिंताजनक है। फरवरी में ही इतनी गर्मी पड़ने लगी है तो गेहूं का उत्पादन आधा रह जाएगा। किसान हरिश्चंद्र वर्मा कहते हैं पिछले साल भी तापमान बढ़ा था। इस बार हालात और खराब लग रहे हैं। अगर जल्द ही बारिश या ठंडी हवा नहीं चली तो हमें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इनसेट-
आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेलिसयस रिकॉर्ड किया गया। इसमें 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़त रही। दक्षिणी-पश्चिमी हवा की गति 3.0 किमी प्रति घंटा रही। आगामी 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंशिक/हल्के बादल छाए रहने, बारिश नहीं होने और हवा के सामान्य गति से पश्चिमी चलने की संभावना है।
टेबल-
मौसम में इस तरह बढ़ा पारा
तिथि-अधिकतम तापमान-न्यूनतम तापमान
30 जनवरी-21.0-5.0
31 जनवरी-22.0-6.0
एक फरवरी-28.5-8.0
दो फरवरी-27.5-9.0
तीन फरवरी-26.0-9.5
चार फरवरी-21.0-9.0
पांच फरवरी-27.0-10.0
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- फरवरी में ही लू की आहट, गेहूं की फसल पर संकट के बादल
- कृषि वैज्ञानिक बोले, असमय गर्मी से घटेगी फसल की पैदावार
फोटो- 31
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। शीतलहर के खत्म होते ही मौसम ने अप्रत्याशित करवट ले ली है। फरवरी के शुरुआती दिनों में ही तापमान में असामान्य वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे गेहूं की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो फसल उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
रबी सीजन की फसलों के लिए कोहरा, शीतलहर और सर्दी बहुत ही जरूरी होती है। इस वर्ष सर्दी का असर सिर्फ जनवरी में ही रहा। कोहरा और पाला भी गिरा। हालांकि यह काफी कम समय के लिए रहा। पिछले वर्षों में फरवरी मध्य के बाद तक ठंड का असर रहता था। इस बार अभी से तापमान में तेजी से उछाल है। दिन में धूप इतनी तेज होती है कि 10 मिनट भी बैठना मुश्किल हो रहा है। सुबह आठ बजे से ही तेज धूप खिल जा रही है। वहीं, मौसम के बदलाव का असर गेहूं के उत्पादन पर भी पड़ा है। यदि ऐसा ही मौसम रहा तो गेहूं की फसल को अधिक नुकसान होगा।
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इनसेट-
कृषि वैज्ञानिक ने दी चेतावनी
कृषि वैज्ञानिक डॉ. शशांक शेखर सिंह कहते हैं कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो हीट स्ट्रेस के कारण गेहूं की बालियों में दाना पूरी तरह नहीं भर पाएगा। अत्यधिक गर्मी से फसल की वृद्धि प्रभावित होती है। इससे उत्पादन क्षमता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
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इनसेट-
हल्का और कमजोर हो सकता है दाना
जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि तेज धूप और गर्म हवा गेहूं की पुष्पन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। यदि फरवरी में ही तापमान सामान्य से अधिक रहा तो दाना हल्का और कमजोर हो सकता है। उत्पादन बचाने के लिए किसानों को विशेष सावधानियां बरतनी होंगी।
इनसेट-
किसानों की बढ़ी धड़कन
किसान रामनरेश यादव का कहना है कि मौसम का यह बदलाव बहुत चिंताजनक है। फरवरी में ही इतनी गर्मी पड़ने लगी है तो गेहूं का उत्पादन आधा रह जाएगा। किसान हरिश्चंद्र वर्मा कहते हैं पिछले साल भी तापमान बढ़ा था। इस बार हालात और खराब लग रहे हैं। अगर जल्द ही बारिश या ठंडी हवा नहीं चली तो हमें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इनसेट-
आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेलिसयस रिकॉर्ड किया गया। इसमें 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़त रही। दक्षिणी-पश्चिमी हवा की गति 3.0 किमी प्रति घंटा रही। आगामी 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंशिक/हल्के बादल छाए रहने, बारिश नहीं होने और हवा के सामान्य गति से पश्चिमी चलने की संभावना है।
टेबल-
मौसम में इस तरह बढ़ा पारा
तिथि-अधिकतम तापमान-न्यूनतम तापमान
30 जनवरी-21.0-5.0
31 जनवरी-22.0-6.0
एक फरवरी-28.5-8.0
दो फरवरी-27.5-9.0
तीन फरवरी-26.0-9.5
चार फरवरी-21.0-9.0
पांच फरवरी-27.0-10.0