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Ambedkar Nagar News: जलस्तर घटते ही कटान तेज, नदी में समा रहे खेत
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.राजेसुल्तानपुर के इटौरा ढोलीपुर गांव के पूरब मांझा क्षेत्र में सरयू नदी की धारा में समाहित हो
राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर घटने के बावजूद मांझा कम्हरिया और इटौरा ढोलीपुर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। नदी किनारे कटान लगातार जारी रहने से खेती योग्य जमीन के साथ खेतों में खड़ी धान की फसल भी नदी की धारा में समा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले पांच वर्षों में करीब एक हजार बीघे से अधिक उपजाऊ भूमि नदी में कटकर समा चुकी है।
शुक्रवार को सरयू का जलस्तर 84.76 मीटर से घटकर 84.60 मीटर पर पहुंच गया। यानी जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। नदी इस समय खतरे के निशान से 96 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर कम होते ही इटौरा ढोलीपुर के पूरब नदी किनारे कटान तेज हो गया। इससे अनिल सिंह, जितेंद्र यादव, दयाराम निषाद और अजीत सिंह समेत कई किसानों के खेत प्रभावित हुए हैं। किसानों के मुताबिक, खेतों में खड़ी धान की फसल नदी में समाने के साथ उपजाऊ जमीन भी कट रही है।
11 करोड़ से अधिक के कार्यों पर सवाल
किसान अनिल सिंह, राघवेंद्र सिंह और दयाराम का कहना है कि कटान रोकने के लिए कम्हरिया घाट से मांझा कम्हरिया तक विभिन्न परियोजनाओं के तहत परक्यूपाइन, स्टड, बंबू क्रेट और जियो ट्यूब लगाए गए हैं। इन कार्यों पर करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की बात कही गई है। किसानों का आरोप है कि कई स्थानों पर इन कार्यों का प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कार्यों में अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
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जल्द कराया जाएगा कटानरोधी कार्य
तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि सरयू का जलस्तर घटा है और कुछ स्थानों पर कटान की जानकारी मिली है। इसकी सूचना बाढ़ कार्य खंड को दे दी गई है। संबंधित स्थानों पर जल्द कटान रोकने के लिए आवश्यक कार्य कराया जाएगा।
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शुक्रवार को सरयू का जलस्तर 84.76 मीटर से घटकर 84.60 मीटर पर पहुंच गया। यानी जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। नदी इस समय खतरे के निशान से 96 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर कम होते ही इटौरा ढोलीपुर के पूरब नदी किनारे कटान तेज हो गया। इससे अनिल सिंह, जितेंद्र यादव, दयाराम निषाद और अजीत सिंह समेत कई किसानों के खेत प्रभावित हुए हैं। किसानों के मुताबिक, खेतों में खड़ी धान की फसल नदी में समाने के साथ उपजाऊ जमीन भी कट रही है।
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11 करोड़ से अधिक के कार्यों पर सवाल
किसान अनिल सिंह, राघवेंद्र सिंह और दयाराम का कहना है कि कटान रोकने के लिए कम्हरिया घाट से मांझा कम्हरिया तक विभिन्न परियोजनाओं के तहत परक्यूपाइन, स्टड, बंबू क्रेट और जियो ट्यूब लगाए गए हैं। इन कार्यों पर करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की बात कही गई है। किसानों का आरोप है कि कई स्थानों पर इन कार्यों का प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कार्यों में अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
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जल्द कराया जाएगा कटानरोधी कार्य
तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि सरयू का जलस्तर घटा है और कुछ स्थानों पर कटान की जानकारी मिली है। इसकी सूचना बाढ़ कार्य खंड को दे दी गई है। संबंधित स्थानों पर जल्द कटान रोकने के लिए आवश्यक कार्य कराया जाएगा।