फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Some lose their roof, some lose their livelihood

Ambedkar Nagar News: किसी की छिनी छत तो किसी की रोजी-रोटी

Mon, 21 Sep 2026 10:47 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:47 PM IST
विज्ञापन
Some lose their roof, some lose their livelihood
घटना स्थल पर ग्रामीणों से जानकारी लेतीं एसडीएम प्रतीक्षा सिंह व तहसीलदार दिव्या भारती वर्मा व अ
अंबेडकरनगर/हजपुरा। अकबरपुर के बरियावन-किछौछा मार्ग पर हंसराज बालिका इंटर कॉलेज के पास रविवार देर रात हुई घटना ने ग्रामीणों को गहरा सदमा दिया है। रात का अंधेरा छंटा तो सड़क किनारे बसे परिवारों के सामने उनकी जिंदगी का उजड़ा हुआ मंजर था। जहां कुछ घंटे पहले तक पक्के मकान और दुकानें खड़ी थीं, वहां अब मलबे का ढेर था।
विज्ञापन


इन मकानों की दीवारों में सिर्फ ईंट और सीमेंट नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और परिवारों के सपने जुड़े थे। किसी ने जिंदगी भर की कमाई जोड़कर घर बनाया था तो किसी ने इसी दुकान से परिवार का पेट पालने का सहारा खड़ा किया था। ग्रामीणों के मुताबिक, दशकों पहले उनके पूर्वजों ने जमा पूंजी और मेहनत की कमाई लगाकर पक्के निर्माण कराए थे। एक ही रात में हुए इस घटनाक्रम ने कई परिवारों के सामने घर और रोजगार दोनों का संकट खड़ा कर दिया।
विज्ञापन

लाखों का माल नष्ट
सरीफपुर निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि बरियावन बाजार में प्लाई की दुकान है। मुख्य मार्ग पर स्थित अपनी दुकान को उन्होंने गोदाम बना रखा था। लाखों रुपये की प्लाई दुकान में रखी थी, जो अब पूरी तरह नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में उनके बड़े भाई रामउजागर ने बल्लीपुर के रामनयन से 14 फिट जमीन स्टांप पर लिखा-पढ़ी कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

40 साल पहले खरीदी थी जमीन
बरियावन बाजार में सब्जी की दुकान लगाने वाले राम कीरत ने बताया कि करीब 40 साल पहले उन्होंने 20 फिट जमीन लेकर दुकान का निर्माण कराया था। देर हो जाने पर वे अक्सर दुकान में ही सो जाते थे और सब्जी व अन्य सामान भी वहीं रखते थे। रविवार को दुकान बंद करके घर चले गए थे, लेकिन रात के अंधेरे में उनकी दुकान को ध्वस्त कर दिया गया।
मेहनत की कमाई से बनाया था मकान
अकबरपुर के सुलेमपुर निवासी भगेलू यादव ने बताया कि उन्होंने संगम के माता-पिता से करीब 30 साल पहले जमीन खरीदकर दो कमरे का मकान बनवाया था। सोमवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि उनका मकान जेसीबी से गिरा दिया गया है। मौके पर पहुंचने पर देखा कि उनके साथ-साथ अन्य लोगों के पक्के मकान और दुकानें भी मलबे में तब्दील हो चुकी थीं।
मलबे में तब्दील मिला मकान
सम्मनपुर के कहरासुलेमपुर निवासी परमदेव के मुताबिक उनके भाई चंद्रदेव और उनका दो कमरे का मकान था। सोमवार सुबह मकान टूटने की सूचना पर वे मौके पर पहुंचे तो वहां सिर्फ मलबा नजर आया। उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मकान किसने तोड़ा है।
घर में आई दरार, बेटियां भी सहमीं
अकबरपुर के बरियावन निवासी सविता के मुताबिक रात में शोर सुनकर बाहर निकलीं तो दबंगों ने उन्हें घेर लिया और शोर मचाने या पुलिस को खबर करने पर उनके मकान को भी गिरा देने की धमकी दी। उनके पति सोनू की बरियावन बाजार में पान की दुकान है। उन्होंने 2015-16 में सड़क किनारे दमोदरपुर के केशव प्रसाद से दो लाख रुपये देकर जमीन खरीदी थी। आसपास की दुकानें गिरने से उनके मकान में भी दरार आ गई है। तीन बेटियां भी सहमी हुई हैं।
सड़क की जमीन पर बने हैं मकान
राजस्व अभिलेखों के अनुसार बरियावन किछौछा मार्ग गाटा संख्या 467 में दर्ज है, जबकि सड़क तीन अन्य गाटा संख्याओं से भी गुजरती है। इसी गाटा संख्या पर ही बने मकान और दुकानों को गिराया गया है। इसके ठीक पीछे 16 बिस्वा जमीन गाटा संख्या 469 पर दर्ज है। कुछ माह पूर्व यहीं से चंद कदम की दूरी पर स्थित सरकारी जमीन पर बने कई मकानों को भी शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने बुलडोजर से ढहाया था।
उसी गाटा संख्या पर अब भी कई निर्माण
जिन 11 दुकान और मकानों को तोड़ा गया है, उनमें कमलेश कुमार की दुकान, रविंद्र कुमार का गोदाम, रामकीरत का मकान, घनश्याम की दुकान, सुरेंद्र की दुकान, विपिन की दुकान, संदीप कुमार रंजन की दुकान, राकेश कुमार का मकान, भगेलू कुमार का मकान और चंद्रदेव का मकान शामिल है। वहीं, उसी गाटा संख्या पर विजय प्रकाश की किराने की दुकान, रक्षाराम का आवासीय मकान, धनंजय यादव की कंप्यूटर की दुकान, सोनू सोनी का मकान, पवन कुमार की दुकान, राजेश कुमार और विपिन कुमार की दुकानें भी बनी हुई हैं।

प्रशासन से नहीं था विस्थापन का कोई आदेश
जिस जमीन पर मकान व दुकानें बनी थीं, वह सार्वजनिक रास्ते की जमीन है। प्रशासन की ओर से विस्थापन का कोई आदेश नहीं दिया गया था। इस कृत्य में शामिल लोगों की पुलिस पहचान कर रही है। नियमानुसार पैमाइश कराकर अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। - प्रतीक्षा सिंह, एसडीएम अकबरपुर

घटना स्थल पर ग्रामीणों से जानकारी लेतीं एसडीएम प्रतीक्षा सिंह व तहसीलदार दिव्या भारती वर्मा व अ

घटना स्थल पर ग्रामीणों से जानकारी लेतीं एसडीएम प्रतीक्षा सिंह व तहसीलदार दिव्या भारती वर्मा व अ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed