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अभिभावकों के खातों में जल्द पहुंचेंगे 22 करोड़ रुपये
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अंबेडकरनगर। जिले के परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत करीब दो लाख 10 हजार नौनिहालों के लिए खुशखबरी है। शासन की ओर से जल्द ही डीबीटी के तहत बैग, जूता, मोजा, स्वेटर व ड्रेस के लिए प्रत्येक छात्र के अभिभावक के खाते में 1056 रुपये की दर से में 22 करोड़ 17 लाख 60 हजार रुपये भेजे जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग अब तक विभाग के पोर्टल पर एक लाख 57 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का विवरण अपलोड कर चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से फाइनल रिपोर्ट जैसे ही शासन को मुहैया करायी जाएगी, उसके कुछ ही दिन में संबंधित रकम अभिभावकों के खाते में पहुंच जाएगी। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए स्वयं ही इन सामानों की खरीदारी करनी होगी।
कोरोना महामारी के चलते पिछले लंबे समय से परिषदीय स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था बेपटरी चल रही थी। इसके चलते परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को सरकार की ओर से मुहैया होने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही थीं। इस बीच बीते दिनों शासन के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया। शासन की ओर से बच्चों को पुस्तक तो मुहैया करा दी गईं, लेकिन ड्रेस, जूता, मोजा, बैग व स्वेटर आदि सुविधाएं अब तक नहीं दी जा सकी हैं। ऐसे में सरकार ने अब जिले के 1586 परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 10 हजार छात्र-छात्राओं को डीबीटी के तहत योजना का लाभ पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है। शासन की मंशा है कि 1056 रुपये की निर्धारित दर से सभी बच्चों के अभिभावकों के खाते में यह रकम भेज दी जाए, जिससे वह अपने बच्चों के लिए ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा व बैग आदि खरीद सकें।
शासन के निर्देश पर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला समन्वयक सामुदायिक सुरेश तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर बच्चों व अभिभावकों का डाटा ऑनलाइन फीड किया जा रहा है। इसमें बच्चे व अभिभावक के नाम के अलावा बैंक डिटेल ऑनलाइन फीड की जा रही है। अब तक एक लाख 57 हजार छात्र-छात्राओं को डाटा ऑनलाइन हो चुका है। शेष बच्चों व उनके अभिभावकों के विवरण की फीडिंग चल रही है। इस सप्ताह के अंत तक फीडिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। फीडिंग का कार्य पूरा होने के बाद शासन की ओर से जिले के दो लाख 10 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में 1056 रुपये की दर से 22 करोड़ 17 लाख 60 हजार रुपये भेजे जाएंगे। शासन ने जूता के लिए 135 रुपये, मोजा के लिए 21, बैग के लिए 100 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये व दो जोड़ी ड्रेस के लिए 600 रुपये निर्धारित किए हैं।
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अभिभावकों ने की सराहना
शासन की ओर से छात्र-छात्राओं तक तेजी से सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई डीबीटी योजना की अभिभावकों ने सराहना की है। कटेहरी के शिवकुमार यादव, प्रमोद कुमार, बेवाना के शिवमंगल व अकबरपुर के रामबचन ने सरकार की इस योजना की सराहना की। कहा कि इससे एक तरफ जहां बिचौलियों का खेल खत्म हुआ है, वहीं बच्चों को योजना का लाभ भी तेजी से मिल जाएगा। हालांकि अभिभावकों ने पैसों में बढ़ोत्तरी की भी मांग की। कहा कि जूता व बैग के लिए जो रकम निर्धारित की गई, वह काफी कम है। एक पीस खरीदने पर बाजार में जूता, बैग आदि शासन से निर्धारित रकम से कहीं अधिक दाम में मिल रहा है।
की जा रही डाटा फीडिंग
शासन के निर्देश पर बच्चों व अभिभावकों की ऑनलाइन डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। अब तक एक लाख 57 हजार से अधिक बच्चों व अभिभावकों की फीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है। शेष बच्चों व अभिभावकों की भी इंट्री का कार्य चल रहा है। इस सप्ताह के अंत तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बच्चों को पूरी पारदर्शिता के साथ योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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कोरोना महामारी के चलते पिछले लंबे समय से परिषदीय स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था बेपटरी चल रही थी। इसके चलते परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को सरकार की ओर से मुहैया होने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही थीं। इस बीच बीते दिनों शासन के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया। शासन की ओर से बच्चों को पुस्तक तो मुहैया करा दी गईं, लेकिन ड्रेस, जूता, मोजा, बैग व स्वेटर आदि सुविधाएं अब तक नहीं दी जा सकी हैं। ऐसे में सरकार ने अब जिले के 1586 परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 10 हजार छात्र-छात्राओं को डीबीटी के तहत योजना का लाभ पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है। शासन की मंशा है कि 1056 रुपये की निर्धारित दर से सभी बच्चों के अभिभावकों के खाते में यह रकम भेज दी जाए, जिससे वह अपने बच्चों के लिए ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा व बैग आदि खरीद सकें।
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शासन के निर्देश पर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला समन्वयक सामुदायिक सुरेश तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर बच्चों व अभिभावकों का डाटा ऑनलाइन फीड किया जा रहा है। इसमें बच्चे व अभिभावक के नाम के अलावा बैंक डिटेल ऑनलाइन फीड की जा रही है। अब तक एक लाख 57 हजार छात्र-छात्राओं को डाटा ऑनलाइन हो चुका है। शेष बच्चों व उनके अभिभावकों के विवरण की फीडिंग चल रही है। इस सप्ताह के अंत तक फीडिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। फीडिंग का कार्य पूरा होने के बाद शासन की ओर से जिले के दो लाख 10 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में 1056 रुपये की दर से 22 करोड़ 17 लाख 60 हजार रुपये भेजे जाएंगे। शासन ने जूता के लिए 135 रुपये, मोजा के लिए 21, बैग के लिए 100 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये व दो जोड़ी ड्रेस के लिए 600 रुपये निर्धारित किए हैं।
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अभिभावकों ने की सराहना
शासन की ओर से छात्र-छात्राओं तक तेजी से सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई डीबीटी योजना की अभिभावकों ने सराहना की है। कटेहरी के शिवकुमार यादव, प्रमोद कुमार, बेवाना के शिवमंगल व अकबरपुर के रामबचन ने सरकार की इस योजना की सराहना की। कहा कि इससे एक तरफ जहां बिचौलियों का खेल खत्म हुआ है, वहीं बच्चों को योजना का लाभ भी तेजी से मिल जाएगा। हालांकि अभिभावकों ने पैसों में बढ़ोत्तरी की भी मांग की। कहा कि जूता व बैग के लिए जो रकम निर्धारित की गई, वह काफी कम है। एक पीस खरीदने पर बाजार में जूता, बैग आदि शासन से निर्धारित रकम से कहीं अधिक दाम में मिल रहा है।
की जा रही डाटा फीडिंग
शासन के निर्देश पर बच्चों व अभिभावकों की ऑनलाइन डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। अब तक एक लाख 57 हजार से अधिक बच्चों व अभिभावकों की फीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है। शेष बच्चों व अभिभावकों की भी इंट्री का कार्य चल रहा है। इस सप्ताह के अंत तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बच्चों को पूरी पारदर्शिता के साथ योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए