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यूरिया संकट खोल रहा मनमानी की पोल

Fri, 21 Aug 2020 03:04 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 03:04 PM IST
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Problem
अंबेडकरनगर। लक्ष्य से करीब साढ़े चार हजार मीट्रिक टन अधिक खाद मिलने के बाद भी जिले में यूरिया खाद संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। यूरिया संकट को लेकर कृषि विभाग प्रशासन के अनुसार राजस्व विभाग की लापरवाही भी जिम्मेदार है। विभाग के अनुसार गन्ना, मेंथा व सब्जी की फसलों का सही क्षेत्रफल राजस्व विभाग द्वारा मुहैया नहीं कराया जाता। इसके चलते ही यूरिया संकट खड़ा हो जाता है। यूरिया संकट के बीच जिलाधिकारी ने कोऑपरेटिव को निर्देशित किया है कि वह समितियों को 1461 मीट्रिक टन खाद और उपलब्ध कराए। डीएम के निर्देश बाद कोआपरेटिव विभाग ने आवश्यक तैयारियां शुरु कर दिया है।
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गौरतलब है कि जिले में खरीफ फसल के लिए 37 हजार 138 मीट्रिक टन यूरिया खाद का लक्ष्य है। खरीफ फसल का समय अप्रैल से सितंबर माह तक लिया जाता है। अप्रैल से अगस्त माह तक जिले का लक्ष्य 29 हजार 592 है। फिलहाल अब तक 34 हजार 368 मीट्रिक टन खाद जिले को प्राप्त हो चुकी है। अगस्त माह में अभी 10 दिन शेष है। लक्ष्य से करीब 4700 मीट्रिक टन अधिक यूरिया खाद मिलने के बावजूद जिले में यूरिया खाद का संकट बना हुआ है।
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खाद संकट के बीच किसान निजी दुकानदारों से महंगे दर पर खाद खरीदने के लिए विवश हो रहे हैं। खाद संकट के बीच जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने सख्ती दिखायी तो कृषि विभाग विभाग अब अपनी मुसीबत राजस्व विभाग पर थोप रहा है। कृषि विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा फसलों के क्षेत्रफल की सही जानकारी मुहैया नहीं करायी जाती। इसके चलते ही यह संकट बढ़ा है। यदि राजस्व विभाग जिले में पैदा होने वाली फसलों का भौतिक सत्यापन कर सही रिपोर्ट उपलब्ध कराता तो इस तरह की स्थिति का सामाना न करना पड़ता।
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कृषि विभाग का कहना है कि जिले में बीते कुछ वर्षों में मेंथा, गन्ना व हरी सब्जी की खेती का क्षेत्रफल तेजी से बढ़ा है। इन फसलों का क्षेत्रफल बढ़ने की वजह से खरीफ फसल की अवधि में उर्वरक की खपत बढ़ गई है। गन्ना की खेती बढ़ने के कारण फिलहाल धान की खेती में करीब 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में कमी आयी है। कुछ वर्ष पहले जहां जिले में धान की खेती का क्षेत्रफल 1 लाख 22 हजार 80 हेक्टेयर था, वहीं अब 1 लाख 16 हजार पहुंच हो गया है। खाद संकट को दूर करने के लिए डीएम राकेश कुमार मिश्र ने कोआपरेटिव विभाग को 1461 मीट्रिक टन यूरिया देने का निर्देश दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही समितियों पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

किसानों को परेशान होने की जरूरत नही है। यूरिया खाद सभी समितियों पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रयास जारी है। बीते दिनों रैक प्वाइंट से समितियों को उवर्रक भेजा गया है। फसलों के क्षेत्रफल की सही रिपोर्ट न होने की वजह से ही इस तरह की दिक्कत सामने आयी है।
डॉ. धर्मराज सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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