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Ambedkar Nagar News: 100 से अधिक गांवों में गहराया बिजली संकट
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टांडा बिजली उपकेंद्र। संवाद
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सुलेमपुर। विद्युत वितरण खंड टांडा के 132 केवीए उपकेंद्र का 63 एमवीए क्षमता वाला ट्रांसफार्मर आज 23 अगस्त को चौथे दिन भी नहीं बदला जा सका है। 19 अगस्त को खराब हुए इस ट्रांसफार्मर के कारण पूरे टांडा क्षेत्र में गंभीर बिजली संकट उत्पन्न हो गया है। उपभोक्ताओं को 18 घंटे में केवल पांच-छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे उमस भरी गर्मी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस बिजली घर से सुलेमपुर, हीरापुर, डुहिया, पुलिस चौकी, धागा मिल, पुंथर और मोहनगंज सहित छह फीडरों के 100 से अधिक गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। ट्रांसमिशन टीम ने जांच के बाद ट्रांसफार्मर के खराब होने की पुष्टि की थी। इसके बाद से प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति अत्यंत अनियमित हो गई है। 20 अगस्त की रात इन गांवों में बमुश्किल दो घंटे ही बिजली मिली, जिससे लोग भीषण उमस में परेशान रहे। कलेसर बिजली घर के खूखूतारा फीडर के हसनपुर गांव सहित अन्य गांवों में भी पूरी रात बिजली नहीं रही। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की है। एसडीओ ट्रांसमिशन आरपी पाठक ने बताया कि ट्रांसफार्मर बदलवाने को लेकर कार्रवाई चल रही है।
जिला अस्पताल में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित
बिजली संकट का असर जिला अस्पताल पर भी पड़ा है। कोटवा महमदपुर बिजली घर से जिला अस्पताल को दी जाने वाली बिजली की अंडरग्राउंड केबल बॉक्स में खराबी आ गई है। इस कारण आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। 21 अगस्त की सुबह बिजलीकर्मियों ने फाल्ट ठीक करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू किया। हालांकि, वीआईपी बिजली घर से जिला अस्पताल को बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बार-बार ट्रिपिंग से मरीजों और चिकित्सकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जेई सतीश कुमार ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज के पास केबल बॉक्स में समस्या है और मरम्मत जारी है।
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लूम पर काम धाम ठप
बिजली की किल्लत का सीधा असर जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। फूलपुर निवासी नबी उल्लाह, जिनके पास 15 लूम हैं, ने बताया कि पिछले चार दिनों से बिजली केवल पांच-छह घंटे ही मिल रही है। इससे उनके काम-धंधे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। सुचारू रूप से बिजली न मिलने के कारण समय पर ऑर्डर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें आर्थिक क्षति हो रही है और उनके कारखाने में मजदूर पूरे दिन बैठे रहते हैं।
फसलों की सिंचाई प्रभावित
मिश्रौलिया निवासी किसान इंद्रजीत ने बताया कि यह धान में पानी देने का महत्वपूर्ण समय है। पिछले चार दिनों से बिजली घर का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली चलित ट्यूबवेल न चलने से किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते धान की फसल की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
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इस बिजली घर से सुलेमपुर, हीरापुर, डुहिया, पुलिस चौकी, धागा मिल, पुंथर और मोहनगंज सहित छह फीडरों के 100 से अधिक गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। ट्रांसमिशन टीम ने जांच के बाद ट्रांसफार्मर के खराब होने की पुष्टि की थी। इसके बाद से प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति अत्यंत अनियमित हो गई है। 20 अगस्त की रात इन गांवों में बमुश्किल दो घंटे ही बिजली मिली, जिससे लोग भीषण उमस में परेशान रहे। कलेसर बिजली घर के खूखूतारा फीडर के हसनपुर गांव सहित अन्य गांवों में भी पूरी रात बिजली नहीं रही। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की है। एसडीओ ट्रांसमिशन आरपी पाठक ने बताया कि ट्रांसफार्मर बदलवाने को लेकर कार्रवाई चल रही है।
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जिला अस्पताल में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित
बिजली संकट का असर जिला अस्पताल पर भी पड़ा है। कोटवा महमदपुर बिजली घर से जिला अस्पताल को दी जाने वाली बिजली की अंडरग्राउंड केबल बॉक्स में खराबी आ गई है। इस कारण आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। 21 अगस्त की सुबह बिजलीकर्मियों ने फाल्ट ठीक करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू किया। हालांकि, वीआईपी बिजली घर से जिला अस्पताल को बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बार-बार ट्रिपिंग से मरीजों और चिकित्सकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जेई सतीश कुमार ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज के पास केबल बॉक्स में समस्या है और मरम्मत जारी है।
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लूम पर काम धाम ठप
बिजली की किल्लत का सीधा असर जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। फूलपुर निवासी नबी उल्लाह, जिनके पास 15 लूम हैं, ने बताया कि पिछले चार दिनों से बिजली केवल पांच-छह घंटे ही मिल रही है। इससे उनके काम-धंधे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। सुचारू रूप से बिजली न मिलने के कारण समय पर ऑर्डर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें आर्थिक क्षति हो रही है और उनके कारखाने में मजदूर पूरे दिन बैठे रहते हैं।
फसलों की सिंचाई प्रभावित
मिश्रौलिया निवासी किसान इंद्रजीत ने बताया कि यह धान में पानी देने का महत्वपूर्ण समय है। पिछले चार दिनों से बिजली घर का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली चलित ट्यूबवेल न चलने से किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते धान की फसल की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।