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Ambedkar Nagar News: डेढ़ लाख आबादी को 10 दिन तक झेलना पड़ेगा बिजली संकट
Tue, 29 Aug 2023 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 29 Aug 2023 11:40 PM IST
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर के निकट स्थित 132 केवी उपकेंद्र में लगा 63 एमवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर सोमवार शाम फुंक गया। इससे चार विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति मंगलवार को प्रभावित रही। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस बड़े ट्रांसफाॅर्मर को बदलने और आपूर्ति सामान्य करने में कई दिन लगेंगे।
ऐसे में लगभग डेढ़ लाख आबादी को करीब 10 दिन तक बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इंजीनियर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। कोटवा महमदपुर के 132 केवी उपकेंद्र से अन्य सब स्टेशनों को आपूर्ति के लिए 63-63 एमवीए के दो ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं।
इनसे करीब एक दर्जन शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्रों को बिजली मिलती है। इसके बाद स्थानीय ट्रांसफाॅर्मरों के जरिए लोगों को बिजली सप्लाई होती है। कोटवा में लगा 63 एमवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर सोमवार शाम करीब छह बजे तकनीकी गड़बड़ी के बाद फुंक गया। इससे आपूर्ति व्यवस्था अचानक चरमरा गई।
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इसका सीधा जमुनीपुर, अशरफपुर बरवां, कुर्की तथा मरैला उपकेंद्र पर असर पड़ा। विभागीय अभियंताओं व कर्मचारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु करने का पूरा प्रयास किया लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके। चारों उपकेंद्र से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति प्रभावित होने लगी। इसके चलते मंगलवार को लोग बिजली कटौती से परेशान रहे।
उपकरण खराब होने का खामियाजा भुगत रहे लोग
बेवाना के शंकर वर्मा व रमेश ने कहा कि उपकरणों की नियमित मरम्मत न होने के चलते यह हालात पैदा हुए हैं। विभाग को जरूरी इंतजाम समय रहते करना चाहिए। मरैला उपकेंद्र क्षेत्र के ज्ञानदीप व त्रिपुरारी का कहना था कि आए दिन उपकरण खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। एक निश्चित समय में उपकरणों की मरम्मत व उन्हें बदलने पर ध्यान देना चाहिए। अनदेखी के चलते आपूर्ति उपकरण लगातार जवाब दे रहे हैं। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।
मुख्यालय से आएगा ट्रांसफाॅर्मर
अभियंताओं ने बताया कि ट्रांसफार्मर फुंकने की जानकारी मुख्यालय को दी गई है। वहां से ट्रांसफार्मर भेजा जाएगा। उसे यहां पहुंचने तथा और फिर लगाने में करीब 10 दिन का समय लगेगा। इस अवधि में चार उपकेंद्रों की आपूर्ति पर असर बना रहेगा। अभियंताओं के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति ठीक करने की कोशिश की जा रही है।
ट्रांसफाॅर्मर की उपलब्धता के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। कुछ दिनों में ट्रांसफार्मर यहां पहुंच जाएगा। इसके बाद उसे प्राथमिकता पर लगवाया जाएगा।
अंबा प्रसाद वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता
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ऐसे में लगभग डेढ़ लाख आबादी को करीब 10 दिन तक बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इंजीनियर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। कोटवा महमदपुर के 132 केवी उपकेंद्र से अन्य सब स्टेशनों को आपूर्ति के लिए 63-63 एमवीए के दो ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं।
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इनसे करीब एक दर्जन शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्रों को बिजली मिलती है। इसके बाद स्थानीय ट्रांसफाॅर्मरों के जरिए लोगों को बिजली सप्लाई होती है। कोटवा में लगा 63 एमवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर सोमवार शाम करीब छह बजे तकनीकी गड़बड़ी के बाद फुंक गया। इससे आपूर्ति व्यवस्था अचानक चरमरा गई।
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इसका सीधा जमुनीपुर, अशरफपुर बरवां, कुर्की तथा मरैला उपकेंद्र पर असर पड़ा। विभागीय अभियंताओं व कर्मचारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु करने का पूरा प्रयास किया लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके। चारों उपकेंद्र से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति प्रभावित होने लगी। इसके चलते मंगलवार को लोग बिजली कटौती से परेशान रहे।
उपकरण खराब होने का खामियाजा भुगत रहे लोग
बेवाना के शंकर वर्मा व रमेश ने कहा कि उपकरणों की नियमित मरम्मत न होने के चलते यह हालात पैदा हुए हैं। विभाग को जरूरी इंतजाम समय रहते करना चाहिए। मरैला उपकेंद्र क्षेत्र के ज्ञानदीप व त्रिपुरारी का कहना था कि आए दिन उपकरण खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। एक निश्चित समय में उपकरणों की मरम्मत व उन्हें बदलने पर ध्यान देना चाहिए। अनदेखी के चलते आपूर्ति उपकरण लगातार जवाब दे रहे हैं। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।
मुख्यालय से आएगा ट्रांसफाॅर्मर
अभियंताओं ने बताया कि ट्रांसफार्मर फुंकने की जानकारी मुख्यालय को दी गई है। वहां से ट्रांसफार्मर भेजा जाएगा। उसे यहां पहुंचने तथा और फिर लगाने में करीब 10 दिन का समय लगेगा। इस अवधि में चार उपकेंद्रों की आपूर्ति पर असर बना रहेगा। अभियंताओं के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आपूर्ति ठीक करने की कोशिश की जा रही है।
ट्रांसफाॅर्मर की उपलब्धता के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। कुछ दिनों में ट्रांसफार्मर यहां पहुंच जाएगा। इसके बाद उसे प्राथमिकता पर लगवाया जाएगा।
अंबा प्रसाद वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता