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कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत
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अंबेडकरनगर के टांडा में सरयू नदी में जल स्तर बढ़ने से बढ़ा कटान का खतरा।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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टांडा। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही तेजी से कटान शुरू हो गई है। इससे नगर से सटे चिंतौरा व केवटहिया गांव पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। कटान तेज होने से नदी के किनारे बसे ग्रामीणों में दहशत है। वहीं बाढ़ कार्य खंड द्वारा कटान रोकने के लिए बांस का जाल व सैकड़ों बोरी बालू, ईंट, पत्थर भरकर तैयार कर मौके पर नदी के किनारे पड़ी हैं, लेकिन लापरवाही के कारण अभी तक कटान रोकने के लिए कार्य नहीं शुरू किया गया है। लोगों के मुताबिक यदि कटान तेजी से बढ़ी तो टीएन डिग्री कॉलेज की दीवार भी इसकी चपेट में आ सकती है।
कटान के खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ कार्य खंड अयोध्या को पिछले सप्ताह ही रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर बाढ़ कार्य खंड ने मौके पर आकर निरीक्षण के बाद बांस का जाल व सैकड़ों बोरी में बालू व ईंट के टुकड़े भर कर सिलाई करके मौके पर ही छोड़कर चले गए। अभी तक कटान को रोकने की दिशा में बाढ़ कार्य खंड ने उक्त जाल व बोरी को नदी में किनारे पर नहीं डाला। पानी का जलस्तर घटने से अब तेजी से कटान शुरू हो गई है।
बाढ़ प्रखंड की लापरवाही से आसपास के नागरिकों में आक्रोश है। इस्माइलपुर बेलदहां में भी तेजी से कटान शुरू हो गई है। बाढ़ कार्य खंड ने इस वर्ष बाढ़ आने से पूर्व कटान लगने वाले स्थानों का पहले से चिन्हीकरण नहीं किया। बीते दिनों ग्राम महरीपुर व मांझा कला में भी कटान शुरू हुई थी। किसी तरह ग्रामीणों ने इसे रोका था। इस वर्ष समय से पहले सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के किनारे व मांझा क्षेत्र में रहने वाले नागरिक अपनी तैयारी पूरी नहीं कर पाए हैं। इसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कटान के खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ कार्य खंड अयोध्या को पिछले सप्ताह ही रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर बाढ़ कार्य खंड ने मौके पर आकर निरीक्षण के बाद बांस का जाल व सैकड़ों बोरी में बालू व ईंट के टुकड़े भर कर सिलाई करके मौके पर ही छोड़कर चले गए। अभी तक कटान को रोकने की दिशा में बाढ़ कार्य खंड ने उक्त जाल व बोरी को नदी में किनारे पर नहीं डाला। पानी का जलस्तर घटने से अब तेजी से कटान शुरू हो गई है।
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बाढ़ प्रखंड की लापरवाही से आसपास के नागरिकों में आक्रोश है। इस्माइलपुर बेलदहां में भी तेजी से कटान शुरू हो गई है। बाढ़ कार्य खंड ने इस वर्ष बाढ़ आने से पूर्व कटान लगने वाले स्थानों का पहले से चिन्हीकरण नहीं किया। बीते दिनों ग्राम महरीपुर व मांझा कला में भी कटान शुरू हुई थी। किसी तरह ग्रामीणों ने इसे रोका था। इस वर्ष समय से पहले सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के किनारे व मांझा क्षेत्र में रहने वाले नागरिक अपनी तैयारी पूरी नहीं कर पाए हैं। इसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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