फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   One has to give up pride to drink Ramrupi Amrit

रामरूपी अमृत पान करने के लिए त्यागना पड़ता है अभिमान

Sun, 14 Mar 2021 11:20 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Mar 2021 11:20 PM IST
विज्ञापन
One has to give up pride to drink Ramrupi Amrit
अंबेडकरनगर। रामकथा भगवान श्रीराम की पावन लीला है। इसमें उन्होंने मानव समाज को सदाचार, संस्कार, सभ्यता व सौहार्द तथा प्रेम की शिक्षा दी है। भगवान श्रीराम का नाम भवसागर से पार उतरने के लिए उत्तम नौका है। जो मानव इसमें गोता लगाता है, वह आसानी से भवसागर को पार कर जाता है। रामरूपी अमृत पान करने के लिए मनुष्य को ऊंचाई से नीचे आना पड़ता है। यह ऊंचाई मानव का अभिमान है। जब तक अभिमान का भाव हृदय में व्याप्त है, तब तक अम़ृतमयी रामकथा का प्रवाह अंदर नहीं होता।
विज्ञापन

अहिरौली स्थित ककरहिया बाग लोकापुर में आयोजित शतचंडी यज्ञ व रामकथा महोत्सव में कथावाचक मथुरादास समदर्शी ने कथा में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि ‘महामोह महिषेसु बिसाला। रामकथा कालिका कराला’ जैसे मां कालिका ने महिषासुर का संहार किया था। वैसे ही भगवान की कथा महामोह व अज्ञानता रूपी महिषासुर का नाश करने के लिए मां कालिका के समान है। कथावाचक ने कहा कि प्रभु राम ने अपनी मनोहारी लीलाओं के माध्यम से संसार को मानवता व सदाचार का पाठ पढ़ाया।
विज्ञापन

सभी लोग अपने बच्चों को संस्कार की सीख जरूर दें। जिस तरह से पाश्चात्य सभ्यता मानव जीवन में अपनी जगह बना रहा है, वह ठीक नहीं है। बच्चे संस्कारवान तभी होंगे, जब उन्हें भगवान राम के आदर्शों से बोध कराया जाएगा। कथावाचिका साध्वी सृष्टिलता रामायणी ने कहा कि दुख में ही सिर्फ भगवान याद आए, यह ठीक नहीं। परिस्थिति कैसी भी हो, भगवान को भुलाना नहीं चाहिए। क्योंकि इस भौतिक जगत में जो भी परिवर्तन होते हैं, वह भगवान की इच्छा से होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed