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पौष्टिक आहार मिलता नहीं, कैसे सेहतमंद हों टीबी रोगी
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अंबेडकरनगर। टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित मरीजों को स्वस्थ बनाने के लिए दवाओं के साथ ही पौष्टिक आहार भी जरूरी होता है। मौजूदा समय में जिले में टीबी से पीड़ित 1931 मरीज चिह्नित है। इन्हें नि:शुल्क इलाज तो मिल रहा है लेकिन बीते 6 माह से पौष्टिक खाद्य सामग्री की खरीद के लिए हर माह मिलने वाली पांच सौ की मदद राशि नहीं मिल रही। ऐसे में बिना पौष्टिक आहार के टीबी की बीमारी को पूरी तरह मात देना बड़ी चुनौती बना है।
टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह मिलने वाली पांच सौ राशि का भुगतान बीते मई माह से नही हो रहा है। इससे कई मरीजों के सामने पौष्टिक खाद्य पदार्थ खरीदने का संकट बना है। ऐसे मरीजों का जल्दी स्वास्थ्य व सेहतमंद होना बड़ी चुनौती बना है। परेशान मरीजों ने शासन से तत्काल रोकी गयी राशि का भुगतान कराए जाने की मांग की है। क्षय रोग मरीजों के बेहतर उपचार व उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए उपेक्षा का माहौल दिख रहा है। मौजूदा समय में टीबी के 1931 मरीज चिह्नित हैं इनमें से 1789 प्रथम स्टेज के और 142 सेकेंड स्टेज के मरीज हैं। मरीजों को जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर नि:शुल्क उपचार की सुविधा के तहत दवा इत्यादि तो मिल जाती हैं लेकिन पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह मिलने वाली 500 रुपया की राशि न मिलने से स्वास्थ्य में भी तेजी से सुधार नही हो पा रहा है। मरीजों के साथ तीमरादारों ने शासन प्रशासन की इस उदासीनता पर नाराजगी जाहिर की है।
मंगलवार को जिला अस्पताल में इलाज करा रहे कोटवा महमदपुर निवासी सहित कुछ अन्य क्षय रोगियों ने बताया कि वह सभी बीते तीन से छह माह से क्षय रोग से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल से नि:शुल्क जांच व दवा की सुविधा व दवाएं तो मिल जाती हैं लेकिन पौष्टिक आहार के लिए मिलने वाली धनराशि बीते छह माह से नहीं मिल रही। ऐसे में आर्थिक तंगी के चलते पौष्टिक आहार भी नही ले पा रहे हैं।
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निदेशालय को लिखा गया पत्र
मरीजों को जरूरी धनराशि मुहैया कराने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है। बीते मई माह से शासन से धनराशि उपलब्ध नही हुई है। इसके चलते मरीजों को पोष्टिक खाद्य सामग्री खरीदने को हर माह मिलने वाले पांच सौ रुपया उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है। धनराशि मुहैया होते ही मरीजों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा।
डॉ. शालिक राम पासवान, जिला क्षय रोग अधिकारी
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टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह मिलने वाली पांच सौ राशि का भुगतान बीते मई माह से नही हो रहा है। इससे कई मरीजों के सामने पौष्टिक खाद्य पदार्थ खरीदने का संकट बना है। ऐसे मरीजों का जल्दी स्वास्थ्य व सेहतमंद होना बड़ी चुनौती बना है। परेशान मरीजों ने शासन से तत्काल रोकी गयी राशि का भुगतान कराए जाने की मांग की है। क्षय रोग मरीजों के बेहतर उपचार व उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए उपेक्षा का माहौल दिख रहा है। मौजूदा समय में टीबी के 1931 मरीज चिह्नित हैं इनमें से 1789 प्रथम स्टेज के और 142 सेकेंड स्टेज के मरीज हैं। मरीजों को जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर नि:शुल्क उपचार की सुविधा के तहत दवा इत्यादि तो मिल जाती हैं लेकिन पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह मिलने वाली 500 रुपया की राशि न मिलने से स्वास्थ्य में भी तेजी से सुधार नही हो पा रहा है। मरीजों के साथ तीमरादारों ने शासन प्रशासन की इस उदासीनता पर नाराजगी जाहिर की है।
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मंगलवार को जिला अस्पताल में इलाज करा रहे कोटवा महमदपुर निवासी सहित कुछ अन्य क्षय रोगियों ने बताया कि वह सभी बीते तीन से छह माह से क्षय रोग से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल से नि:शुल्क जांच व दवा की सुविधा व दवाएं तो मिल जाती हैं लेकिन पौष्टिक आहार के लिए मिलने वाली धनराशि बीते छह माह से नहीं मिल रही। ऐसे में आर्थिक तंगी के चलते पौष्टिक आहार भी नही ले पा रहे हैं।
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निदेशालय को लिखा गया पत्र
मरीजों को जरूरी धनराशि मुहैया कराने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है। बीते मई माह से शासन से धनराशि उपलब्ध नही हुई है। इसके चलते मरीजों को पोष्टिक खाद्य सामग्री खरीदने को हर माह मिलने वाले पांच सौ रुपया उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है। धनराशि मुहैया होते ही मरीजों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा।
डॉ. शालिक राम पासवान, जिला क्षय रोग अधिकारी