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Ambedkar Nagar News: पूर्व मुख्यमंत्री की जमीन प्रकरण में नया मोड़, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत
Sun, 22 Feb 2026 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:03 AM IST
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आलापुर, अंबेडकरनगर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जुड़े बहुचर्चित जमीन विवाद में केयरटेकर अनिल यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई है।
अनिल यादव का आरोप है कि मामले से जुड़े पूर्व एडिशनल एसपी जियालाल यादव शुक्रवार देर रात नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी से आलापुर तहसील पहुंचे। उन्होंने वहां अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की, जिसे जमीन मामले में किसी नए खेल की कोशिश माना जा रहा है। केयरटेकर के अनुसार पूर्व में धारा 34 के तहत दाखिल-खारिज (म्युटेशन) की अर्जी साक्ष्यों की कमी के कारण निरस्त की जा चुकी है।
राजाराम और जियालाल यादव ने जिस बैनामे के आधार पर जमीन अपने नाम कराने का प्रयास किया था, उसे राजस्व विभाग पहले ही खारिज कर चुका है। शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मुख्तार-ए-आम (पॉवर ऑफ अटॉर्नी) को लेकर है। अनिल यादव का दावा है कि दस्तावेजों में दिग्विजय सिंह के हस्ताक्षर दिग्विजय सिंह उर्फ दुर्विजय सिंह, निवासी: ग्राम मकरही के रूप में दिखाए गए हैं, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका पता रायगढ़, विजयनगर, जिला गुना (मध्य प्रदेश) दर्ज है। नाम और पते की यह विसंगति मामले को संदिग्ध बनाती है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने पुष्टि की है कि पूर्व एडिशनल एसपी तहसील आए थे। उन्होंने बताया कि जियालाल यादव अपने एक लंबित दाखिल-खारिज मामले के सिलसिले में बात करने पहुंचे थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं।
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अनिल यादव का आरोप है कि मामले से जुड़े पूर्व एडिशनल एसपी जियालाल यादव शुक्रवार देर रात नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी से आलापुर तहसील पहुंचे। उन्होंने वहां अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की, जिसे जमीन मामले में किसी नए खेल की कोशिश माना जा रहा है। केयरटेकर के अनुसार पूर्व में धारा 34 के तहत दाखिल-खारिज (म्युटेशन) की अर्जी साक्ष्यों की कमी के कारण निरस्त की जा चुकी है।
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राजाराम और जियालाल यादव ने जिस बैनामे के आधार पर जमीन अपने नाम कराने का प्रयास किया था, उसे राजस्व विभाग पहले ही खारिज कर चुका है। शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मुख्तार-ए-आम (पॉवर ऑफ अटॉर्नी) को लेकर है। अनिल यादव का दावा है कि दस्तावेजों में दिग्विजय सिंह के हस्ताक्षर दिग्विजय सिंह उर्फ दुर्विजय सिंह, निवासी: ग्राम मकरही के रूप में दिखाए गए हैं, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका पता रायगढ़, विजयनगर, जिला गुना (मध्य प्रदेश) दर्ज है। नाम और पते की यह विसंगति मामले को संदिग्ध बनाती है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने पुष्टि की है कि पूर्व एडिशनल एसपी तहसील आए थे। उन्होंने बताया कि जियालाल यादव अपने एक लंबित दाखिल-खारिज मामले के सिलसिले में बात करने पहुंचे थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं।
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