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मोहर्रम की तैयारियां तेज, सजने लगे इमामबारगाह व अजाखाने
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मोहर्रम की तैयारियां तेज, सजने लगे इमामबारगाह व अजाखाने
- ताजिया निर्माण भी जोरों पर, पुलिस-प्रशासन ने भी कसी कमर
फोटो 20
माई सिटी रिपोर्टर
अंबेडकरनगर। इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की तैयारियां जिले में तेज हो गई हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित इमामबारगाहों व अजाखानों की साफ सफाई व रंगरोगन का कार्य अंतिम चरणों में पहुंच गया है। उधर ताजियों के निर्माण में भी कारीगरों के हाथ तेजी से चलने लगे हैं। उधर मोहर्रम को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।
चांद के अनुसार आगामी 1 सितंबर से मोहर्रम की शुरुआत हो रही है। इसे लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित इमामबारगाहों व अजाखानों की साफ सफाई रंगाई पुताई का कार्य अंतिम चरणों में पहुंच गया है। अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित शाही इमामबाड़ा की साफ सफाई का कार्य देख रहे कासिम हुसैन ने कहा कि 31 अगस्त को चांद निकलने के बाद 1 सितंबर से मोहर्रम की शुरुआत हो जाएगी। कहा कि इमामबारगाह में 1 मोहर्रम से 10 मोहर्रम तक लगातार मजलिस का आयोजन होगा। इसके अलावा ज्यादातर जुलूस इसी इमामबारगाह में पहुंचकर संपन्न होंगे। यहां आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी। इसी से कुछ दूरी पर स्थित इमामबारगाह बैतुल अजा की रंगाई पुताई का कार्य भी अंतिम दौर में पहुंच गया है। इसके अलावा जलालपुर, टांडा, आलापुर तहसील क्षेत्रों में भी इमामबारगाहों व अजाखानों की साफ सफाई व रंगरोगन का कार्य अंतिम चरणों में पहुंच गया है।
उधर मोहर्रम को देखते हुए ताजिया का निर्माण भी तेज हो गया है। इसमें लगे कारीगरों के हाथ तेजी से चलने लगे हैं। अब्दुल्लापुर में ताजिए का निर्माण में लगे अब्बास ने कहा कि उसके द्वारा बनाए गए ताजियों की बिक्री ज्यादातर अकबरपुर नगर व इसके इर्दगिर्द ही होती है। कहा कि कुछ लोग रुदौली व मवई से ताजिया लाते हैं। जलालपुर में ताजिया बना रहे मोहम्मद जाफर ने कहा कि ताजिए में लगने वाली सामग्रियों के दाम में तो वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके सापेक्ष ताजिए का दाम नहीं बढ़ रहा है। कहा कि 1 से 5 मोहर्रम तक ताजिए की बिक्री होती है। छोटे बड़े ताजिए मिलाकर ढाई सौ से अधिक ताजिए की बुकिंग हो चुकी है। समय से लोगों तक ताजिया पहुंच सके, इसके लिए निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है। इस बीच मोहर्रम को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है। थानों में शांति कमेटी की बैठक के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही गणमान्य लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की जा रही है।
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- ताजिया निर्माण भी जोरों पर, पुलिस-प्रशासन ने भी कसी कमर
फोटो 20
माई सिटी रिपोर्टर
अंबेडकरनगर। इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की तैयारियां जिले में तेज हो गई हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित इमामबारगाहों व अजाखानों की साफ सफाई व रंगरोगन का कार्य अंतिम चरणों में पहुंच गया है। उधर ताजियों के निर्माण में भी कारीगरों के हाथ तेजी से चलने लगे हैं। उधर मोहर्रम को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।
चांद के अनुसार आगामी 1 सितंबर से मोहर्रम की शुरुआत हो रही है। इसे लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित इमामबारगाहों व अजाखानों की साफ सफाई रंगाई पुताई का कार्य अंतिम चरणों में पहुंच गया है। अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित शाही इमामबाड़ा की साफ सफाई का कार्य देख रहे कासिम हुसैन ने कहा कि 31 अगस्त को चांद निकलने के बाद 1 सितंबर से मोहर्रम की शुरुआत हो जाएगी। कहा कि इमामबारगाह में 1 मोहर्रम से 10 मोहर्रम तक लगातार मजलिस का आयोजन होगा। इसके अलावा ज्यादातर जुलूस इसी इमामबारगाह में पहुंचकर संपन्न होंगे। यहां आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी। इसी से कुछ दूरी पर स्थित इमामबारगाह बैतुल अजा की रंगाई पुताई का कार्य भी अंतिम दौर में पहुंच गया है। इसके अलावा जलालपुर, टांडा, आलापुर तहसील क्षेत्रों में भी इमामबारगाहों व अजाखानों की साफ सफाई व रंगरोगन का कार्य अंतिम चरणों में पहुंच गया है।
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उधर मोहर्रम को देखते हुए ताजिया का निर्माण भी तेज हो गया है। इसमें लगे कारीगरों के हाथ तेजी से चलने लगे हैं। अब्दुल्लापुर में ताजिए का निर्माण में लगे अब्बास ने कहा कि उसके द्वारा बनाए गए ताजियों की बिक्री ज्यादातर अकबरपुर नगर व इसके इर्दगिर्द ही होती है। कहा कि कुछ लोग रुदौली व मवई से ताजिया लाते हैं। जलालपुर में ताजिया बना रहे मोहम्मद जाफर ने कहा कि ताजिए में लगने वाली सामग्रियों के दाम में तो वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके सापेक्ष ताजिए का दाम नहीं बढ़ रहा है। कहा कि 1 से 5 मोहर्रम तक ताजिए की बिक्री होती है। छोटे बड़े ताजिए मिलाकर ढाई सौ से अधिक ताजिए की बुकिंग हो चुकी है। समय से लोगों तक ताजिया पहुंच सके, इसके लिए निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है। इस बीच मोहर्रम को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है। थानों में शांति कमेटी की बैठक के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही गणमान्य लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की जा रही है।
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