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Ambedkar Nagar News: कुपोषण मुक्त हुए 7604 नौनिहाल
Thu, 05 Oct 2023 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 05 Oct 2023 11:46 PM IST
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अंबेडकरनगर। बाल विकास विभाग के विशेष अभियान में 7604 बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया गया है। अगस्त माह में कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 38 हजार 179 थी जो सितंबर 30 हजार 175 हो गई है।
जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो लाख 22 हजार 608 बच्चे पंजीकृत हैं। बाल विकास विभाग की टीम छह वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाकर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराती है। इसके साथ बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता है। अगस्त में टीम ने दो लाख 19 हजार 517 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसमें 34 हजार 872 बच्चे कुपोषित व 3307 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए थे।
सितंबर में चलाए गए अभियान में टीम ने सभी बच्चों का परीक्षण किया गया। इसमें कुपोषित बच्चों की संख्या में 6804 की कमी आई है। कुपोषित बच्चों की संख्या 28 हजार 64 मिली। इस तरह 1200 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी से बाहर हुए। जिले में अब अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 2107 है।
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बच्चों की सेहत में हो रहा सुधार
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है। कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार देने के साथ उनकी देखरेख की जाती है। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती किया जाता है। इससे बच्चों की सेहत में सुधार हो रहा है।
-दिनेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो लाख 22 हजार 608 बच्चे पंजीकृत हैं। बाल विकास विभाग की टीम छह वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाकर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराती है। इसके साथ बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता है। अगस्त में टीम ने दो लाख 19 हजार 517 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसमें 34 हजार 872 बच्चे कुपोषित व 3307 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए थे।
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सितंबर में चलाए गए अभियान में टीम ने सभी बच्चों का परीक्षण किया गया। इसमें कुपोषित बच्चों की संख्या में 6804 की कमी आई है। कुपोषित बच्चों की संख्या 28 हजार 64 मिली। इस तरह 1200 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी से बाहर हुए। जिले में अब अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 2107 है।
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बच्चों की सेहत में हो रहा सुधार
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है। कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार देने के साथ उनकी देखरेख की जाती है। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती किया जाता है। इससे बच्चों की सेहत में सुधार हो रहा है।
-दिनेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी