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शहरी क्षेत्रों में सुधार, गांवों में अब भी हाहाकार
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय समेत शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में कुछ सुधार दर्ज हुआ है। हालांकि हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। न तो शहरी क्षेत्रों में और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित बिजली कटौती रुक पाई है। इसके चलते अभी भी उपभोक्ताओं के बीच हाहाकार की स्थिति है। पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों ने जल्द ही सब कुछ सामान्य कर लिए जाने का भरोसा दिलाया है। लेकिन फिलहाल बिजली न मिलने से तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को पूरी रात जागकर ही बितानी पड़ रही है। शाम होने से लेकर सुबह तक कहीं तीन तो कहीं चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है। दिन में भी घंटों आपूर्ति ठप रहती है। शहरी क्षेेत्रों में अघोषित कटौती के अलावा ट्रिपिंग का दंश उपभोक्ताओं को शनिवार रात से लेकर रविवार पूरे दिन भुगतना पड़ा।
बिजली आपूर्ति की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। जिला मुख्यालय पर आपूर्ति के लिए मची त्राहि-त्राहि को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है। छिटपुट व्यवधान को छोड़कर आपूर्ति लगभग पटरी पर लौट आई है। हालांकि यह व्यवस्था टाउन उपकेंद्रों से जुड़े शहरी क्षेत्र के लिए ही है। शहर के उपकेंद्रों से जो गांव जुड़े हैं, वहां अभी भी सात से आठ घंटे की कटौती हो रही है। तहसील मुख्यालयों पर भी आमतौर पर स्थिति सुधरी है। लेकिन रात्रिकालीन कटौती से उपभोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति है। सबसे ज्यादा मुश्किल ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को हो रही है।
हालात यह हैं कि रात में एक से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे पूरी रात जागते हुए ही उपभोक्ताओं को बितानी पड़ रही है। आलापुर में शनिवार शाम से ठप हुई बिजली को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी रही।। रात पौने बारह बजे आपूर्ति शुरू हो सकी। रात में कहीं लो वोल्टेज तो कहीं आकस्मिक कटौती का दंश उपभोक्ता झेलते रहे। रविवार सुबह साढ़े नौ बजे विद्युत आपूर्ति ठप हुई तो 12 बजे बहाल हो सकी। डेढ़ बजे फिर बिजली कट गई तो एक घंटे तक उपभोक्ता बिना बिजली के रहे।
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बसखारी के मकोइया उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को बीते दिनों की अपेक्षा बेहतर बिजली मिली, लेकिन रात में तीन से चार घंटे की कटौती हुई। इससे उपभोक्ताओं को करवट बदलने को मजबूर होना पड़ा। सुबह दो बार आधे घंटे के लिए आपूर्ति कटने से उपभोक्ता परेशान रहे। भीटी के सेनपुर उपकेंद्र पर शनिवार रात आठ से 12 बजे तक बिजली नहीं रही। इसके बाद एक घंटे तक आपूर्ति रही, लेकिन एक बजे से फिर बिजली ठप पड़ गई। भोर में चार बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद दिन में 11 बजे से फिर बिजली ठप हो गई। भीटी उपकेंद्र का भी यही हाल रहा।
जलालपुर शहर में शाम सात से आठ बजे तक बिजली रही। इसके बाद आपूर्ति ठप हो गई। रात 12 बजे आपूर्ति बहाल हुई। एक घंटे तक बिजली रहने के बाद ठप हो गई। इसके बाद सुबह चार बजे बहाल हो सकी। ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार शाम छह से सात बजे तक विद्युत आपूर्ति रही। इसके बाद सीधे 12 बजे रात बिजली मिल सकी। एक घंटे बिजली रहने के बाद सुबह चार बजे बहाल हुई। इससे उपभोक्ताओं को रातभर नींद नहीं आ सकी। टांडा में रात नौ बजे से लगभग आधी रात तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। रविवार सुबह सवा दस बजे विद्युत आपूर्ति ठप हुई तो पौने एक बजे बहाल हो सकी। दोपहर बाद एक बजे करीब फिर बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई। अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की आवाजाही लगी रही।
सुधार के प्रयास जारी
बिजली आपूर्ति में सुधार के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। तमाम क्षेत्रों में आपूर्ति बेहतर हो गई है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में अभी स्थिति सामान्य नहीं है। वहां भी आपूर्ति जल्द ही सुचारु कर ली जाएगी।
-रमेशचंद्र, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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बिजली आपूर्ति की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। जिला मुख्यालय पर आपूर्ति के लिए मची त्राहि-त्राहि को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है। छिटपुट व्यवधान को छोड़कर आपूर्ति लगभग पटरी पर लौट आई है। हालांकि यह व्यवस्था टाउन उपकेंद्रों से जुड़े शहरी क्षेत्र के लिए ही है। शहर के उपकेंद्रों से जो गांव जुड़े हैं, वहां अभी भी सात से आठ घंटे की कटौती हो रही है। तहसील मुख्यालयों पर भी आमतौर पर स्थिति सुधरी है। लेकिन रात्रिकालीन कटौती से उपभोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति है। सबसे ज्यादा मुश्किल ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को हो रही है।
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हालात यह हैं कि रात में एक से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे पूरी रात जागते हुए ही उपभोक्ताओं को बितानी पड़ रही है। आलापुर में शनिवार शाम से ठप हुई बिजली को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी रही।। रात पौने बारह बजे आपूर्ति शुरू हो सकी। रात में कहीं लो वोल्टेज तो कहीं आकस्मिक कटौती का दंश उपभोक्ता झेलते रहे। रविवार सुबह साढ़े नौ बजे विद्युत आपूर्ति ठप हुई तो 12 बजे बहाल हो सकी। डेढ़ बजे फिर बिजली कट गई तो एक घंटे तक उपभोक्ता बिना बिजली के रहे।
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बसखारी के मकोइया उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को बीते दिनों की अपेक्षा बेहतर बिजली मिली, लेकिन रात में तीन से चार घंटे की कटौती हुई। इससे उपभोक्ताओं को करवट बदलने को मजबूर होना पड़ा। सुबह दो बार आधे घंटे के लिए आपूर्ति कटने से उपभोक्ता परेशान रहे। भीटी के सेनपुर उपकेंद्र पर शनिवार रात आठ से 12 बजे तक बिजली नहीं रही। इसके बाद एक घंटे तक आपूर्ति रही, लेकिन एक बजे से फिर बिजली ठप पड़ गई। भोर में चार बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद दिन में 11 बजे से फिर बिजली ठप हो गई। भीटी उपकेंद्र का भी यही हाल रहा।
जलालपुर शहर में शाम सात से आठ बजे तक बिजली रही। इसके बाद आपूर्ति ठप हो गई। रात 12 बजे आपूर्ति बहाल हुई। एक घंटे तक बिजली रहने के बाद ठप हो गई। इसके बाद सुबह चार बजे बहाल हो सकी। ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार शाम छह से सात बजे तक विद्युत आपूर्ति रही। इसके बाद सीधे 12 बजे रात बिजली मिल सकी। एक घंटे बिजली रहने के बाद सुबह चार बजे बहाल हुई। इससे उपभोक्ताओं को रातभर नींद नहीं आ सकी। टांडा में रात नौ बजे से लगभग आधी रात तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। रविवार सुबह सवा दस बजे विद्युत आपूर्ति ठप हुई तो पौने एक बजे बहाल हो सकी। दोपहर बाद एक बजे करीब फिर बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई। अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की आवाजाही लगी रही।
सुधार के प्रयास जारी
बिजली आपूर्ति में सुधार के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। तमाम क्षेत्रों में आपूर्ति बेहतर हो गई है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में अभी स्थिति सामान्य नहीं है। वहां भी आपूर्ति जल्द ही सुचारु कर ली जाएगी।
-रमेशचंद्र, अधीक्षण अभियंता विद्युत