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Ambedkar Nagar News: कैसे लड़ें कुपोषण से जंग, स्टाफ संकट से जूझ रहे केंद्र
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अंबेडकरनगर। कुपोषण से लड़ना जिले में बाल विकास विभाग के लिए आसान नहीं है। 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब ढाई लाख बच्चों व महिलाओं के सेहत की निगरानी करने व उन्हें प्राथमिक शिक्षा देने में स्टाफ संकट बड़ी चुनौती बन रहा है। लंबे समय से 395 आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्थायी रूप से आंगनबाड़ी कार्यकत्री की तैनाती नहीं है। यह वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे चल रहे हैं। ऐसे में योजनाओं के सुचारू संचालन में कठिनाई आ रही है।
महिलाएं व बच्चे स्वस्थ रहें इसके लिए सरकार बाल विकास विभाग के माध्यम से कई तरह की योजनाओं का संचालन करती है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही आवश्यकतानुसार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराए जाते हैं। बच्चों को प्राथमिक शिक्षा देने का जिम्मा भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर है। प्रतिमाह इसकी रिपोर्ट भी तैयार होती है। बच्चों व महिलाओं के लिए योजनाएं तो कई संचालित हैं लेकिन उन्हें पात्रों तक पहुंचाने की मुख्य भूमिका निभाने वाले स्टाफ की तैनाती की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पृथ्वीपुर, बेला परसा, हंसवर, बसखारी, बसहिया सहित अन्य गांवों में लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्र रिक्त चल रहे हैं। इससे यहां उधारी की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सहारे केंद्र का संचालन हो रहा है। इससे इन स्थानों पर योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी शिकायतें भी सामने आती हैं। इतना ही नहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की निगरानी के लिए स्वीकृत 90 सुपरवाइजर में से सिर्फ 23 पर तैनाती है। 67 पद ऐसे हैं जो लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं।
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पंजीकृत बच्चे व महिलाएं
आंगनबाड़ी केंद्रों पर मौजूदा समय में छह माह से 3 वर्ष के 1 लाख 6 हजार 76 बच्चे, तीन से 6 वर्ष के 1 लाख 17 हजार 737 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा 33,397 गर्भवती व धात्री महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए योजनाओं का लाभ ले रही हैं।
यहां इतने पद रिक्त
अकबरपुर ब्लॉक में सुपरवाइजर के 16 में से 13 पद, भियांव में 9 में से 7 पद, भीटी में 8 में 6, बसखारी में 9 में से 7, रामनगर में 8 में से 5, कटेहरी में 8 में से 6, जलालपुर में 11 में से 9, टांडा में 12 में से 8, जहांगीरगंज 7 के सापेक्ष 5 व अकबरपुर शहर में 2 में से 1 सुपरवाइजर का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी तरह अकबरपुर में आंगनबाड़ी के 45, भियांव में 30, भीटी में 22, बसखारी में 35, रामनगर में 42, कटेहरी में 16, जलालपुर में 79, टांडा में 81, जहांगीरगंज में 34 व अकबरपुर शहर में 11 आंगबनाड़ी कार्यकत्रियों की तैनाती नहीं हो सकी है।
भेजा गया है पत्र
सुपरवाइजर व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की तैनाती के लिए बाल विकास भाग निदेशालय को पत्र भेजा गया है। फिलहाल उपलब्ध स्टाफ में योजनाओं का सुचारु संचालन हो रहा है।
- दिनेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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महिलाएं व बच्चे स्वस्थ रहें इसके लिए सरकार बाल विकास विभाग के माध्यम से कई तरह की योजनाओं का संचालन करती है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही आवश्यकतानुसार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराए जाते हैं। बच्चों को प्राथमिक शिक्षा देने का जिम्मा भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर है। प्रतिमाह इसकी रिपोर्ट भी तैयार होती है। बच्चों व महिलाओं के लिए योजनाएं तो कई संचालित हैं लेकिन उन्हें पात्रों तक पहुंचाने की मुख्य भूमिका निभाने वाले स्टाफ की तैनाती की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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पृथ्वीपुर, बेला परसा, हंसवर, बसखारी, बसहिया सहित अन्य गांवों में लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्र रिक्त चल रहे हैं। इससे यहां उधारी की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सहारे केंद्र का संचालन हो रहा है। इससे इन स्थानों पर योजनाओं के क्रियान्वयन में काफी शिकायतें भी सामने आती हैं। इतना ही नहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की निगरानी के लिए स्वीकृत 90 सुपरवाइजर में से सिर्फ 23 पर तैनाती है। 67 पद ऐसे हैं जो लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं।
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पंजीकृत बच्चे व महिलाएं
आंगनबाड़ी केंद्रों पर मौजूदा समय में छह माह से 3 वर्ष के 1 लाख 6 हजार 76 बच्चे, तीन से 6 वर्ष के 1 लाख 17 हजार 737 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा 33,397 गर्भवती व धात्री महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए योजनाओं का लाभ ले रही हैं।
यहां इतने पद रिक्त
अकबरपुर ब्लॉक में सुपरवाइजर के 16 में से 13 पद, भियांव में 9 में से 7 पद, भीटी में 8 में 6, बसखारी में 9 में से 7, रामनगर में 8 में से 5, कटेहरी में 8 में से 6, जलालपुर में 11 में से 9, टांडा में 12 में से 8, जहांगीरगंज 7 के सापेक्ष 5 व अकबरपुर शहर में 2 में से 1 सुपरवाइजर का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी तरह अकबरपुर में आंगनबाड़ी के 45, भियांव में 30, भीटी में 22, बसखारी में 35, रामनगर में 42, कटेहरी में 16, जलालपुर में 79, टांडा में 81, जहांगीरगंज में 34 व अकबरपुर शहर में 11 आंगबनाड़ी कार्यकत्रियों की तैनाती नहीं हो सकी है।
भेजा गया है पत्र
सुपरवाइजर व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की तैनाती के लिए बाल विकास भाग निदेशालय को पत्र भेजा गया है। फिलहाल उपलब्ध स्टाफ में योजनाओं का सुचारु संचालन हो रहा है।
- दिनेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी