{"_id":"683608e7cbb27ac2600da206","slug":"helpdesk-will-be-set-up-in-the-collectorate-officers-have-been-deployed-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1007-135577-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: कलेक्ट्रेट में बनेगी हेल्पडेस्क, अधिकारियों की हुई तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: कलेक्ट्रेट में बनेगी हेल्पडेस्क, अधिकारियों की हुई तैनाती
Wed, 28 May 2025 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 28 May 2025 12:18 AM IST
विज्ञापन
अधीक्षण अभियंता कार्यालय भवन अकबरपुर
अंबेडकरनगर। पूर्वांचल व दक्षिणांचल के निजीकरण प्रस्ताव के विरोध में बिजलीकर्मियों की ओर से 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जिले को जोन व सेक्टर में विभाजित कर एसडीएम की ड्यूटी लगाई गई है। कलेक्ट्रेट में हेल्प डेस्क बनाने के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
जिले के 41 उपकेंद्र के 120 से अधिक फीडरोंं के संचालन की जिम्मेदारी 928 ठेका कर्मियों के कंधों पर थी। इसमें से 385 की सेवा समाप्त कर दी गई है। शेष बचे 543 से बड़ी मुश्किल से बिजली आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में आगामी बृहस्पतिवार से निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो जाएगी।
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि किसी भी परिस्थिति में बिजली बाधित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए रणनीति के तहत जिले को पांच जोन व सेक्टर में बांट दिया गया है। संबंधित क्षेत्र के हर जोन की जिम्मेदारी एसडीएम की होगी। जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर की कमान सौंपी जा रही है। जिला प्रशासन आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों से इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त 500 से अधिक लोगों को बिजली घरों पर तैनात करने का दावा कर रहा हो, लेकिन बिना तकनीकी अनुभव के बिजली सप्लाई निर्बाध बनाए रखना मुश्किल लग रहा है।
विज्ञापन
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश यादव ने कार्य बहिष्कार में किसानों और व्यापारियों को भी शामिल होने का आह्वान किया है।
बिजली विभाग से वार्ता का दौर जारी
जिला प्रशासन की टीम बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर कार्मिकों समझाने का प्रयास कर रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि निजीकरण की प्रक्रिया में किसी को भी नौकरी से बाहर नहीं किया जाएगा। सभी एसडीएम को कर्मचारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को बिजली न आने पर पानी की सप्लाई को सुचारू रखने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
जिले के 41 उपकेंद्र के 120 से अधिक फीडरोंं के संचालन की जिम्मेदारी 928 ठेका कर्मियों के कंधों पर थी। इसमें से 385 की सेवा समाप्त कर दी गई है। शेष बचे 543 से बड़ी मुश्किल से बिजली आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में आगामी बृहस्पतिवार से निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो जाएगी।
विज्ञापन
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि किसी भी परिस्थिति में बिजली बाधित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए रणनीति के तहत जिले को पांच जोन व सेक्टर में बांट दिया गया है। संबंधित क्षेत्र के हर जोन की जिम्मेदारी एसडीएम की होगी। जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर की कमान सौंपी जा रही है। जिला प्रशासन आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों से इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त 500 से अधिक लोगों को बिजली घरों पर तैनात करने का दावा कर रहा हो, लेकिन बिना तकनीकी अनुभव के बिजली सप्लाई निर्बाध बनाए रखना मुश्किल लग रहा है।
विज्ञापन
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश यादव ने कार्य बहिष्कार में किसानों और व्यापारियों को भी शामिल होने का आह्वान किया है।
बिजली विभाग से वार्ता का दौर जारी
जिला प्रशासन की टीम बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर कार्मिकों समझाने का प्रयास कर रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि निजीकरण की प्रक्रिया में किसी को भी नौकरी से बाहर नहीं किया जाएगा। सभी एसडीएम को कर्मचारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को बिजली न आने पर पानी की सप्लाई को सुचारू रखने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।